बॉलीवुड एक्‍ट्रेस काजोल की मां तनुजा की तबीयत थोड़े दिन पहले अचानक से खराब हो गई थी। ऐसे में 75 साल की तनुजा को पेट में दर्द की शिकायत के चलते हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। उनको डायवर्टीकुलिटिस नाम की बीमारी है। तनुजा की सर्जरी हो चुकी है और अब वह बिल्‍कुल ठीक हैं। एक्‍ट्रेस काजोल ने सर्जरी के बाद अपनी मां की फोटो इंस्‍टाग्राम पर शेयर की हैं। इस फोटो को शेयर करते हुए कैप्‍शन में काजोल ने अपने फैंस को इस मुश्किल टाइम में उनका साथ देने के लिए धन्‍यवाद लिखा है, साथ ही ये भी लिखा कि जिनकी दुआओं और प्रार्थनाओं में हम रहें। यह मुस्कान जो आप देख रहे हो, उसके लिए  मैं आपकी आभारी हूं।

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस काजोल पर कुछ दिनों पहले मानो दुख के बादल मंडरा रहे थे। कुछ दिनों पहले अजय देवगन के पिता यानि काजोल के ससुर महान डायरेकटर वीरू देवगन का निधन हो गया था। और उसके बाद अपने समय की सुपरहिट एक्‍ट्रेस और काजोल की मां तनुजा हॉस्पिटल में एडमिट हो गई थी। लेकिन अब तनुजा बिल्‍कुल ठीक हैं और उसके पेट की सर्जरी सफलतापूर्वक हो गई हैं। 

इसे जरूर पढ़ें: जनरेशन गैप पर ये है कहना है काजोल का - मेरी मां ने मुझे बहुत छूट दी थी, मुझमें इतनी हिम्मत नहीं है

tanuja kajol bollywood

काजोल ने मां तनुजा के साथ जो फोटो शेयर की है। हालांकि तनुजा इसमे बेहद कमजोर नजर आ रही हैं, लेकिन उनके चेहरे की हंसी बता रही है कि वे पहले से काफी ठीक हैं। तनुजा की देखभाल उनकी दोनों बेटियां काजोल और तनीषा कर रही हैं। आइए तनुजा की इस बीमारी के बारे में विस्‍तार से जानें।

डायवर्टीकुलिटिस से परेशान थीं तनुजा

75 साल की तनुजा को डायवर्टिकुला बीमारी की वजह से पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। जिसके बाद उनकी पेट की सर्जरी की गई। डायवर्टिकुला एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंतों में सूजन आ जाती है। डायवर्टिकुला की वजह से पेट दर्द के अलावा, डायरिया और बुखार की समस्या हो होती है।

kajol mother tanuja sister

क्या है डायवर्टीकुलिटिस?

डायवर्टीकुलिटिस बड़ी आंत (कोलन) की एक नॉर्मल स्थिति है, जो 40 वर्ष से अधिक आयु होने पर लोगों को होता है। जी हां डायवर्टीकुलिटिस डाइजेशन से जुड़ी बीमारी है जिसमें डायवर्टीकुला नामक छोटे पाउचों में सूजन या इंफेक्‍शन हो जाता है जो आंतों की दीवारों पर विकसित होते हैं।

कब होती है डायवर्टीकुलिटिस

डायवर्टीकुलिटिस 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में होता है। 60 वर्ष से अधिक आयु के 50 प्रतिशत लोगों में बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि इसके मुख्‍य कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसमें कम फाइबर वाले आहार का सेवन करना हो सकता है। डायवर्टिकुलर बीमारी उन इलाकों में बहुत कम होती है, जहां हाई फाइबर युक्त भोजन अधिक किया जाता है।

इसे जरूर पढ़ें: एडल्ट बच्चों को अपना फैसला उन्हें खुद लेने दें, अपनी सोच को उन पर थोपें नहीं – काजोल

kajol mother tanuja

डायवर्टीकुलिटिस के लक्षण

जैसा की तनुजा को भी महसूस होता था, डायवर्टीकुलिटिस होने पर लगातार पेट दर्द की शिकायत रहती है। यह दर्द आमतौर पर अचानक शुरू होता है, और कई बार तो कई दिनों के बाद भी हो सकता है। विशेष रूप से नीचे बाईं तरफ पेट में दर्द होता है। डायवर्टीकुलिटिस के अन्य लक्षण इस प्रकार हैं-

  • जी मिचलाना
  • बुखार
  • दस्त
  • कब्ज
  • आंत की आदतों में बदलाव
  • ठंड लगना
  • ऐंठन

अगर बीमारी का इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह बीमारी खतरनाक रूप ले सकती है। लगातार होने वाले पेट को नजरअंदाज न करें तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। अपनी डाइट में ढ़ेर सारे फाइबर और पानी को शामिल करें। और अपने रुटीन में एक्‍सरसाइज को भी शामिल करें।