दवाइयों से नहीं, सांसों की ताकत से बढ़ाएं खुशी; आज से शुरू करें ये प्राणायाम

खुशी जीवन का एक अनमोल उपहार है। हर कोई चाहता है कि वह एनर्जी से भरपूर, शांत और खुशी महसूस करें। लेकिन आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस, इमोशनल प्रेशर और अनहेल्दी आदतें मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं। ऐसे में प्राणायाम एक नेचुरल और असरदार उपाय है, जो मन और तन में संतुलन बनाकर खुशी का अनुभव कराता है।
प्राणायाम योग की वह विधि है, जिसमें श्वास को कंट्रोल और रेगुलर किया जाता है। यह मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और आंतरिक संतुलन लाने में मदद करता है। माना जाता है कि रेगुलर प्राणायाम करने से व्यक्ति वर्तमान क्षण में जीना सीखता है और अपने अंदर ही आनंद का अनुभव करता है। कुछ स्पेशल प्राणायाम ऐसे हैं, जिन्हें मानसिक शांति और इमोशनल खुशहाली बढ़ाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। आज हम आपको खुशी बढ़ाने वाले कुछ प्राणायाम के बारे में बता रहे हैं। इसकी जानकारी हमारे साथ योग एक्सपर्ट, लेखक, कॉलमिस्ट और अक्षर योग केंद्र के संस्थापक हिमालयन सिद्ध अक्षर ने शेयर की है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम सबसे फेमस श्वास तकनीकों में से एक है। इसे वैकल्पिक नासिका श्वास भी कहा जाता है। यह शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने और मानसिक बेचैनी को कम करने में मदद करता है।

इसे रेगुलर करने से तनाव कम होता है, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और इमोशंस को स्थिर किया जा सकता है। अनुलोम-विलोम मन में सकारात्मकता और शांति का भाव पैदा करता है, जिससे आपको दिनभर खुश महसूस होती है।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम को ''हमिंग बी ब्रीद'' यानी मधुमक्खी की गूंज जैसी ध्वनि वाला प्राणायाम भी कहा जाता है। इसमें श्वास छोड़ते समय हल्की गुनगुनाहट की ध्वनि निकाली जाती है।

इससे उत्पन्न होने वाले कंपन का प्रभाव मेंटल और इमोशनल स्ट्रेस को कम कर सकता है। भ्रामरी मन को शांत करता है, चिंता और चिड़चिड़ेपन को कम करता है। इस प्राणायाम को रेगुलर करने से आप शांत, संतुष्ट और प्रसन्न महसूस कर सकती हैं।
उज्जायी प्राणायाम
उज्जायी प्राणायाम को अक्सर ''विजयी श्वास'' भी कहते हैं। इसमें गले से हल्की ध्वनि उत्पन्न करते हुए धीमी और नियंत्रित श्वास ली और छोड़ी जाती है।
इसे करने से शरीर में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ती है। साथ ही यह एकाग्रता सुधारने और मानसिक शांति देने में मदद करता है। उज्जायी प्राणायाम इमोशनल बैलेंस बनाए रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। इससे मन शांत रहता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
शीतली प्राणायाम
शीतली प्राणायाम को ''कूलिंग ब्रीथ'' यानी शीतलता देने वाली श्वास तकनीक भी कहते है। यह विशेष रूप से तनाव या क्रोध की स्थिति में लाभकारी माना जाता है।

यह प्राणायाम शरीर और मन को ठंडक और ताजगी का अनुभव कराता है। इससे इमोशनल स्ट्रेस कम हो सकता है और मन ज्यादा शांत व स्थिर महसूस करता है। इससे आप हल्का और खुश महसूस कर सकते है।
प्राणायाम योग की एक अमूल्य देन है, जो मन में शांति और खुशी देता है। इन प्राणायाम को रेगुलर करने से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और जीवन ज्यादा खुशहाल होता है।
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