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क्या बार-बार एंटीबायोटिक लेने से कमजोर हो सकता है इम्यून सिस्टम? डॉक्टर से जानें सच

बार-बार एंटीबायोटिक लेने की आदत आपकी इम्‍यूनिटी को कमजोर कर सकती है, खासकर आंतों के गुड बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाकर। आइए इसके बारे में विस्‍तार से जानते हैं। 
Updated:- 2026-09-04, 20:30 IST
antibiotics side effects immune system

आजकल खुद से इलाज करने की आदत हमारे कल्चर का हिस्सा बन चुकी है, लेकिन अगर हम इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टरों की मानें, तो यह आदत फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। डॉक्टर अब चेतावनी दे रहे हैं कि इन दवाइयों को बिना जरूरत के बार-बार खाने से आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। अगर आपको भी बार-बार एंटीबायोटिक लेने की आदत हैं, तो इस आर्टिकल को एक बार जरूर पढ़ें। इस बारे में हमें हमें डॉ. मीनाक्षी जैन (प्रिंसिपल डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) विस्‍तार से बता रही हैं।

connection between immunity and antibiotic

पेट का कनेक्शन- यहीं रहती है आपकी इम्यूनिटी

एंटीबायोटिक हमारी इम्यूनिटी को कैसे नुकसान पहुंचाती हैं, इसे समझने के लिए सबसे पहले हमें अपने पेट को समझना होगा। डॉक्टरों का कहना है कि हमारे शरीर का लगभग 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम पेट (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) में होता है। इसे पेट में मौजूद करोड़ों 'गुड बैक्टीरिया' चलाते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है।

जब आप कोई ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक (असरदार एंटीबायोटिक दवा) लेते हैं, तो वह एक मिसाइल की तरह काम करती है। वह बीमारी फैलाने वाले बैड बैक्टीरिया को तो मारती ही है, लेकिन साथ ही हमारे पेट के गुड और मददगार बैक्टीरिया को भी पूरी तरह खत्म कर देती है।

बार-बार बीमारियों की चपेट में आते हैं आप

जब आप बार-बार एंटीबायोटिक्स लेते हैं, तो पेट के इन गुड बैक्टीरिया को वापस ठीक होने का मौका ही नहीं मिलता। डॉक्टरों की भाषा में इस असंतुलन को 'डिस्बायोसिस' (Dysbiosis) कहते हैं। इसके कारण शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली सुस्त पड़ जाती है। नतीजा यह होता है कि बदलते मौसम में आप बार-बार बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। इसके अलावा, भारत में मानसून या सर्दियों के दौरान होने वाले ज्यादातर सर्दी-जुकाम वायरल (जैसे इन्फ्लूएंजा या डेंगू) होते हैं। एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया को मारती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता। इसलिए, वायरल बीमारी में इन्हें बेवजह खाने से शरीर सिर्फ एसिडिटी, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्‍याएं परेशान करने लगती हैं।

weak immunity reasons

इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में आज सबसे बड़ी चिंता एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की है। जब आप गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं या थोड़ा ठीक महसूस होने पर दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ देते हैं, तो सबसे मजबूत बैक्टीरिया बच जाते हैं और खुद को म्यूटेट करते हैं। समय के साथ ये 'सुपरबग्स' बन जाते हैं। इसका मतलब यह है कि भविष्य में जब भी किसी को टाइफाइड या यूरिन इंंफेक्‍शन (यूटीआई) जैसी बीमारियां होंगी, तो ये आम और सस्ती दवाइयां हम पर असर करना बंद कर देंगी।

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परिवार की इम्यूनिटी को बचाने के तरीके

अपने पर‍िवार की इम्‍यूनिटी को बचाने के लिए आपको इन बातों का खास ध्यान रखना होगा-

  • खुद डॉक्टर न बनें- बिना डॉक्टर की सलाह और चेकअप के कभी भी मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदकर न खाएं।
  • कोर्स पूरा करें- अगर डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो ठीक होने के बाद भी उसका कोर्स पूरा करें।
  • पेट को दोबारा मजबूत बनाएं- एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के दौरान या बाद में हमारे पारंपरिक भारतीय प्रोबायोटिक्स जैसे- घर का बना दही, छाछ या फर्मेंटेड फूड जरूर खाएं, ताकि पेट के गुड बैक्टीरिया वापस आ सकें।

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हमारा इम्यून सिस्टम भगवान का दिया हुआ एक समझदार कवच है। बेवजह दवाइयां खाकर इसे कमजोर न करें। इसे अपना काम करने दें और एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सिर्फ आखिरी उपाय के तौर पर ही करें।

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Images: magnific

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