
महिलाएं स्वभाव से काफी केयरिंग और इमोश्नल होती हैं। अक्सर वे अपने जानने वालों, आसपड़ोस के लोगों और अपने दोस्तों के लिए फिक्र करती रहती हैं। जरूरत पड़ने पर वे अपनी क्षमता से अधिक करने के लिए भी तत्पर रहती हैं। महिलाओं के इसी स्वभाव का फायदा उठाकर बहुत सारे लोग उनके सामने हितैषी होने का नाटक करते हैं और उन्हें अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसाकर अपना फायदा निकाल लेते हैं और उन्हें बड़ी मुसीबत में डाल देते हैं। इसमें पैसों की हेराफेरी से लेकर आपराधिक गतिविधियां तक शामिल होती हैं। ऐसे में सभी महिलाओं को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो अपना काम निकालने के लिए उनकी जरूरत से ज्यादा तारीफ करते हैं।
वैसे यह मानव स्वभाव है कि अगर कोई इंसान आपकी तारीफ करता है तो लोग भी उसे अपना समझने लगते हैं। गलत इरादे रखने वाले और धोखेबाज कई बार जरूरत से ज्यादा विनम्र और भोले-भाले का आवरण ओढ़कर महिलाओं को छलते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन लोगों से सतर्कता कैसे रखी जाए। दरअसल जब आप दूसरे की चिकनी चुपड़ी बातें सुनने के बाद अपनी तर्क क्षमता का इस्तेमाल नहीं करतीं तभी आप मुसीबत में फंसती हैं। अगर कोई व्यक्ति आपकी तारीफ करने के बाद आपसे कोई ऐसा काम करने को कहे, जो आप स्वाभाविक रूप से कतई नहीं करेंगी, जिसे करने में जोखिम और खतरा है, तो आपको उस व्यक्ति के हावभाव, उसकी मंशा, उसकी पृष्ठभूमि के बारे में बारीकी से विचार करना चाहिए। जब आप संदीजगी से इस बारे में सोचेंगी तो आपको आपकी गट फीलिंग से ही पता लग जाएगा कि दाल में कुछ काला है।
आपके सरल और सौम्य होने से आपके लिए किसी तरह का नुकसान नहीं है, बशर्ते झूठे और मक्कार लोगों के मायाजाल में ना फंसें। इसका सबसे आसान तरीका यह है कि आप किसी भी बाहरी व्यक्ति की बात का एकदम से यकीन नहीं करें। अगर आपके घर-परिवार के दूर-दराज के रिश्तेदार भी आपसे कुछ गोलमोल बातें कहें तो पहले उनकी परख करें, उसके बारे में अन्य लोगों से पूछें। जब आप अपनी तरफ से पूरी तरह से संतुष्टि कर लें और किसी तरह की परेशानी की बात नहीं हो तभी लोगों के लिए किसी तरह की मदद करें।

झूठ कितनी ही सफाई से क्यों ना बोला जाए, उसे एक सीमा से ज्यादा नहीं खींचा जा सकता। इसीलिए अगर आप पूरी एकाग्रता के साथ किसी की बातें सुन रहे हैं और उसमें किसी तरह का झोल होगा तो आपको उसका अंदाजा खुद-ब-खुद लग जाएगा। इससे आप उस व्यक्ति की मंशा का भी पता लगा सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति बेतकल्लुफी के साथ आपसे बात कर रहा है और उसके चेहरे पर भी किसी तरह का स्ट्रेस नहीं दिख रहा, इसका मतलब वह आपसे झूठ नहीं बोल रहा, लेकिन अगर उसके हाथ-पांव कांप रहे हैं, चेहरे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं या फिर वह बैठे-बैठे टांगे हिला रहा है तो समझ लीजिए कुछ तो गड़बड़ है। दरअसल जो व्यक्ति झूठ बोल रहा होता है, उसके मन में डर भी होता है और इसी डर के कारण उनकी बॉडी लैंग्वेज में इस तरह की नेगेटिव चीजें नजर आती हैं। कोई व्यक्ति हाथ-पांव खुजलाता है तो कोई सिर खुजाता है। ऐसे लोगों के साथ बातचीत में सजगता ही आपको उनसे आगे रख सकती है।
Read more : सेकंड करियर में आप किस तरह से बढ़ सकती हैं आगे, एक्सपर्ट से जानिए

बेहद शातिर और धूर्त किस्म के लोग अपनी बॉडी लैंग्वेज से आपको चकमा दे सकते हैं, लेकिन उनकी आंखों में अगर आप आंखें डालकर देखें तो वे एकबारगी अपनी आंखें आपसे जरूर चुराएंगे। दरअसल जब लोग आंखों में आंखें डालकर किसी से बात करते हैं तो उनके दिल में किसी तरह का मैल नहीं होता और ना ही दिल में डर, इसीलिए उनका आत्मविश्वास भी चरम पर होता है, लेकिन इस तरह की कुव्वत कायर और झूठे लोगों में नहीं होती। ऐसे में आप सच्चे और झूठे के बीच बहुत आसानी से फर्क कर सकती हैं।
अक्सर लोग झूठ बोलते हुए हड़बड़ा जाते हैं, लेकिन कई बार कोई व्यक्ति किसी दूसरे काम को जल्दी करने के लिए आतुर होने पर भी हड़बड़ी दिखा सकता है, ऐसे में उस व्यक्ति की बातचीत के अंदाज का देर तक आंकलन करें।
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।