पीरियड पैंटी या पैड: हैवी फ्लो में क्या है बेहतर और किससे मिलती है ज्यादा सुरक्षा?

पीरियड पैंटी और सैनिटरी पैड में से हैवी ब्‍लीडिंग के लिए किससे ज्‍यादा सुरक्षा मिलेगी? इस आर्टिकल में दोनों के फायदे, नुकसान, सोखने की क्षमता और उपयोग के तरीकों के बारे में डॉ. चंचल शर्मा बता रही हैं।
Updated:- 2026-10-24, 12:00 IST
period panties vs pads which is better for heavy flow

आपने पीरियड पैंटी के विज्ञापन जरूर देखे होंगे, जिनमें इन्हें पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड का सुविधाजनक और किफायती विकल्प बताया जाता है, लेकिन क्या पीरियड पैंटी सच में सैनिटरी पैड से बेहतर होती है? खासकर उन महिलाओं के लिए जिन्हें पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है। आज के इस आर्टिकल में हम सैनिटरी पैड और पीरियड पैंटी के फायदे, नुकसान, सोखने की क्षमता और इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में जानेंगे। इसकी जानकारी दिल्‍ली की डॉ. चंचल शर्मा (Dr. Chanchal Sharma) दे रही हैं। वह आयुर्वेदिक स्त्री रोग (Gynecologist) और फर्टिलिटी एक्‍सपर्ट हैं।

पीरियड पैंटी क्या होती है?

पीरियड पैंटी एक खास तरह की अंडरवियर है, जिसे पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को सोखने के लिए डिजाइन किया जाता है। इसमें कई एब्जॉर्बेंट लेयर्स होती हैं, जो पीरियड्स के ब्‍लड को सोखने और कपड़ों पर दाग लगने से बचाने में मदद करती हैं।

इसका इस्तेमाल अकेले भी किया जा सकता है और जरूरत के अनुसार सैनिटरी पैड या अन्य पीरियड प्रोडक्ट्स के साथ भी किया जा सकता है। इसकी सोखने की क्षमता ब्रांड, डिजाइन और ब्लीडिंग की मात्रा के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

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पीरियड पैंटी या सैनिटरी पैड, कौन ज्यादा ब्‍लड सोखता है?

इसका जवाब हर महिला के लिए एक जैसा नहीं है। पीरियड पैंटी और सैनिटरी पैड, दोनों की सोखने की क्षमता उनके प्रकार और डिजाइन पर निर्भर करती है। पीरियड पैंटी की कुछ वैरायटी ज्यादा ब्लीडिंग के लिए बनाई जाती हैं, जबकि कुछ हल्की ब्लीडिंग के लिए सही होती हैं। इसी तरह सैनिटरी पैड भी अलग-अलग फ्लो के हिसाब से उपलब्ध होते हैं।

सैनिटरी पैड को आमतौर पर हर 2 से 4 घंटे में बदलने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर पैड पहले ही भर जाए या गीला महसूस हो, तो उसे पहले बदलना चाहिए। पीरियड पैंटी को कितने समय तक पहना जा सकता है, यह उसकी सोखने की क्षमता और ब्लीडिंग पर निर्भर करता है।

महिलाएं सैनिटरी पैड का इस्तेमाल क्यों करती हैं?

कई महिलाएं सैनिटरी पैड को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि इसे इस्तेमाल करना आसान है और इस्तेमाल के बाद डिस्पोज किया जा सकता है। सैनिटरी पैड कई एब्जॉर्बेंट लेयर्स से बने होते हैं, जिन्हें अंडरवियर पर चिपकाया जाता है। ये शरीर के बाहर ही पीरियड्स के ब्‍लड को सोखते हैं।

बाजार में रेगुलर पैड, मैक्सी पैड और ओवरनाइट पैड जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। महिलाएं अपनी ब्लीडिंग और जरूरत के हिसाब से इन्हें चुन सकती हैं। डॉक्टर डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, सैनिटरी पैड को नियमित रूप से बदलना जरूरी है, ताकि लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहने से होने वाली परेशानी और त्वचा में जलन के खतरे को कम किया जा सके।

pads

सैनिटरी पैड कितनी देर में बदलना चाहिए?

ज्यादा ब्लीडिंग के दौरान पैड हर 2 से 3 घंटे में या जरूरत पड़ने पर इससे पहले बदलें।
हल्की ब्लीडिंग के दौरान पैड को लंबे समय तक एक ही कंडीशन में न रखें। अपनी जरूरतनुसार बदलें।
रात में सोते समय जरूरतनुसार ओवरनाइट पैड का इस्तेमाल करें और सुबह उठने के बाद बदल लें।

सैनिटरी पैड या पीरियड पैंटी: क्या ज्यादा आरामदायक है?

