31 जुलाई और 1 अगस्त को भारत में ईद-अल-अदा (ईद उल-अज़हा या बकरीद) मनाई जाएगी। इस त्योहार को लेकर दुनिया भर के लोगों की अलग-अलग राय है। हालांकि, इस त्योहार को लेकर कई भ्रांतियां मौजूद हैं, लेकिन फिर भी इसे बहुत ही खूबसूरत तरीके से मनाया जाता है। बकरीद को इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से 12वें महीने के 10वें दिन मनाया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इसे रमजान खत्म होने के 70 दिन बाद मनाया जाता है।

ईद-अल-अदा से जुड़ी कई बातें हैं जो अक्सर लोग नजरअंदाज़ कर जाते हैं। आज हम इस त्योहार से जुड़े कुछ खास फैक्ट्स की चर्चा करेंगे।

1. क्यों दी जाती है कुर्बानी-

ईद-अल-अदा में बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा है। दरअसल इसका सीधा ताल्लुक इब्राहिम से है। इस्लाम में ये मान्यता है कि अल्लाह के आदेश पर इब्राहिम ने अपने बेटे इस्माइल की बली चढ़ाने का फैसला किया था। उसकी भावनाएं बीच में न आ जाएं इसलिए उसने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब उसने आंखें खोलीं तो देखा कि उसका बेटा जीवित है और भेड़ की कुर्बानी दी गई है। तब से ही कुर्बानी का रिवाज बना और ये चलन में आ गया।

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2. गरीबों का ध्यान रखने की परंपरा-

ईद में सिर्फ कुर्बानी का महत्व नहीं होता है। जो मीट मिलता है वो तीन हिस्सों में डिवाइड किया जाता है। इसमें से सिर्फ एक हिस्सा ही परिवार वाले खाते हैं और अन्य दो में से एक दोस्तों और रिश्तेदारों में बाटा जाता है और दूसरा गरीबों को दान दिया जाता है।

3. खास नमाज-

ईद के दिन खास नमाज पढ़कर ही शुरुआत की जाती है। इस नमाज को सलत-उल-ईद कहा जाता है।

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4. ईद के व्यंजन-

हर देश में इस ईद में बनने वाले व्यंजन अलग हैं। कुर्बानी वाले जानवर का इस्तेमाल भी अलग तरह से किया जाता है। साऊदी अरब में आपको अलग पकवान मिलेंगे और मीट को नाश्ते में भी खाया जाएगा और पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र आदि में इसके रिवाज अलग हैं।

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5. दो हफ्तों तक चलता है त्योहार-

भारत में इस त्योहार को एक ही दिन मनाया जाता है, लेकिन तुर्की और कतर में ईद-अल-अदा 10 दिनों का त्योहार है जहां अलग-अलग रस्मों के साथ इसे मनाते हैं। यहीं साऊदी अरब में ये 14 दिनों यानि दो हफ्तों का त्योहार होता है।



इस ईद को त्याग से जोड़कर देखा जाता है और माना जाता है कि जिस तरह से पैगंबर इब्राहिम ने अपने बेटे की कुर्बानी अल्लाह के आदेश पर दे दी थी उसी तरह इंसान ये समझेगा कि औरों की भलाई और भाईचारे के लिए अपनी करीबी चीज़ की कुर्बानी देना जरूरी है। इस ईद को भी अन्य भारतीय त्योहारों की तरह बहुत अच्छे से मनाया जाता है। उम्मीद है कि ये त्योहार आपके लिए खुशियां लाएगा। ईद मुबारक।