Doctor Advice: दर्द, थकान या अनियमित पीरियड? हो सकती हैं ये 5 दुर्लभ बीमारियां

महिलाओं को अक्सर पीसीओएस, फाइब्रॉइड या ब्रेस्ट कैंसर जैसी समस्याओं के बारे में जानकारी होती है, लेकिन कुछ ऐसी दुर्लभ बीमारियां भी होती हैं जिनके लक्षण सामान्य समझकर अनदेखा कर दिए जाते हैं। अगर समय रहते इनकी पहचान न हो, तो ये गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को समझना और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। आज हम आपको 5 ऐसी ही दुर्लभ बीमारियों के बारे में बता रहे हैं, जिसकी जानकारी हमारे साथ मैक्योर हॉस्पिटल और आस्था हॉस्पिटल, दिल्ली की एचओडी ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजिस्ट और आईवीएफ, को-फाउंडर डॉक्टर गीता जैन ने शेयर की है।
1. एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)
महिलाओं में होने वाली पहली दुर्लभ बीमारी एंडोमेट्रियोसिस है। इस बीमारी में यूट्रस की अंदर की परता जैसी सेल्स यूट्रस के बाहर बढ़ने लगते हैं। जिससे पेट में तेज दर्द, बहुत ज्यादा पीरियड्स और गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य पीरियड दर्द समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि समय पर इलाज जरूरी होता है।

2. एडेनोमायोसिस (Adenomyosis)
दूसरी दुर्लभ बीमारी एडेनोमायोसिस है। इस कंडीशन में यूट्रस की परत उसकी मसल्स में प्रवेश कर जाती है। इससे पीरियड्स में बहुत ज्यादा दर्द और ब्लीडिंग, पेट में सूजन और एनीमिया हो सकता है। यह समस्या 35 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन सही चेकअप के बिना इसकी पहचान मुश्किल हो सकती है।
3. प्रीमैच्योर ओवेरियन इनसफिशिएंसी (Premature Ovarian Insufficiency)
तीसरी दुर्लभ बीमारी प्रीमैच्योर ओवेरियन इनसफिशिएंसी (POI) है। इसमें 40 वर्ष की आयु से पहले ही अंडाशय की कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं या बंद भी हो सकते हैं। इसे अक्सर हार्मोनल असंतुलन समझ लिया जाता है, जबकि यह भविष्य में प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

4. लिचेन स्क्लेरोसस (Lichen sclerosus)
चौथी कंडीशन लिचेन स्क्लेरोसस है, जो प्राइवेट पार्ट्स की त्वचा को प्रभावित करने वाली दुर्लभ सूजन संबंधी बीमारी है। इसमें खुजली, जलन और त्वचा का पतला होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर असुविधा और इंफेक्शन का कारण बन सकती है।
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5. जेस्टेशनल ट्रोफोब्लास्टिक डिजीज (Gestational Trophoblastic Disease)
पांचवीं दुर्लभ बीमारी जेस्टेशनल ट्रोफोब्लास्टिक डिजीज है, जो प्रेग्नेंसी से जुड़ी असामान्य कोशिका वृद्धि के कारण होती है। इसमें असामान्य ब्लीडिंग, बहुत ज्यादा उल्टी और यूट्रस का ज्यादा बड़ा होना जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह स्थिति दुर्लभ है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से पूरी तरह ठीक की जा सकती है।

क्या करें?
महिलाओं को किसी भी असामान्य दर्द, अनियमित ब्लीडिंग, ज्यादा थकान या प्राइवेट पार्ट्स में बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रेगुलर स्त्री रोग चेकअप, पैप स्मीयर और अल्ट्रासाउंड से कई बीमारियों की शुरुआती पहचान हो सकती है। डॉक्टर का कहना है कि जागरूकता और समय पर इलाज ही महिलाओं की अच्छी हेल्थ की सबसे बड़ी कुंजी है।
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