महिलाएं अपने घर को सुंदर और साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करती हैं। चाहे वे वर्किंग महिलाएं हों या फिर हाउसवाइफ घर की छोटी-छोटी चीजों और साज-सज्जा के मामले में वे काफी ज्यादा ध्यान देती हैं। और बात अगर ड्रॉइंग रूम की हो तो कहने ही क्या, अपने घर की खूबसूरती शोकेस करने के लिए महिलाएं ड्रॉइंग रूम को करीने से सजाती हैं। ड्रॉइंग रूम में घर-परिवार के लोगों का ज्यादातर समय बीतता है। चाहें मेहमानों का गर्मजोशी के साथ स्वागत करना हो या फिर घर-परिवार के साथ फुर्सत का वक्त बिताना हो, ड्रॉइंग रूम में अक्सर घर के सदस्य एंजॉय करना पसंद करते हैं। मेहमानों को घर की सजावट देखकर ही आपके लाइफस्टाइल का अंदाजा हो जाता है। इसीलिए ड्रॉइंग रूम की सजावट बहुत मायने रखती है। आइए वास्तु एक्सपर्ट नरेश सिंगल से जान लेते हैं कि ड्रॉइंग रूम के वास्तु में किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

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  • आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि ड्रॉइंग रूम को किस दिशा में होना चाहिए, जिससे यह पारिवार के सदस्यों को शुभ फल प्रदान करे। प्रवेश द्वार की तरह ही ड्राइंग रूम की सही दिशा भी अति महत्वपूर्ण है। इसके लिए सर्वोचित स्थान उत्तर पूर्व है।
  • अगर आपके घर में ड्राइंगरूम उपरोक्त दिशाओं में न होकर दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम अथवा पश्चिम में है और उसे दूसरी जगह बनाने का विकल्प नहीं है तो भी आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए वास्तु में रेमिडी यानी उपायों का प्रावधान है। कुशल वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेकर ऐसे उपाय अपनाए जा सकते हैं और अपने घर का ड्रॉइंगरूम से संबंधित वास्तुदोष को दूर किया जा सकता हैं।
  • ड्रॉइंग रूम का इंटीरियर इस प्रकार का होना चाहिए कि वहां चलने-फिरने के लिए पर्याप्त जगह हो। ड्रॉइंग रूम में फर्नीचर दीवारों से सटाकर नहीं रखना चाहिए बल्कि उनके पीछे इतनी जगह जरूर छोड़नी चाहिए कि वहां हवा का प्रवाह बना रहे, जिससे कमरे में पर्याप्त ऊर्जा बनी रहे।
  • सोफा सेट को दक्षिण या पश्चिमी हिस्से की दीवार के पास रखें।
  • पानी के शो-पीस जैसे फाउंटेन या फिश-एक्वेरियम रूम के उत्तरी कोने में रखने चाहिए।
  • अग्नि एवं वायु एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं। अगर कमर में फायर प्लेस बनाना चाहते हैं तो उसे दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिमी भाग में बनाएं।
  • ड्राइंग रूम में प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त मात्रा में रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए कमरे की उत्तरी या पूर्वी दीवार में बड़ी खिड़कियां बनानी चाहिए।
  • ड्राइंगरूम की दीवारों पर रंग हल्के घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • दीवारों के रंग छत के रंग से अलग रखें। मसलन अगर दीवारों पर ऑफ व्हाइट या लाइट ग्रीन कलर का व्हाइट वॉश करा रही हैं तो छत पर सफेद रंग की पुताई करा सकती हैं।
  • ड्रॉइंग रूम में ऐसी कोई तस्वीरें या शो-पीस न हों, जो युद्ध मौत और गुस्से को दर्शाते हों। बहुत से लोग आर्टिस्टिक नेचर वाली ऐसी पेंटिंग्स को ड्रॉइंग रूम में रख लेते हैं, लेकिन इस तरह की चीजें ड्रॉइंग रूम में रखने से नेगेटिव एनर्जी का प्रवाह होने लगता है और घर में बिना किसी वजह से सदस्यों के बीच अनबन या मनमुटाव हो सकता है। 

तो ऊपर बताए गए इन वास्तु टिप्स का ध्यान रखें और अपने ड्रॉइंग रूम को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ उसमें हंसी-खुशी से रहना भी सुनिश्चित करें। अगर आप घर की सजावट, किचन, बेडरूम, बाथरूम, घर की डोर बेल आदि से जुड़े वास्तु के बारे में जानना चाहती हैं या फिर घर के कामों को आसान बनाने के लिए स्मार्ट तरीकों के बारे में पढ़ना चाहती हैं तो HerZindagi विजिट करने पर आप इस तरह की सभी जानकारियां हासिल कर सकती हैं।