Sat Sep 12, 2026 | Updated 01:53 AM IST

हर वक्त तनाव में रहने से शरीर को हो सकते हैं ये 12 नुकसान, ऐसे करें बचाव

मानसिक तनाव आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी आम समस्या है, पर जागरूकता के अभाव में अधिकतर लोग इसकी ओर ध्यान नहीं देते। अगर सही समय पर उपचार न किया जाए तो शारीरिक स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं यहां।
By Sakhi Digital | Edited By Pooja Sinha
Updated:- 2026-08-13, 17:20 IST
 how chronic stress can cause these health problems and prevention tips
Sakhi

आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी वजह से तनावग्रस्त नजर आता है। सब एक-दूसरे को यही सलाह देते हैं कि 'टेंशन मत लो, फिर भी हर शख्‍स अपनी-अपनी उलझनों की वजह से परेशान रहता है। कई बार तो लोग यह भी जान नहीं पाते कि उन्हें किस बात की वजह से स्ट्रेस हो रहा है, इसलिए सबसे पहले उस मनोदशा को समझना जरूरी है, जिसकी वजह व्यक्ति का मन तनावग्रस्त रहता है।

गहरी हैं समस्या की जड़ें

शरीर के अन्य हिस्सों की तरह ब्रेन को भी आराम की जरूरत होती है। जब इस पर कार्यक्षमता से अधिक दबाव पड़ता है तो यह उसके भार को वहन नहीं कर पाता। जब इसके न्यूरोट्रांसमीटर्स समस्याओं का हल ढूंढ़ते हुए थक जाते हैं तो सिरदर्द और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों के रूप में व्यक्ति का तनाव प्रकट होता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए तनाव का स्तर अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोग छोटी-छोटी बातों से तनावग्रस्त हो जाते हैं, तो कुछ बड़ी मुश्किलों से जरा भी नहीं घबराते और आसानी से उनका हल ढूंढ़ लेते हैं। इसके बारे में हमें डॉ. प्रवीण गुप्ता, एचओडी न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट, फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम बता रहे हैं।

stress can cause these health problems

तनाव पर सेहत पर प्रभाव

तनाव की वजह भले ही मनोवैज्ञानिक हो, लेकिन व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। हमारे शरीर में ब्रेन मास्टर कंप्यूटर की तरह काम करता है। जब व्यक्ति किसी वजह से तनावग्रस्त होता है तो इससे उसे कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं परेशान करने लगती हैं, जो इस प्रकार हैं :

समस्या तनाव का असर
अनिद्रा तनाव से नींद पर बुरा असर होता है और नींद आने में परेशानी हो सकती है।
सर्दी-जुकाम लंबे समय तक तनाव रहने से इम्यून सिस्टम पर बुरा असर होता है।
हाई ब्लड प्रेशर तनाव के दौरान हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
डायबिटीज तनाव ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।
श्वसन संबंधी समस्याएं तनाव सांसों की गति बढ़ा सकता है और अस्थमा के लक्षणों को खराब कर सकता है।
सिरदर्द/माइग्रेन तनाव सिरदर्द और माइग्रेन को बढ़ा सकता है।
मसल्‍स में दर्द तनाव से मसल्‍स में खिंचाव और गर्दन-कंधों में दर्द हो सकता है।
पाचन संबंधी समस्याएं तनाव से पेट पर बुरा असर होता है, जिससे पेट दर्द, कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
वजन बढ़ना तनाव से खाने की आदतों और शारीरिक गतिविधि पर असर पड़ता है, जिससे वजन बढ़ता है।
त्वचा संबंधी समस्याएं तनाव कुछ लोगों में मुंहासे और त्वचा संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
याददाश्त/एकाग्रता तनाव और खराब नींद से ध्यान लगाने और याद रखने में परेशानी हो सकती है।
प्रजनन स्वास्थ्य तनाव हार्मोनल और प्रजनन संबंधी कार्यों को भी प्रभावित कर सकता है।

