Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:41 PM IST

मिलिए भारत की पहली महिला कमर्शियल पायलट से, आसमान से ऊंचे थे इनके हौंसले

भारत की पहली महिला कमर्शियल पायलट प्रेम माथुर से मिलें जिन्होंने ऊंचाइयों को सलाम कर 38 की उम्र के बाद अपना करियर शुरू किया। 
Updated:- 2022-08-01, 19:39 IST
image

आज़ाद भारत में ऐसी कई महिलाएं रही हैं जिन्होंने अपने दम-खम और अक्लमंदी से देश की दिशा को बदलने में मदद की है। हर फील्ड में इन महिलाओं ने कुछ खास किया है और अपने-अपने तरीके से माहौल को बेहतर बनाने और तरक्की में साथ देने की कोशिश की है। हरजिंदगी आजादी के 75 सालों में ऐसी ही 75 बेमिसाल महिलाओं के बारे में आपको कुछ ना कुछ बता रही है। ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी-अपनी फील्ड में किसी खास काम की पहल कर इतिहास गढ़ने में मदद की है। इसी कड़ी में हम आज आपको बताने जा रहे हैं पहली महिला कमर्शियल पायलट प्रेम माथुर के बारे में। 

शायद आपको याद होगा कि कुछ सालों पहले एयर इंडिया ने ऑल वुमन क्रू वाली फ्लाइट चलाई थी। उसके बाद से कई सारे एयरलाइन ऑपरेटर्स ने ऐसा किया था। अधिकतर महिलाओं को एविएशन फील्ड में पुरुषों का वर्चस्व होता है पर महिलाओं को एयरहोस्टेस जैसी जॉब्स के लिए ही चुना जाता है। पर प्रेम माथुर ने इसे बदल दिया। उन्होंने अपने कंफर्ट लेवल पर नहीं बल्कि अपने सपनों की उड़ान पर भरोसा किया। 

इसे जरूर पढ़ें- आजादी के सालों बाद भारत को मिली उसकी पहली महिला लोकसभा स्पीकर, जानें कौन हैं मीरा कुमार

कौन हैं प्रेम माथुर?

कैप्टन प्रेम माथुर का जन्म 1910 में हुआ था और वो भारत की पहली महिला थीं जो एक कमर्शियल प्लेन उड़ाती थीं। उस वक्त एयरलाइन्स किसी महिला को बतौर पायलट नौकरी देने का मन नहीं बना रही थीं। प्रेम माथुर को 8 एयरलाइन्स से रिजेक्शन मिला और उसके बाद 1947 में आजादी के खुमार में उनके पास एक फोनकॉल आया जिसने सब कुछ बदल कर रख दिया। 

first woman commercial pilot of india

ये फोन था डेक्कन एयरलाइंस से जिसने हैदराबाद से अपना ऑपरेशन शुरू किया था। 38 साल की उम्र में उन्हें जॉब मिली और वो पहली महिला कमर्शियल को-पायलट बनीं। 

इंदिरा गांधी से लेकर लेडी माउंटबेटन को करवाई सैर

पहली महिला कमर्शियल पायलट होने के कारण प्रेम माथुर को उस दौर के दिग्गजों को आसमान की सैर करवाने का मौका मिला। उन्होंने इंदिरा गांधी से लेकर लेडी माउंटबेटन तक को सैर करवाई। 1949 में अपना लाइसेंस मिलने के बस दो साल बाद ही उन्होंने नेशनल एयर रेस जीती।  

prem mathur commercial women pilot of india

कॉन्फिडेंस मिलने के बाद उन्होंने एयरलाइन्स को कहा कि उन्हें इंचार्ज बनाया जाए, लेकिन उस दौर में उन्हें जवाब मिला कि, 'अगर लोगों को पता चला कि महिला पायलट है तो वो भाग जाएंगे।' जब उन्हें पता चला कि उन्हें अकेले नहीं प्लेन उड़ाने दिया जाएगा तो वो दिल्ली चली गईं और बिरला प्राइवेट जेट पायलट बनीं। इसके कुछ सालों बाद उन्होंने एयर इंडिया ज्वाइन कर ली।  

इसे जरूर पढ़ें- 6 बार विश्व चैंपियन बनने वाली दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज मैरी कॉम की कहानी है बेहद इंस्पायरिंग, जानें उनके बारे में  

उन्होंने अपने करियर में बहुत सी दिक्कतों का सामना किया। उन्हें महिला होने के कारण आगे बढ़ने नहीं दिया गया। इंटरव्यू के दौरान उनसे तरह-तरह के सवाल पूछे जाते थे। वो अपने दम-खम से इसका जवाब देती थीं और आगे बढ़ती थीं।  

प्रेम माथुर ने उस उम्र में अपने सपनों को जिया जिस उम्र को लोग बुढ़ापे की शुरुआत मान लेते हैं। प्रेम माथुर की शादी हरी कृष्ण माथुर से हुई थी और उनके पति ने भी उनका पूरा साथ दिया। 82 साल की उम्र में कैप्टन प्रेम माथुर का देहांत 22 दिसंबर 1992 को हुआ था।  

प्रेम माथुर के जज्बे को सलाम। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। 

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।