'आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।

गले में बैजंती माला बजावैं मुरलि मधुर बाला॥

श्रवण में कुण्डल झलकाला नंद के आनंद नन्दलाला।' 

श्री कुंज बिहारी यानि कि श्री कृष्ण जी की आरती आपने जरूर सुनी होगी, इस आरती की शुरुआत में ही वैजयंती माला का जिक्र मिलता है। यह माला श्री कृष्ण को अति प्रिय है। मगर बहुत से लोग इस माला का महत्व नहीं जानते हैं और न ही उन्हें यह पता है कि वैजयंती माला धारण करने या फिर उसे घर पर रखने से क्या लाभ हो सकते हैं। 

हमने ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विशेषज्ञ शास्त्री विनोद सोनी पोद्दार से इस विशेष माला के विषय में बात की और यह जानने की कोशिश की कि वैजयंती माला क्‍यों महत्‍वपूर्ण हैं और व्यक्ति के जीवन को यह कैसे प्रभावित करती है। 

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पंडित जी इस माला के अद्भुत लाभ बताते हुए कहते हैं, 'वैजयंती एक पौधा होता है और इसी पौधे से यह माला तैयार की जाती है। आप इसके नाम से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यह माला हर कार्य में विजय दिलाने वाली होती है। श्री कृष्ण भी हर कार्य में विजय प्राप्त करते थे। ऐसे में यदि इस माला को आप धारण करते हैं या फिर अपने पास रखते हैं, तो आपको हर कार्य में सफलता प्राप्‍त होगी। जाहिर है, मेहनत तो करनी पड़ेगी मगर भाग्य हमेशा आपका साथ देगा।'

पंडित जी इस माला के अद्भुत लाभों के बारे में भी बताते हैं- 

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विवाह में आ रही रुकावट दूर होती है

अगर लंबे समय से विवाह में रुकावट आ रही है, तो जातक को केले के पेड़ का पूजन करना चाहिए और नियमित वैजयंती माला से 108 बार 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। कई बार राहु-केतु की दशा कुंडली में खराब होने की वजह से शादी में बाधा आती है, ऐसे में यह उपाय राहु-केतु को शांत करता है और शादी की बाधा को दूर करता है। 

मानसिक सुकून के लिए 

आपको बता दें कि इस माला को धारण करने भर से आपके अंदर और जहां भी आप प्रवेश करेंगे, वहां सकारात्‍मक ऊर्जा भी साथ-साथ प्रवेश करेगी। वहीं अगर आपके आस-पास नकारात्मक ऊर्जा कहीं भी होगी, तो वह दूर हो जाएगी। इस माला को धारण करने से आपको मानसिक सुकून  मिलेगा और कार्यक्षेत्र एवं समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। 

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आत्‍मविश्‍वास बढ़ाती है यह माला 

यह बात पहले ही बताई जा चुकी है कि वैजयंती माला धारण करने से सकारात्‍मक ऊर्जा का शरीर में भी प्रवेश होता है। ऐसे में अगर आपके दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं, तो वह समाप्त हो जाएंगे। जिन लोगों को मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है, उनके अंदर किसी भी कार्य को करने का आत्‍मविश्‍वास आएगा और हर क्षेत्र में उन्हें सफलता मिलेगी। 

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होती है धन की वर्षा 

श्री कृष्ण भगवान विष्णु का ही स्वरूप हैं और माता लक्ष्मी उनकी अर्धांगिनी हैं। ऐसे में भगवान श्री विष्णु को जो वस्‍तुएं अति प्रिय हैं, उन्हें अपने पास रखने पर देवी लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंडित जी कहते हैं, 'व्यापारियों को यह माला जरूर धारण करनी चाहिए। वहीं नौकरीपेशा लोग अपने कार्यस्थल पर इसे किसी पवित्र स्थान पर रख सकते हैं।' इससे व्यापार में तेजी और नौकरी में प्रमोशन मिलने के योग बनते हैं। 

दिमाग तेज होता है 

वैजयंती माला धारण करने से या अपने पास रखने से दिमाग तेज होता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और सही दिशा में सोचने की शक्ति प्राप्त होती है। ऐसा होने पर व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

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पंडित जी कहते हैं, 'यह माला आप शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को धारण कर सकते हैं। मगर इसे धारण करने से पहले विधि-विधान से माला की पूजा करें और 108 बार 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप जरूर करें। जिस दिन यह माला धारण करें, उसे दिन गरीबों में मीठा जरूर बाटें।' 

उम्मीद है कि श्री कृष्‍ण की वैजयंती माला से जुड़ी यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। इसी तरह और भी ज्‍योतिष शास्‍त्र से जुड़ी बातें जानने के लिए पढ़ती रहें हरजिंदगी।