मुंहासे एक ऐसी समस्‍या है जिससे हर युवा परेशान रहता है और इसके लिए आमतौर पर धूल-मिट्टी और ऑयल को दोषी बताया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि चेहरे पर मुंहासों का कारण तनाव भी है। जी हां, और यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि एक रिसर्च से इस बात की जानकारी मिली है। अगर अगली बार आपको भी मुंहासे की समस्‍या परेशान करती हैं तो इससे बचने के लिए त्‍वचा की साफ-सफाई के साथ-साथ तनाव को कम करने की भी कोशिश करें। 

रिसर्च के अनुसार, खान-पान की गलत आदतें, तनाव और गलत तरह से स्किन केयर करना उन कुछ प्रमुख कारणों में से हैं, जिनका सीधा संबंध कील-मुंहासों से होता है। मैड्रिड में 28वें यूरोपियन अकादमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरियोलॉजी कांग्रेस की एक रिसर्च के अनुसार, कुल 6 देशों से 6,700 से अधिक प्रतिभागियों में मुंहासों के इन हानिकारक कारकों का टेस्‍ट किया गया।

इसे जरूर पढ़ें: आखिर आपकी skin को दर्द देने क्यों आते हैं pimples? जानिये ये हैं कारण

तनाव से होते है मुंहासे

एक नई रिसर्च से पता चला है कि अगर कील-मुंहासे से परेशान व्यक्ति तनावग्रस्त भी रहने लगे तो स्थिति और बिगड़ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि परीक्षाओं के दौर में किशोरों में कील-मुंहासे की स्थिति ख़राब होने की पूरी आशंका रहती है। मुंहासे सबसे नॉर्मल स्किन प्रॉब्‍लम्‍स में आते हैं। एक अनुमान के अनुसार सौ में से 85 लोगों को अपने जीवनकाल में कभी न कभी कील-मुंहासे की समस्या का सामना करना पड़ता है। और इसका सबसे बड़ा कारण मुंहासे है। 

stress acne areas

हालांकि आर्काइव ऑफ़ डर्मेटोलॉजी में छपी रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा है कि अब भी इस बात के सबूत नहीं हैं कि तनाव मुंहासे के लिए सीधे तौर पर जिम्‍मेदार है। इस अध्ययन में पाया गया कि परीक्षाओं के दौरान छात्रों में अपने चेहरे को लेकर कोई ख़ास चिंता नहीं रहती है। इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार मुंहासे बढ़ने से तनाव बढ़ने का तथ्य उतना प्रभावी नहीं रह जाता, बल्कि इसके विपरीत तनाव बढ़ने से मुंहासे बढ़ने की बात ज़्यादा सही है। 

वैज्ञानिकों का मानना है कि तनाव की अवस्था में बॉडी वैसे हार्मोन का ज़्यादा उत्पादन करने लगती है जो कि त्वचा को ऑयली बनाते हैं। यह भी पाया गया है कि तनाव की स्थिति में घाव भरने की प्रक्रिया 40 प्रतिशत तक धीमी हो जाती है। लीवरपुल यूनिवर्सिटी के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर निएल विल्सन ने ताज़ा अध्ययन की रिपोर्ट से सहमति जताई, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा, "अनेक मरीज तनाव की स्थिति को मुंहासे से जोड़ते हैं, लेकिन यही एकमात्र कारण नहीं हो सकता है। कई अन्य बातों का असर होता है।"

इनके अलावा धूल और पॉल्यूशन भी इसके महत्वपूर्ण कारकों में से है। इतना ही नहीं, स्किनकेयर के लिए केमिकल से भरपूर प्रोडक्‍ट का बहुत ज्‍यादा इस्‍तेमाल भी मुंहासों के लिए जिम्मेदार है।

डाइट भी है जिम्‍मेदार

फ्रांस में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ ननतेस के इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता ब्रिगिट डैनो ने कहा, 'पहली बार, इस शोध ने हमें उपचार नुस्खे से पहले इससे संबंधिक कारकों की पहचान करने की अनुमति देता है।' परिणामों से यह पता चलता है कि मुंहासें रोजाना डेयरी उत्पादों का सेवन करने वाले व्यक्तियों में अधिक थी यानि कि 48.2 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो डेयरी प्रोडक्‍ट का सेवन नियमित तौर पर करते हैं, उनमें मुंहासे हैं जबकि न करने वाले 38.8 प्रतिशत व्यक्तियों में यह नहीं है।

इसे जरूर पढ़ें: आपके तकिये व बेडशीट और अन्य चीजें भी बनती हैं आपके मुहांसों का कारण

food for pimples

मुंहासे दूर करने के उपाय

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी एक रिसर्च में माना कि तनाव की अवस्था में बॉडी में एड्रेनल एंड्रोजेन जैसे हार्मोन बनते हैं जो मुंहासे बढ़ाते हैं। इसीलिए अधिक तनाव की स्थिति में मुंहासे अधिक होते हैं। जी हां तनाव ऐसे हार्मोन को बढ़ावा देता है, जिसके कारण मुंहासे होने लगते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने तनाव को कम करने का प्रयास करें। इसके लिए आप ऐसे कुछ काम करें, जिससे आपको भीतर से खुशी मिली। जब आपका तनाव कम होगा तो मुंहासे भी बार−बार परेशान नहीं करेंगे।

सफाई का ख्याल करें

स्किन के साथ-साथ आपको अपने तकिए के कवर, बेडशीट व टॉवल आदि को समय−समय पर नहीं बदलते तो समझ लीजिए कि आपको मुंहासों से कभी छुटकारा नहीं मिलने वाला। दरअसल, उसमें मौजूद गंदगी, धूल व बैक्टीरिया के कारण न सिर्फ मुंहासों की समस्या होती है, बल्कि अन्य भी कई तरह की हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती हैं।