Fri Sep 11, 2026 | Updated 11:08 PM IST

Hindu Rituals : ये 2 खास दिन हैं हाथ में बंधे कलावे को उतारने और बदलने के लिए शुभ

हिंदू धर्म में शुभ माने जाने वाले लाल रंगे के धागे जिसे कलावा या मौली भी कहा जाता है उसे बदलने के केवल 2 दिन ही शुभ होते हैं। 
Updated:- 2019-06-07, 10:35 IST
image

हिंदू धर्म में हाथ में बंधने वाले लाल रंग के कलावे या मौली का बहुत महत्व है। घर में पूजा पाठ हो या फिर कोई शुभ अवसर कलावा बांधना शुभ माना जाता है। इसे इतना शुभ और पवित्र माना जाता है कि कुछ लोग इसे रक्षा सूत्र की तरह पहनते हैं। क्योंकि यह सूती धागे का बना होता है इसलिए कुछ ही समय बाद यह ढीला और बदरंग हो जाता है। ऐसे में कई बार लोग इस बेकार समझ कर हाथों से उतार देते हैं। कई बार तो लोग इसे कभी उतार कर कहीं भी रख देते हैं। कई बार तो यह अपने आप ही खुलने लगता है। ऐसे में कलावे को किसी भी साथान पर किसी भी वक्त खेलना अशुभ माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में कलावे के महत्व को समझाया गया है। इसे उतारने और बदलने के दिन भी निश्चित किए गए है। इतना ही नहीं इसे किस हाथ में बांधा जाना शुभ होता है यह भी शास्त्रों में बताया गया है। 

how to tie kalawa

कब खोलें कलावा 

हिंदू धर्म जब भी घर में विशेष पूजा या फिर किसी हवन का आयोज होता है तो उसके संपन्न होने के बाद हाथों में मौली बांधी जाती है। इसका अर्थ होता है कि आप एक अच्छे कार्य साक्षी बने और प्रसाद के रूप में ईश्वर ने आपको सुरक्षकवच दिया है। मगर, लोग इसे कभी भी उतार कर कहीं भी रख देते हैं। आपको बता दें कि अगर आपको कलावे को उतारना है तो आपको मंगलवार और शनिवार को ही यह काम करना चाहिए। इसी दिन आप कलावा बदल भी सकती हैं। कलावे को हमेशा सात राउंड या 5 राउंड घुमाकर पहनना चाहिए। इसलिए अगर आपने हाथों में कलावा बांधा है तो आप 3,5,7 और विषम संख्या वाले दिन ही उतार भी सकती हैं। बस ध्यान रखें कि उस दिन मंगलवार या शनिवार हो। इसके अलावा किसी भी दिन न तो कलावा उतारें न बदलें। 

kalawa significance hindu dharma

किस हाथ में बांधें कलावा 

अगर महिला हैं तो आपको हमेशा सीधे यानी दाएं हाथ में कलावा बंधवाना चाहिए और अगर आप शादीशुदा है तो आपको बाएं यानी उल्टे हाथ में कलावा बंधवाना चाहिए। पुरुषों के साथ उल्टा होता है। इतना ही नहीं जब आप कलाई पर कलावा बंधवाएं तो आपके हाथों की मुट्ठी बंद होनी चाहिए। 

 

कितने तरह की होती हैं मौली 

कलावा 2 प्रकार का होता है, एक तीन धागों वाला होता है दूसरा 5 धागों वाला। तीन धागे वाले कलावे में लाल, पीला और हरा रंग होता है। वहीं यह तीन शक्तियों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक के तौर पर हाथों में बांधा जाता है। वहीं जो कलावा पांच धागों वाला होता है वह लाल, पला, हरा सफेद और नीले रंग का होता है। यह पंचदेवों का प्रतीक होता है। 

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।