दिल में कुछ कर गुजरने की चाह और दूसरों से अलग हटकर कुछ नया मुकाम हासिल करने का जज्बा कुछ लोगों को दुनिया में एक अलग जगह दिलाता है। अक्सर लोगों को कठिनाइयों को देखकर अपना रास्ता बदलते हुए देखा गया है। लेकिन जो जोग संघर्षों से बिना डरे हुए निरंतर आगे बढ़ते हैं और उपलब्धियों की हासिल करने की चाह रखते हैं उन्हें सफलता जरूर मिलती है। कुछ ऐसी ही संघर्ष की कहानी है जानी मानी न्यूट्रिशन और डाइट एक्सपर्ट स्वाति बथवाल की।

जब भी आप अपनी डाइट को मैनेज करने के बारे में सोचते हैं डाइट एक्सपर्ट स्वाति बथवाल का नाम जरूर दिमाग में आता है। स्वाति बथवाल आज भले ही एक जानी मानी न्यूट्रिशनिस्ट हैं लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और कभी हार ना मानने का जज्बा है। आइए जानें उनके अब तक के सफर और सफलता की कहानी।

कैसा था स्वाति बथवाल का बचपन

swati childhood

स्वाति बथवाल का जन्म एक छोटे से शहर रांची में हुआ। रांची में लोगों के लिए खासतौर पर लड़कियों के लिए एजुकेशन बहुत अच्छी जरूर थी लेकिन उस समय रची लड़कियों के लिए बहुत ज्यादा सेफ नहीं था। लड़कियों को घर से ज्यादा देर के लिए बाहर निकलने से लेकर उनका दूर पढ़ाई के लिए भी जाना सुरक्षित नहीं था। ऐसे में स्वाति के पूरे परिवार ने उन्हें पढ़ाई के लिए सपोर्ट किया। उनका पूरा परिवार शिक्षित था इसलिए स्वाति को भी पढ़ने के लिए बोर्डिंग भेजा गया। बोर्डिंग स्कूल में ही उनकी पूरी शिक्षा हुई। स्वाति की मम्मी भी काफी पढ़ी लिखी हैं और वो वकील होने के साथ अपना बिज़नेस चलाती हैं। उनके पिता एक साइंटिस्ट थे जो आई आई टी खड़कपुर से पढ़े हुए थे।

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शिक्षा में स्वाति बथवाल को मिला पेरेंट्स का सपोर्ट

स्वाति बथवाल की फैमिली एक राजस्थानी ट्रेडिशनल फैमिली है लेकिन उनके परिवार में पैरेंट्स का सपोर्ट हमेशा उन्हें और उनकी बहन को मिला। स्वाति को बायोकेमिस्ट्री पढ़नी अच्छी लगती थी। इसलिए वो पढ़ाई के साथ अपने साथ के लोगों को बायोकेमिस्ट्री की ट्यूशन भी पढ़ाती थीं। इस तरह उन्हें बारवीं की परीक्षा पास की और मेडिकल इंटरेंस में भी उनका सेलेक्शन हो गया। लेकिन स्वाति कुछ और करना चाहती थीं और उन्होंने न्यूट्रिशनिस्ट बनने के लिए मेडिकल छोड़ दिया। अपना ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया और साथ में बायोकेमिस्ट्री के लिए ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया और वो सेलेक्ट होने वाले 7 लोगों में से एक थीं। उन्हें उस समय भी पेरेंट्स का पूरा सपोर्ट मिला और उन्होंने वहां से न्यूट्रिशन और पब्लिक हेल्थ में मास्टर्स किया। (हेल्दी लाइफस्टाइल के टिप्स )

पढ़ाई के साथ करती थीं काम

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ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के साथ स्वाति काम भी करती थीं। जिसमें उन्होंने अपनी जीविका के लिए कई तरह के काम किये। ऑस्ट्रेलिया में उन्हें भारतीय होने की वजह से उनके विषय में फेल कर दिया गया और वो वापस भारत आ गयीं। उनके भारत आने के बाद उनके पेरेंट्स ने उन्हें शादी करने के लिए कहा। लेकिन स्वाति शादी के लिए तैयार नहीं थीं। शायद ये एक ऐसा समय था जब उन्हें पेरेंट्स का सपोर्ट नहीं मिला और वो घर छोड़कर दोबारा ऑस्ट्रेलिया चली गयीं। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने दोबारा अपना कोर्स अच्छे अंकों से पास किया। उनके लिए ये थोड़ा संघर्ष वाला समय था क्योंकि उस समय वो अपने पैरेंट्स से भी बात नहीं कर पाती थीं। स्वाति को कुछ दिनों के बाद ऑस्ट्रेलिया की सिटीजनशिप मिल गयी और एक इंस्टीट्यूट में काम किया। उन्होंने कई अन्य डाइटीशियन को भी ट्रेनिंग दी और एक स्पोर्ट्स का कोर्स करने के बाद स्पोर्ट्स अकादमी ज्वाइन कर ली। स्वाति ने ऑस्ट्रेलिया के कई स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट में डाइट एक्सपर्ट की तरह काम किया और उन्होंने वहां की जूनियर क्रिकेट टीम में भी कुछ दिनों तक डाइट एक्सपर्ट की तरह काम किया।