तनाव से हो सकती हैं ये 12 समस्‍याएं

1. अनिद्रा: तनाव का सबसे पहला असर व्यक्ति की नींद पर पड़ता है। जब तनाव से लड़ने के लिए ब्रेन में मौजूद सिंपैथेटिक नर्वस ट्रांसमीटर अधिक सक्रिय जाते हैं, तो व्यक्ति को अनिद्रा की समस्या होती है।

2. सर्दी-ज़ुकाम और बुखार: जो लोग अकसर परेशान रहते हैं, उनके ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर्स तनाव से लड़कर नष्ट हो जाते हैं। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। यही वजह है कि तनाव होने पर सर्दी-ज़ुकाम और बुखार जैसी समस्याएं लोगों को बार-बार परेशान करती हैं।

3. हाई ब्लडप्रेशर: तनाव में शरीर की ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ऐसे में रक्त प्रवाह का तेज होना स्वाभाविक है, जिससे व्यक्ति का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। अगर सही समय पर इसे नियंत्रित न किया जाए तो यही समस्या हृदय रोग का भी कारण बन जाती है।

stress cause bp

4. डायबिटीज: तनाव की वजह से शुगर को ग्लूकोज में परिवर्तित करने वाले आवश्यक हार्मोन इंसुलिन के स्राव में रुकावट आती है और इससे ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है।

5. श्वसन-तंत्र संबंधी समस्याएं: तनाव की स्थिति में सांसों की गति बहुत तेज हो जाती है। इससे कई बार व्यक्ति में अस्थमा जैसे लक्षण आते हैं। अगर किसी को पहले से ही अस्थमा की समस्या हो तो तनाव इसे ज्‍यादा बढ़ा देता है।

6. माइग्रेन: प्रतिकूल स्थितियों साथ एडजस्टमेंट के लिए ब्रेन को ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे व्यक्ति को स्ट्रेस होता है। तनाव से लड़ने के लिए ब्रेन से कुछ खास तरह के केमिकल्स का स्राव होता है और उसकी नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे व्यक्ति को अस्थायी सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

7. स्पॉन्डिलाइटिस: जब व्यक्ति ज्‍यादा तनाव ग्रस्त होता है तब उसकी गर्दन की मसल्‍स अकड़ जाती हैं, जिससे उसे बहुत तेज दर्द होता है। मनोवैज्ञानिक कारणों से होने वाली ऐसी समस्या को एनाकोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है।

8. पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं: जब बहुत ज्‍यादा टेंशन में होता है तो उसकी प्रतिक्रिया स्वरूप आंतों से हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्राव असंतुलित ढंग से होने लगता है। ऐसी स्थिति में लोगों को आईबीएस (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) की समस्या हो जाता है। इससे पेट में दर्द, बदहजमी, लूज मोशन या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एसिड की अधिकता से लूज मोशन और उसकी कमी से कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

9. ओबेसिटी: लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं होता है, लेकिन तनाव की स्थिति में वे बार-बार फ्रिज खोलकर चॉकलेट, पेस्ट्री, मिठाइयां और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करने लगते हैं। इससे उनका वजन बढ़ जाता है।

how chronic stress can cause skin problems

10. त्वचा संबंधी समस्याएं: तनाव की वजह से व्यक्ति की त्वचा भी प्रभावित होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार जब व्यक्ति बहुत ज्‍यादा चिंतित होता है तो उसके शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल का स्राव बढ़ जाता है, जिससे व्यक्ति को त्वचा में जलन की समस्या हो सकती है। इससे बचाव के लिए यह हॉर्मोन, जो त्वचा की फैट ग्लैंड्स को एंटी-इंफ्लेमेटरी ऑयल के स्राव का निर्देश देता है। इसी वजह से तनाव वजह से कुछ लोगों को एक्ने और स्किन एलर्जी जैसी समस्याएं होती हैं।

