भारत की महिलाएं आज हर एक क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर हैं। शिक्षा और खेल के साथ भारत की सुरक्षा के लिए भी समर्पित महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर आगे बढ़ती जा रही हैं। ऐसी ही महिलाओं में से हैं भारत की आर्मी में हाल ही में प्रोमोट हुई 5 महिला ऑफिसर्स। 

आपको बता दें, कि महिलाओं के हुनर को देखते हुए इस बार पहली बार इंडियन आर्मी ने 5 महिला आर्मी ऑफिसर को कर्नल रैंक के लिए प्रमोट किया है। यह कदम भारतीय सेना के लिए लिंग समानता के दृष्टिकोण को भी परिभाषित करता है। आइए जानें कौन हैं ये महिलाएं और कैसे लिया गया उनके प्रमोशन का निर्णय। 

महिलाओं के लिए भारतीय सेना ने लिया फैसला 

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भारतीय सेना ने सर्विस के 26 साल पूरे होने के बाद 5 महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत किया है। यह पहली बार हुआ है कि कोर ऑफ सिग्नल, कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स और कोर ऑफ इंजीनियर्स के साथ सर्विस में रहते हुए महिला अधिकारियों को कर्नल के पद पर मंजूरी दी मिली है। इससे पहले कर्नल के पद पर प्रमोशन केवल आर्मी मेडिकल कोर, जज एडवोकेट जनरल और सेना शिक्षा कोर में महिला अधिकारियों के लिए लागू होता था। भारतीय सेना ने 23 अगस्त, सोमवार को महिला अधिकारियों को टाइम स्केल कर्नल रैंक प्रदान की है। 

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कौन हैं ये 5 महिला आर्मी ऑफिसर्स 

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कर्नल टाइम सीकेएल रैंक के लिए चुनी गई पांच महिला अधिकारियों में कोर ऑफ सिग्नल से लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सरदाना, ईएमई कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल सोनिया आनंद और लेफ्टिनेंट कर्नल नवनीत दुग्गल और कोर ऑफ इंजीनियर्स से लेफ्टिनेंट कर्नल रीनू खन्ना और लेफ्टिनेंट कर्नल रिचा सागर हैं। यह पहली बार है कि कोर ऑफ सिग्नल, कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स और कोर ऑफ इंजीनियर्स के साथ सेवारत महिला अधिकारियों को कर्नल के पद पर मंजूरी दी गई है।

ANI ने ट्वीट कर दी जानकारी 

समाचार एजेंसी ANI ने ट्वीट करके ये जानकारी दी है कि भारतीय सेना के एक चयन बोर्ड ने गणना योग्य सेवा के 26 साल पूरे होने के बाद पांच महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत करने का रास्ता साफ कर दिया है। 

महिलाओं को मिले नए अवसर 

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इंडियन आर्मी में अभी तक कर्नल पद के लिए पुरुषों की ही नियुक्ति की जाती थी लेकिन आर्मी के इस निर्णय के बाद से ही महिलाओं को नए अवसर मिलने शुरू हो गए हैं।  इंडियन आर्मी की ज्यादातर शाखाओं से से महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के निर्णय के साथ, यह कदम एक जेंडर-न्यूट्रल आर्मी के प्रति भारतीय सेना के दृष्टिकोण को परिभाषित करता है। 

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NDA  एंट्रेंस एग्जाम की मिली अनुमति 

आपको बता दें कि हाल ही में लिए गए एक निर्णय के अनुसार महिलाओं को अब NDA  एंट्रेंस एग्जाम में भी हिस्सा लेने की अनुमति दी जा रही है। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया है कि महिला अभ्यर्थियों को राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा में भी हिस्सा लेने देना चाहिए। यह परीक्षा आगामी 5 सितम्बर को होने वाली है। 

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इस साल महिलाओं के पक्ष में लिए गए ऐसे निर्णय वास्तव में महिलाओं के हुनर के साथ उन्हें मिलने वाले पूर्ण सहयोग की ओर भी इशारा करते हैं। हम सभी को इन योग्य और बहादुर आर्मी ऑफिसर महिलाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए। 

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