आराम के मामले में पीरियड पैंटी कई महिलाओं को बेहतर लग सकती है, क्योंकि यह सामान्य अंडरवियर की तरह होती है। इसमें पैड की तरह अलग से चिपकने वाली लेयर नहीं होती, जिससे कुछ महिलाओं को चलने-फिरने में अधिक आराम मिलता है।

दूसरी ओर, सैनिटरी पैड उन महिलाओं के लिए सुविधाजनक हो सकते हैं, जो हर बार इस्तेमाल के बाद नया प्रोडक्ट लगाना पसंद करती हैं। हालांकि, पैड के कारण कुछ महिलाओं को त्वचा पर रगड़, खुजली या जलन हो सकती है। ऐसी परेशानी होने पर सही साइज और बिना खुशबू वाले प्रोडक्ट का चुनाव करना मददगार हो सकता है।

सैनिटरी पैड या पीरियड पैंटी: क्या ज्यादा सुविधाजनक है?

सुविधा आपकी दिनचर्या और पसंद पर निर्भर करती है। सैनिटरी पैड को इस्तेमाल के बाद फेंकना आसान होता है। इन्हें धोने या सुखाने की जरूरत नहीं होती। इसलिए, ट्रैवल के दौरान या व्यस्त दिनचर्या में ये एक सुविधाजनक विकल्प हो सकते हैं।

वहीं, पीरियड पैंटी को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल के बाद सही तरीके से धोना और पूरी तरह सुखाना जरूरी है। बाहर रहने के दौरान इस्तेमाल की गई पीरियड पैंटी को बदलने के लिए साफ एक्‍सट्रा पैंटी और इसे रखने के लिए अलग बैग की जरूरत पड़ सकती है।

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पीरियड पैंटी और सैनिटरी पैड चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?

पीरियड पैंटी या सैनिटरी पैड को चुनते समय आपको ब्‍लीडिंग की मात्रा, रूटीन, आराम जैसी चीजों को ध्‍यान में रखना चाहिए-

ध्‍यान दें  क्या चुनें?
ब्लीडिंग  फ्लो के अनुसार प्रोडक्ट चुनें।
रूटीन अपनी रूटीन के हिसाब से चुनें।
आराम  सही साइज और फैब्रिक चुनें।
पर्यावरण  दोबारा इस्तेमाल वाली पीरियड पैंटी चुनें।
देखभाल

 सुविधा न हो, तो डिस्पोजेबल पैड चुनें।

ब्लीडिंग की मात्रा- अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग होती है, तो हेवी-फ्लो पीरियड पैंटी या ज्यादा सोखने वाले सैनिटरी पैड चुन सकती हैं। जरूरत के अनुसार दोनों का एक साथ इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

आपका रूटीन- अगर आप लंबे समय तक घर से बाहर रहती हैं, तो अपने फ्लो के हिसाब से सही पीरियड प्रोडक्ट चुनें। ध्यान रखें कि किसी भी प्रोडक्ट को उसकी क्षमता से ज्यादा समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

आराम- अगर आपको पैड पहनने से रगड़ या असहजता महसूस होती है, तो पीरियड पैंटी आजमा सकती हैं। हालांकि, इसका सही साइज और फैब्रिक चुनना जरूरी है।

पर्यावरण- डिस्पोजेबल सैनिटरी पैड से कचरा पैदा होता है, जबकि पीरियड पैंटी को बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, सही देखभाल के साथ यह डिस्पोजेबल प्रोडक्ट्स की जरूरत कम करने में मदद कर सकती है।

धोने और सुखाने का समय- अगर आपके पास पीरियड पैंटी को धोने और पूरी तरह सुखाने का समय या सुविधा नहीं है, तो डिस्पोजेबल सैनिटरी पैड ज्यादा सुविधाजनक हो सकते हैं।

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एक्‍सपर्ट की राय

पीरियड पैंटी और सैनिटरी पैड में से किसे चुनना बेहतर है, यह आपकी ब्लीडिंग, आराम और रूटीन पर निर्भर करता है। दोनों ही विकल्प सही तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर मददगार हो सकते हैं।

अगर आपको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है, बार-बार पैड या पीरियड पैंटी बदलने की जरूरत पड़ती है या पीरियड्स के दौरान चक्कर और कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। याद रखें, पीरियड्स के दौरान सबसे जरूरी है कि आप अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रोडक्ट चुनें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।

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