वजन कम करने के लिए रोटी खाएं या चावल, क्या है एक्सपर्ट की सलाह

वजन कम करने के लिए रोटी खाना चाहिए या चावल ? इस सवाल पर हमेशा से बहस होती रही है। जब भी हम वजन कम करने की कोशिश करते हैं तो ये दुविधा जरूर होती है कि रोटी खाएं या चावल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। कई लोग वजन कम करते वक्त, रोटी और चावल दोनों को ही अपनी थाली से गायब कर देते हैं। वहीं कुछ लोग रोटी और चावल दोनों खाकर भी अपना वजन आसानी से कम कर लेते हैं।
रोटी और चावल खाने से जुड़े बहुत सारे सवाल हैं जिनके जवाब हम अक्सर ढूंढते हैं जैसे कि
- किसमें कैलोरी ज्यादा होती है?
- न्यूट्रिशन वैल्यू किसकी अधिक होती है?
- किसे खाकर पेट अधिक समय तक भरा रहेगा?
- वेट लॉस के लिए क्या ज्यादा बेहतर है ?
- किस आटे की रोटी ज्यादा अच्छी रहेगी ?
- कौन सी वैरायिटी का चावल अच्छा है ?
- रोटी और चावल खाने का सही समय कौन सा है ?
आज इस आर्टिकल में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट,डाइटीशियन, स्वाति बथवाल से जानते हैं कि इस बारे में उनकी क्या राय है ?
ये है कैलोरी काउंट
अगर हम दो रोटी खाते हैं तो उसमें लगभग 130-140 कैलोरीज होती हैं। वहीं 100 ग्राम यानी की आधा कटोरी कुक्ड चावल में भी लगभग 140 कैलोरी ही होती हैं। तो अगर आप दाल के साथ आधा कटोरी चावल खाते हैं या फिर दो रोटी खाते हैं, कैलोरी इन्टेक एक जैसा ही रहेगा।

कौन सा चावल है बेस्ट?
आप कौन सा चावल खा रहे हैं ये बात भी काफी मायने रखती है। मसलन अगर आप पतले चावल खा रहे हैं तो आपको जल्दी भूख लगेगी क्योंकि उसमें फाइबर नहीं होता है। वहीं मणिपुरी राइस केवल ग्रास है, उससे पेट भरा रहेगा और भूख जल्दी नहीं लगेगी।
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किस आटे की रोटी खाएं?
आपका वजन कम होगा या बढ़ेगा, ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस आटे की रोटी खा रहे हैं ? मैदे की रोटी ना खाएं क्योंकि ये प्रोसेस्ड होता है। इसे खाने के एक घंटे के अंदर ही शुगर लेवल एकदम से बढ़ता है। फाइबर वाले आटे की रोटी खाएंगे तो शुगर लेवल धीरे-धीरे बढ़ेगा। जिन लोगों को ग्लूटन की सेंसटिविटी है वो जौ के आटे की रोटी खा सकते हैं। गर्मियों में ज्वार-बाजरे के आटे की रोटी ना खाएं। प्रोटीन रिच रोटी खाना चाहते हैं तो बेसन की रोटी खाएं। ग्लूटिन सेंसटिविटी नहीं है तो मल्टी ग्रेन रोटी खाएं। एक बात का जरूर ध्यान रखें कि चोकर निकला हुआ आटा ना खाएं।
खाने के लिए कौन सा समय चुनें?

अगर कोई व्यक्ति इंटरमिटेंट फास्टिंग(इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान) कर रहा है, तो वो एक मील दोपहर और एक फिर रात को लेता है। वहीं कुछ लोग सुबह और दोपहर में हैवी मील लेकर रात के समय हल्का-फुल्का कुछ खाना प्रेफर करते हैं। काफी सारे लोग, एक वक्त पूरा मील और एक समय फ्रूट्स लेते हैं। जो भी रूटीन आप फॉलो करें, कोशिश करें कि हमारा जो मेन मील हो, वो दोपहर के समय हो क्योंकि दोपहर में 12-2 बजे के बीच हमारा मेटाबॉलिक रेट पीक पर होता है।
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पोर्शन का रखें ध्यान

आप चावल या रोटी किस मात्रा में खा रहे हैं, इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आप प्लेट भर के चावल खाएंगे तो वो लगभग 7-8 रोटी के बराबर हो जाएगा और इससे वजन बढ़ेगा। आप जिस भी आटे की रोटी खाएं या जिस भी किस्म का चावल खाएं, उसमें फाइबर वैल्यू अधिक होनी चाहिए। फाइबर से हमारे पेट में अच्छे प्रोबायोटिक्स, अच्छे बैक्टीरिया बनते हैं। इसके अलावा जो मिनरल्स, मल्टीग्रेन या मिलेट्स रोटी में मिलते हैं वो वेट लॉस में मदद करते हैं।
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