जॉब स्विच करना आसान बात नहीं होती। जॉब स्विच करते वक्‍त सबसे बड़ा मसला होता है सैलरी का। दूसरी कंपनी में इंटरव्‍यू के दौरान जब बात सैलरी नेगोशिएट करने की आती हैं तो कई बार एचआर से खुल कर बात करने में लोगों को पेरशानी होती है। ऐसी में कई गलतियां हो जाती हैं, जो नेगोशिएशन के वक्‍त आपके लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। इस बारे में करियर एडवाइजर तुषार राजदान कहते हैं, ‘ यह वक्‍त काफी टेनशन का होता है। अगर, आप पहले से रिसर्च करके इंटरव्‍यू देने जाती हैं तो सैलरी नेगोशिएशन में ज्‍यादा दिक्‍कतें नहीं आती हैं। इस दौरान आपको खुद को बेहतर ढंग से पेश करना होता है।’ मगर कुछ लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं और एचआर की बताई बातों में आ जाते हैं। करियर एडवाइजर तुषार राजदान सैलरी नेगोशिएट करने के कुछ ऐसे टिप्‍स बताते हैं, जिनको अपना कर आप मनचाही सैलरी पा सकती हैं। 

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अच्‍छे से करें रिसर्च

जब भी किसी ऑर्गेनाइजेशन में जॉब इंटरव्‍यू के लिए जाएं तो पहले उस ऑर्गेनाइजेशन के बारे में अच्‍छे रिसर्च कर लें। इतना ही नहीं आप जिस पोजीशन के लिए वहां इंटरव्‍यू देने जा रही हैं उस पोजीशन पर कंपनी कितनी सैलरी ऑफर कर रही है इस बारे में भी पहले से जान लें। इतना ही नहीं अगर उस कंपनी में पहले से आपको कोई जानकार है तो आपको उससे भी एक बार वहां के सैलरी स्‍ट्रक्‍चर के में पता करें। 

सैलरी ट्रेंड के बारे में जाने 

आप जिस प्रोफाइल के लिए जॉब इंटरव्‍यू देने जा रही हैं। उस प्रोफाइल पर दूसरी कंपनी में कया सैलरी दी जा रही इस बारे में भी जानकारी हासिल कर लें। इससे आपको पता चल जाएगा कि दूसरी कंपनी इस प्रोफाइल के लिए अपने एंप्‍लॉय को क्‍या पे कर रही हैं वहीं आप जिस कंपनी में इंटरव्‍यू देने जा रहे हैं वहां पर आपको जो सैलरी ऑफर की जा रही है वह दूसरी कंपनियों के बराबर है या फिर ज्‍यादा है या कम है। 

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कंपनी क्‍या कर रही हैं ऑफर 

अपनी एक्‍सपेक्‍टेशन बताने से पहले कंपनी का ऑफर जान लें। इससे आपको नेगोशिएशन में बहुत फायदा मिलेगा। क्‍योंकि अगर आप पहले ही अपनी एक्‍सपेक्‍टेशन बता देंगे तो जाहिर है कि कंपनी आपको उससे कम ही ऑफर करेगी और फिर आप कंपनी की एचआर से नहीं बल्कि एचआर आप से सैलरी को लेकर नेगोशिएट करने को कहेगी। 

सैलरी हाइक मांगने से पहले 

आमतौर पर जब जॉब स्विच की जाती हैं तो 20 से 30 प्रतिशत की हाईक पर ही दूसरी नौकरी ज्‍वॉइन की जाती है। मगर आप कंपनी से अगर इससे ज्‍यादा हाईक की उम्‍मीद करती हैं तो इसके लिए आपको अपनी स्किल्‍स के बारे में कंपनी के एचआर को बहुत अच्‍छे से बताना चाहिए। क्‍योंकि अगर आप अपनी सैलरी अपने मन के हिसाब से चाहती हैं तो आपको एचआर को बताना होगा कि आप किस तरह से कंपनी के लिए उपयोंगी हैं और मनचाही सैलरी डिजर्व करती हैं। 

तुरंत न कहें हां 

एचआर के ऑफर लेटर भेजने के बाद आपको तुरंत अपनी एक्‍सेप्‍टेंस नहीं देनी हैं। आपको पहले देखना है कि आपकी सीटीसी को कंपनी की एचआर ने कितने हिस्‍सों में ब्रेक किया है। दरअसल एचआर सैलरी से ही मैडिकल, पीएफ, एचआरे और दूसरे डिडक्‍शन करती है। इस‍लिए केवल सीटीसी देखकर खुश न हों बल्कि ग्रॉस इनकम देखें। 

अतं में इस बात का ध्‍यान रखें कि अगर आप उस जॉब के लिए डेस्प्रिट हैं और यह भी चाहती हैं कि सैलरी आपके मनमाफिक हो तो एचआर की हर बात पर रिएक्‍ट करने की जगह उन्‍हें एक हंबल मेल टाइप करें और अपनी डिजाएर के बारे में बताएं। ध्‍यान रखें कि आप बेहद काबिल हैं मगर किसी भी कंपनी से अनुचित सैलरी डिमांड न करें। इंडस्‍ट्री रूल्‍स को जरूर फॉलो करें।