World Mental Health Day 2026: मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है लोगों से जुड़ना, जानें इसके फायदे

दुनिया भर में अकेलापन, तनाव और आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए भी हर वर्ष नकारात्मक विचारों को दिमाग से बाहर करने के प्रति जागरूकता फैलाने और दिमागी सेहत दुरुस्त करने के लिए 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। अपनों का साथ हर व्यक्ति के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है। इससे मेंटल हेल्थ भी इंप्रूव होती है। मेलजोल का मेंटल हेल्थ पर क्या असर होता है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
लोगों से मिलने-जुलने पर मेंटल हेल्थ कैसे ठीक रहती है?
कई रिसर्च भी इस बात पर सहमति जताते हैं कि लोगों के साथ अधिक से अधिक जुड़ने की कोशिश करें। अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकियाट्री के अनुसार, मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं में इसलिए बढ़ोत्तरी हो रही है, क्योंकि लोग आपस में मिलते-जुलते नहीं हैं।
- घर-ऑफिस के काम से जब भी फुर्सत मिले, सगे-संबंधियों, परिचितों से मिलने की कोशिश करें।
- छुट्टी के दिनों में बैकलॉग निपटाने के बजाय लोगों से मिलें। लोगों से मिलने पर आपकी कई समस्याओं का निदान बातचीत से हो जाएगा।
- लोगों से बातचीत करते समय टीवी-फोन-लैपटॉप ऑफ रखें। दूर रह रहे लोगों से बात करने के लिए वॉट्सएप या दूसरे एप की मदद लें।
- आपने देखा होगा कि जब आप काम में अधिक व्यस्त रहते हैं, तो आपको किसी प्रकार का शारीरिक दर्द नहीं सताता क्योंकि सक्रिय रहने से न सिर्फ फिजि़कल हेल्थ, बल्कि मेंटल हेल्थ भी सही होती है।
- स्टडी बताती है कि जो लोग जीवन भर सक्रिय बने रहते हैं, उन्हें अल्ज़ाइमर, डिमेंशिया होने का जोखिम कम रहता है।
- स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार नई स्किल और नए काम सीखने से दिमागी सेहत अच्छी रहती है।
- पूबमेड सेंट्रल रिपोर्ट के मुताबिक, सामाजिक भलाई से जुड़े लोगों की मेंटल हेल्थ दुरुस्त रहती है। जरूरत पडने पर मदद करने से न सिर्फ दूसरों का भला होता है, बल्कि आपका दिमाग भी अच्छा महसूस करता है।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, कल की चिंता करने के बजाय आज के समय का भरपूर आनंद लें। कल क्या होगा, इस पर सोच-विचार न करें।
एक्सपर्ट की राय
दीक्षा दयाल, एचओडी इन न्यूट्रिशन एंड हेल्थ, सनर इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम का कहना है कि मैं इन सभी अध्ययनों से पूरी तरह सहमत हूं, क्योंकि मेंटल हेल्थ के लिए लोगों से कनेक्टेड रहना बहुत जरूरी है। साथ ही जितना आप नए लोगों से मिलकर उनके अनुभव और विचार शेयर करते हैं, उससे आपकी दिमागी सेहत अच्छी रहती है।
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