हंगर और क्रेविंग्स के बीच क्या अंतर होता है? आप भी जानिए

किसी भी व्यक्ति की एनर्जी का सोर्स खाना ही होता है। जब व्यक्ति सही समय पर आवश्यकतानुसार भोजन लेता है तो वह खुद को अधिक स्वस्थ रख पाता है। इतना ही नहीं, इसका संकेत खुद आपका शरीर देता है। अमूमन जब हमें भूख लगती है तो एक अजीब सा अहसास होता है।
लेकिन कुछ लोग क्रेविंग्स को भी भूख समझने की भूल कर बैठते हैं और आवश्यकता से अधिक खाना खा लेते हैं। हो सकता है कि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही होता हो। यह समस्या उन लोगों के साथ अधिक होती है, जो भूख और क्रेविंग्स को एक ही समझ बैठते हैं। जबकि यह दोनों वास्तव में एक-दूसरे से काफी अलग हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको भूख और क्रेविंग्स के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको भी जरूर जानना चाहिए-
भूखे होने पर नजर आते हैं ये संकेत

शरीर को जब खाने की सच में जरूरत होती है तो व्यक्ति को भूख लगती है और इस स्थिति में आपको अपने शरीर में कुछ संकेत नजर आ सकते हैं। मसलन, आपको यह अहसास होता है कि आपका पेट खाली है। आप लो एनर्जी फील करते हैं। इसके अलावा, आपको काम के दौरान एकाग्रता की कमी, सिरदर्द, पेट में गड़गड़ाहट या थकान आदि का अहसास हो सकता है। भूख कभी किसी एक खास तरह के भोजन के लिए नहीं होती है। आपको ऐसा लगता है कि आपको कुछ खाने की जरूरत है। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब आपने कुछ घंटों या उससे अधिक समय तक कुछ नहीं खाया हो। इतना ही नहीं, जब आप भूखे होते हैं और कुछ खाते हैं तो आपको बाद में किसी तरह के गिल्ट का अहसास नहीं होता है।
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फूड क्रेविंग्स क्या हैं?

फूड क्रेविंग्स एक ऐसी स्थिति है, जब आप भूखे नहीं होती हैं, लेकिन फिर भी किसी खास फूड आइटम को खाने की आपको तीव्र इच्छा होती है। कई बार खुद को बहुत अधिक थका हुआ महसूस करने या फिर इमोशनली डिस्टर्ब होने पर व्यक्ति अपने कंफर्ट फूड को खाने की लालसा करता है। जब किसी को क्रेविंग्स होती है तो केवल उसी खास फूड आइटम को खाने के बाद व्यक्ति को अच्छा फील होता है। अमूमन लोग अपनी क्रेविंग को ना नहीं कह पाते हैं। यह चॉकलेट, मिठाई, या फैटी फूड के प्रति होता है। इस तरह के फूड को खाने के बाद पहले तो व्यक्ति को अच्छा लगता है, लेकिन बाद में व्यक्ति के मन में गिल्ट का अहसास होता है।(इमोशनल ईटिंग को है रोकना)
फूड क्रेविंग्स और भूख में अंतर

- फूड क्रेविंग्स और भूख के बीच में कुछ मुख्य अंतर होते हैं-
- फूड क्रेविंग्स किसी खास तरह के फूड आइटम के प्रति होती है, जबकि भूख लगने पर आपकी इच्छा होती है कि आप कुछ खा लें।
- पेट भरा होने पर या खाना खाने के तुरंत बाद व्यक्ति को फूड क्रेविंग्स हो सकती है, जबकि भूख का अहसास व्यक्ति को तब होता है, जब आपको खाना खाए हुए काफी समय बीत जाए।
- फूड क्रेविंग्स(साल्ट क्रेविंग्स को शांत करने के टिप्स)होने पर जब व्यक्ति कंफर्ट फूड खाता है तो उसे बाद में गिल्ट का अहसास होता है। जबकि भूख लगने पर व्यक्ति खाना खाता है तो उसे बाद में किसी तरह के दोषी होने का अहसास नहीं होता है।
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तो अब आपको भी भूख और क्रेविंग्स के बीच के अंतर के बारे में पता चल गया होगा। अब आप इन दोनों को एक समझने की भूल ना करें।
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