क्या आप जानती हैं शरीर को बीटा कैरोटीन की जरूरत क्यों होती है?

जब भी खाने का जिक्र होता है तब सभी के मन में यह जानने की स्वाभाविक इच्छा होती है कि हमारे शरीर के लिए कौन से पोषक तत्व जरूरी हैं। बीटा कैरोटीन एक ऐसा प्रोविटामिन है, जो शरीर की इम्यून सिस्टम बढ़ाने के साथ आंखों और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। आइए, बीटा कैरोटीन के फायदों और स्रोतों के बारे में आर्टिकल के माध्यम से जानें। इसकी जानकारी हमें एम्स की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. वसुंधरा सिंह दे रही हैं।
बीटा कैरोटीन के स्रोत
दरअसल बीटा कैरोटीन विटामिन ए का प्रोविटामिन यानी इसका शुरुआती रूप है। इसे सिर्फ फलों और सब्जियों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। पीले या नारंगी रंग के फलों और सब्जियों जैसे, गाजर, सीताफल, संतरा, पके आम और पपीते में भरपूर मात्रा में बीटा कैरोटीन पाया जाता है। इसका कोई और विकल्प नहीं है। इसलिए बच्चों में शुरू से ही हर तरह के फल और हरी पत्तेदार सब्जियां खाने की आदत विकसित करनी चाहिए।

शाकाहारी लोगों की फूड हैबिट में ये चीजें सहजता से शामिल होती हैं लेकिन नॉनवेज खाने वाले कुछ लोग इस मामले में थोड़े लापरवाह हो जाते हैं, लेकिन यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए नॉन-वेजटेरियन लोगों को भी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
बीटा कैरोटीन कैसे होता है फायदेमंद?
बीटा-कैरोटीन में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं। यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रेडिकल्स से बचाव में मददगार होता है। यह आंखों की दृष्टि के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसकी कमी से बच्चों में नाइट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) की समस्या हो सकती है। बीटा कैरोटीन युक्त फलों और सब्जियों का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को संतुलित रखता है और यह दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है।
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साथ ही विटामिन सी और ई के साथ मिलकर यह कैंसर की रोकथाम में भी मददगार होता है। विटामिन ए का प्रोविटामिन होने की वजह से बीटा कैरोटीन त्वचा को सनबर्न, सिरोसिस और विटलिगो जैसी समस्याओं से भी बचाता है। आमतौर पर स्वस्थ खान पान से शरीर को पर्याप्त मात्रा में बीटा कैरोटीन मिल जाता है, वैसे तो यह सप्लीमेंट के रूप में भी उपलब्ध होता है लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होता है। बेहतर यही होगा कि भरपूर मात्रा में पीले-नारंगी रंग के फलों और सब्जियों का सेवन करें और हमेशा स्वस्थ रहें।

पहचानें अपनी जरूरत
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा जारी किए गए गाइड लाइंस के अनुसार सामान्य स्वस्थ वयस्कों को रोजाना 4,800 माइक्रोगाम बीटा कैरोटीन की जरूरत होती है। इसके अलावा गर्भावस्था में 6,400 माइक्रोग्राम और लैक्टेशन पीरियड के दौरान स्त्रियों को 7,600 माइक्रोग्राम की आवश्यकता होती है। 6-12 साल के बच्चों के लिए 2,000 से 2,100 माइक्रोग्राम बीटा क्रोटीन की जरूरत होती।
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चूंकि यह विटामिन ए का प्रोविटामिन है, इसलिए इसका 50 प्रतिशत विटामिन ए में तब्दील हो जाता है और बचा हुआ हिस्सा शरीर में ऑब्जर्व हो जाता है। संतुलित भोजन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में बीटा कैरोटीन मिल जाता है और इसके लिए अलग विटामिन सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। ध्यान रहे कि संतुलित आहार में रोटी-चावल, दाल, मिल्क प्रोडक्ट्स, फलों और हरी पत्तेदार सब्जियां शमिल होती हैं।
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