बच्चों के लिए क्या एंटीबायोटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए हानिकारक हैं?

आजकल बच्चों को मामूली बीमारी में भी एंटीबायोटिक देना आम बात हो गई है, लेकिन यह चिंता की बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि एंटीबायोटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल या बिना सोच-समझ के देना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।
एंटीबायोटिक दवाएं जरूर बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को ठीक करने में मदद करती हैं, लेकिन अगर इन्हें बार-बार या गलत तरीके से दिया जाए, तो शरीर पर उल्टा असर पड़ सकता है। यहां हम आपको ऐसे कारण बता रहे हैं, जिनसे समझ में आएगा कि बच्चों को एंटीबायोटिक देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना और सोच-समझकर इस्तेमाल करना क्यों जरूरी है।
इस विषय के बारे में विस्तार से जीवन कसारा ने जानकारी को सांझा किया। बता दें जीवन कसारा स्टेरिस हेल्थकेयर की निदेशक और सीईओ हैं।
एंटीबायोटिक दवाएं हो जाएंगी बेअसर

जब बच्चों को बार-बार एंटीबायोटिक दी जाती हैं, तो कुछ बैक्टीरिया इनसे लड़ना सीख जाते हैं। इससे दवा काम नहीं करती और मामूली संक्रमण भी खतरनाक बन जाते हैं।
इसे जरूर पढ़ें- क्या लंबे वक्त तक बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से बाद में प्रेग्नेंट होना मुश्किल होता है? जानें क्या है डॉक्टर का कहना
ताकत कम हो जाती है
अगर हर बार बच्चों को दवा दी जाए, तो शरीर को खुद बीमारी से लड़ने का मौका नहीं मिल पाता। इससे बच्चे का इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है और वो बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।
पाचन खराब हो सकता है
एंटीबायोटिक दवाई सिर्फ बुरे बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देती है। इसमें वो बैक्टीरिया भी होते हैं, जो पेट को ठीक रखने में मदद करते हैं। इससे पेट दर्द, गैस या अपच की दिक्कतें हो सकती हैं।
एलर्जी का खतरा बढ़ता है
-1745934597325.jpg)
कुछ बच्चों को एंटीबायोटिक से रैश, खुजली या सांस लेने में परेशानी जैसी एलर्जी हो सकती है। इसलिए बेहतर है उन्हें न दें और अगर दे रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह पर दें।
वायरल बीमारी में फायदा नहीं होता
सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक काम नहीं करती। फिर भी अगर दी जाए, तो वो सिर्फ नुकसान ही करती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप इस दवा को अपने बच्चों को न दें।
पेट दर्द जैसे साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं
दवा की वजह से बच्चों को मतली, उल्टी, पेट दर्द या चकत्ते जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कुछ मामलों में ये लक्षण हल्के होते हैं और खुद ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर ये ज्यादा बढ़ जाएं या बच्चे को बहुत परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बार-बार बीमारी होने लगती है
जब दवा की आदत लग जाती है, तो शरीर बिना दवा के ठीक नहीं हो पाता और बार-बार संक्रमण होते रहते हैं। फिर ऐसा होने लगता है कि थोड़ी सी बीमारी में भी बिना दवा के वह ठीक नहीं हो पाता।
शरीर को सही पोषक तत्व नहीं मिलते

पेट में अच्छे बैक्टीरिया खत्म होने से खाने से मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स सही से शरीर में नहीं पहुंच पाते, जिससे बच्चे की ग्रोथ रुक सकती है। इसके कारण बच्चे की ऊर्जा स्तर, विकास और बढ़त पर असर पड़ सकता है।
इसे जरूर पढ़ें- क्या दांत सड़ने से कैंसर हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें जवाब
इम्यून सिस्टम कमजोर रह जाता है
हर बार दवा देने से बच्चे की इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती, जिससे बड़े होकर भी वो बीमारियों के प्रति कमजोर रहते हैं।
(यह लेख जीवन कसारा के द्वारा लिखा गया है)
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो, तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
Image@freepik
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।