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क्या हैं स्वाति बथवाल की उपलब्धियां

स्वाति एक जानी मानी सेलिब्रिटी डाइट एक्सपर्ट तो हैं ही और वो एक लेखक भी हैं  स्वाति देश की इकलौती डाइटिशियन हैं, जिन्होंने प्रेसिडेंट हाउस इंडिया में प्रेसिडेंट एस्टेट क्लिनिक में स्वेच्छा से काम किया है। वो कई पब्लिशिंग हाउसेस में अपनी आर्टिकल्स साझा करती हैं जिसमें हर ज़िन्दगी, ओनली माई हेल्थ, NDTV, इंटरनेशनल बिज़नेस टाइम, टाइम्स ऑफ़ इंडिया मुख्य रूप से शामिल हैं। स्वाति FIT India की Ambassador भी हैं। वह पीवी सिंधु, रोहन बोपना, रामजी श्रीनिवासन और कई अन्य मान्यता प्राप्त एथलीट के साथ स्पोर्ट्स पैनल डिस्कशन में भी रह चुकी हैं।

स्वाति को किन चीज़ों से मिलती है प्रेरणा

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छोटी उम्र से ही स्वाति को हमेशा भोजन और डाइट का शौक रहा है। स्वाति का मानना है कि उनकी बचपन से ही डाइट एक्सपर्ट बनने की चाह थी जो उन्हें उन्नति के मुकाम तक पहुंचा सकीय। सिर्फ डायटेटिक्स और डाइट के लिए अपने प्यार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने मेडिकल स्कूल तक छोड़ दिया। उसका यह जुनून उनके सपने को साकार करने में सफल हुआ। उन्हें मुख्य रूप से अपनी मां से और पिता से प्रेरणा मिलती है जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्हें एक सपोर्टिव जीवनसाथी भी मिले और इन सभी की प्रेरणा से स्वाति आज न सिर्फ देश की बल्कि विदेशों की भी जानी मानी डाइट एक्सपर्ट में से एक हैं। स्वाति का मानना है कि उन्होंने बहुत कुछ अपने पास आने वाले मरीज़ों से सीखा है और अभी भी कई चीज़ों की प्रेरणा उनसे बात-चीत करके ही लेती हैं।

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महिलाओं के लिए स्वाति का ख़ास सन्देश

स्वाति बथवाल महिलाओं को एक सन्देश देते हुए कहती हैं कि एक महिला अपने घर की पूरी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाती है और निरंतर अपने परिवार के लिए संघर्ष करती है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक वो काम करती है। ऐसे में महिला को अपनी सेहत का ध्यान जरूर देना चाहिए। आमतौर पर महिलाएं अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करती हैं और समय पर खाना भी नहीं खाती हैं। इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है और वो किसी बीमारी की चपेट में आ जाती हैं। लेकिन महिलाओं का शरीर ऐसा होता है जिसमें सबसे ज्यादा परिवर्तन होते हैं इसलिए उन्हें डाइट और हेल्थ का ध्यान जरूर रखना चाहिए। ऐसा करके वो खुद भी स्वास्थ्य रहेंगी और अपने पूरे परिवार को भी स्वस्थ रख सकती हैं।(इन टिप्स से रहें हेल्दी )

अपने आस पास अवसर देखो

स्वाति का मानना है कि अवसर कभी भी खुद चलकर किसी के पास नहीं आता है। अगर आप अपने आस-पास के माहौल में अवसर ढूढेंगी तो जरूर आपको सफलता मिलेगी।

वास्तव में स्वाति बथवाल हम सभी को प्रेरणा देती हैं और सभी महिलाओं को हमेशा अपनी हेल्थ का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ने की सलाह देती हैं।

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Image Credit:instagram.com @swatibathwal