क्या बार-बार एंटीबायोटिक लेने से कमजोर हो सकता है इम्यून सिस्टम? डॉक्टर से जानें सच

आजकल खुद से इलाज करने की आदत हमारे कल्चर का हिस्सा बन चुकी है, लेकिन अगर हम इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टरों की मानें, तो यह आदत फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। डॉक्टर अब चेतावनी दे रहे हैं कि इन दवाइयों को बिना जरूरत के बार-बार खाने से आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। अगर आपको भी बार-बार एंटीबायोटिक लेने की आदत हैं, तो इस आर्टिकल को एक बार जरूर पढ़ें। इस बारे में हमें हमें डॉ. मीनाक्षी जैन (प्रिंसिपल डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) विस्तार से बता रही हैं।

पेट का कनेक्शन- यहीं रहती है आपकी इम्यूनिटी
एंटीबायोटिक हमारी इम्यूनिटी को कैसे नुकसान पहुंचाती हैं, इसे समझने के लिए सबसे पहले हमें अपने पेट को समझना होगा। डॉक्टरों का कहना है कि हमारे शरीर का लगभग 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम पेट (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) में होता है। इसे पेट में मौजूद करोड़ों 'गुड बैक्टीरिया' चलाते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है।
जब आप कोई ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक (असरदार एंटीबायोटिक दवा) लेते हैं, तो वह एक मिसाइल की तरह काम करती है। वह बीमारी फैलाने वाले बैड बैक्टीरिया को तो मारती ही है, लेकिन साथ ही हमारे पेट के गुड और मददगार बैक्टीरिया को भी पूरी तरह खत्म कर देती है।
बार-बार बीमारियों की चपेट में आते हैं आप
जब आप बार-बार एंटीबायोटिक्स लेते हैं, तो पेट के इन गुड बैक्टीरिया को वापस ठीक होने का मौका ही नहीं मिलता। डॉक्टरों की भाषा में इस असंतुलन को 'डिस्बायोसिस' (Dysbiosis) कहते हैं। इसके कारण शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली सुस्त पड़ जाती है। नतीजा यह होता है कि बदलते मौसम में आप बार-बार बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। इसके अलावा, भारत में मानसून या सर्दियों के दौरान होने वाले ज्यादातर सर्दी-जुकाम वायरल (जैसे इन्फ्लूएंजा या डेंगू) होते हैं। एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया को मारती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता। इसलिए, वायरल बीमारी में इन्हें बेवजह खाने से शरीर सिर्फ एसिडिटी, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं।

इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में आज सबसे बड़ी चिंता एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की है। जब आप गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं या थोड़ा ठीक महसूस होने पर दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ देते हैं, तो सबसे मजबूत बैक्टीरिया बच जाते हैं और खुद को म्यूटेट करते हैं। समय के साथ ये 'सुपरबग्स' बन जाते हैं। इसका मतलब यह है कि भविष्य में जब भी किसी को टाइफाइड या यूरिन इंंफेक्शन (यूटीआई) जैसी बीमारियां होंगी, तो ये आम और सस्ती दवाइयां हम पर असर करना बंद कर देंगी।
यह भी पढ़ें- दर्द में अक्सर लेती है एंटीबायोटिक तो हो सकती हैं इस बीमारी की शिकार
परिवार की इम्यूनिटी को बचाने के तरीके
अपने परिवार की इम्यूनिटी को बचाने के लिए आपको इन बातों का खास ध्यान रखना होगा-
- खुद डॉक्टर न बनें- बिना डॉक्टर की सलाह और चेकअप के कभी भी मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदकर न खाएं।
- कोर्स पूरा करें- अगर डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो ठीक होने के बाद भी उसका कोर्स पूरा करें।
- पेट को दोबारा मजबूत बनाएं- एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के दौरान या बाद में हमारे पारंपरिक भारतीय प्रोबायोटिक्स जैसे- घर का बना दही, छाछ या फर्मेंटेड फूड जरूर खाएं, ताकि पेट के गुड बैक्टीरिया वापस आ सकें।
यह भी पढ़ें- हर बीमारी में एंटीबायोटिक खाना बन सकता है बड़ी परेशानी की वजह, जानें कैसे
हमारा इम्यून सिस्टम भगवान का दिया हुआ एक समझदार कवच है। बेवजह दवाइयां खाकर इसे कमजोर न करें। इसे अपना काम करने दें और एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सिर्फ आखिरी उपाय के तौर पर ही करें।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Images: magnific
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।