11. डिमेंशिया: स्ट्रेस की वजह से जब व्यक्ति की नींद पूरी नहीं होती तो उसके ब्रेन में स्मृतियों का संग्रह नहीं हो पाता। जिससे रोजमर्रा के कामकाज में व्यक्ति छोटी-छोटी बातें भूलने लगता है। अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए तो बाद में यही समस्या अल्जाइमर का रूप धारण कर लेती है।

12. प्रजनन तंत्र पर प्रभाव: तनाव की वजह से व्यक्ति के शरीर में हार्मोन संबंधी असंतुलन पैदा होता है। इससे महिलाओं के पीरियड में अनियमितता और पुरुषों में प्रीमच्योर इजैक्युलेशन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- तनाव का 'तन और मन' पर क्या असर होता है? एक्सपर्ट से जानें

ऐसे करें स्ट्रेस मैनेजमेंट

तनाव कम होने से इन बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसलिए, आप स्‍ट्रेस को कम करने के लिए इन टिप्‍स को फॉलो कर सकती हैं।  

  • अपनी दिनचर्या सुधारें और पूरी नींद लें।
  • कार्यों की प्राथमिकता सूची बनाएं। सभी कार्यों को एक ही दिन में पूरा करने दबाव महसूस न करें। जो कार्य ज्‍यादा जरूरी न हो, उसे बेझिझक छोड़ दें।
  • किसी योग एक्‍सपर्ट से सीखकर कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज रेगुलर करें।
  • अगर दूसरों की हर बात पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने की आदत से बचें। अगर किसी की कोई बात आपको नापसंद हो, तब भी उस पर ओवररिएक्ट न करें।
  • अति परफेक्शन की आदत से बचें, क्योंकि इसकी वजह व्यक्ति को बहुत स्ट्रेस होता है।
  • किसी एक ही घटना या विषय के बारे में बारे में बार-बार न सोचें।
  • जहां तक संभव हो झूठ न बोलें और नहीं पीठ के पीछे दूसरों की बुराई करें। ऐसे आदतें बेवजह तनाव को जन्म देती हैं।
  • अपनी योग्यता और कार्यक्षमता की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य निर्धारित करें। अति महत्वाकांक्षा से दूर रहें क्योंकि यह भी तनाव का बहुत बड़ा कारण है।
  • जिंदगी के प्रति अपना नजरिया बदलें। अपनी खामियों के बारे में सोचकर दुखी होने के बजाय अपने अच्छे गुणों को पहचानकर उन्हें निखारने की कोशिश करें।

यह भी पढ़ें- दिमाग ही नहीं शरीर के इन हिस्सों में भी जमा होता है तनाव, एक्सपर्ट से समझें

IB203835_203835183901060_SM619157

पॉजिटिव स्ट्रेस को पहचानें

आमतौर पर तनाव को एक नकारात्मक मनोदशा के रूप में देखा जाता है, लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में सफलता हासिल करने के लिए थोड़ा तनाव जरूरी भी है और मनोवैज्ञानिक इसे पॉजिटिव स्ट्रेस का नाम देते हैं। आइए जानते हैं कि तनाव हमारे जीवन पर किस तरह सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है :

  • कुछ कार्यों में अच्छे प्रदर्शन के लिए थोड़ा होना जरूरी है। मसलन, खेल के मैदान, परीक्षा हॉल और स्टेज पर काम करते समय जब तक व्यक्ति के मन में थोड़ा तनाव नहीं होगा तो वह अच्छे ढंग से अपना कार्य पूरा नहीं कर पाएगा।
  • तनाव व्यक्ति को उसके लक्ष्य से भटकने नहीं देता और वह ज्यादा सही ढंग से काम कर पाता है।
  • अगर मन में थोड़ा स्ट्रेस हो तो वह हमें लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित करता है।
  • अंत में सबसे जरूरी बात यह है कि अति हर बात की बुरी होती है। इसलिए, किसी भी कार्य के लिए बहुत ज्यादा स्ट्रेस न लें।

अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

लेखक-विनीता

Image Credit: magnific.com

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।