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भारत के इन राज्‍यों में बड़े चाव से खाई जाती है लाल चींटी की चटनी, म‍िल चुका है GI Tag

लाल चींटी की चटनी को काई चटनी भी कहा जाता है। इसका टेस्‍ट काफी तीखा होता है।
Updated:- 2026-08-18, 16:35 IST
Red Ant Chutney Got GI Tag

ये तो हम सभी जानते हैं क‍ि भारत में खाने-पीने की चीजों की कमी नहीं है। यहां हर राज्य का अपना अलग स्वाद और अपनी एक अलग पहचान है। कहीं तीखा खाना पसंद क‍िया जाता है तो कहीं स्‍वीट्स की ड‍िमांड ज्‍यादा होती है, लेक‍िन क्‍या आपने कभी लाल चींटी से बनी चटनी के बारे में सुना है? सुनने में आपको भले ही अजीब लग रहा होगा, लेक‍िन भारत के कुछ राज्‍यों में लाल चींटी की चटनी बड़े चाव से खाई जाती है।

इसकी सबसे खास बात यह है क‍ि इसे जीआई टैग भी म‍िल चुका है। ओडिशा के मयूरभंज जिले की यह चटनी वहां के खानपान की खास पहचान मानी जाती है। इसे काई चटनी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं क‍ि इसे बनाया कैसे जाता है और किन राज्यों में लोग इसे खाते हैं?

मयूरभंज की लाल चींटी की चटनी को मिला है GI Tag

लाल चींटी की यह खास चटनी ओडिशा के मयूरभंज जिले में काफी फेमस है। इसे काई चटनी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें क‍ि इस चटनी को 2 जनवरी 2024 को GI Tag भी म‍िल चुका है। GI यानी जियोग्राफिकल इंडिकेशन किसी खास जगह से जुड़ी ऐसी चीज की पहचान को बताता है, जिसकी अपनी अलग खासियत होती है।

red ant chutney (2)

सिर्फ ओडिशा में ही नहीं खाई जाती लाल चींटी की चटनी

लाल चींटी स‍िर्फ मयूरभंज में ही फेमस नहीं है। झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे दूसरे पूर्वी राज्यों में भी इसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। मयूरभंज में कई आदिवासी परिवार लाल चींटियों और उनके अंडों को इकट्ठा करने और बेचने का काम भी करते हैं। ऐसा बताया जाता है क‍ि कुछ पर‍िवार इसे ही बेचकर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। इस तरह यह चटनी सिर्फ खाने की चीज नहीं है, बल्कि कई परिवारों की कमाई का जरि‍या भी है।

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कैसे बनाई जाती है लाल चींटी की चटनी

अब सवाल आता है कि आखिर लाल चींटी की चटनी बनाई कैसे जाती है? बता दें क‍ि इसे बनाने के ल‍िए लाल चींटियों के साथ उनके अंडों को भी इकट्ठा किया जाता है। इन्हें उनके बिल या बांबी से निकाला जाता है। इसके बाद इन्हें अच्छी तरह साफ किया जाता है। फिर इन्हें पीसकर सुखाया जाता है। इसके बाद इसमें कुछ आम मसाले मिलाए जाते हैं।

red ant chutney (1)

चटनी बनाने में डाली जाती हैं ये चीजें

चटनी बनाने में कई सामग्र‍ियों का इस्‍तेमाल होता है। जैसे-

  • लाल चींटियां और उनके अंडे
  • नमक
  • अदरक
  • लहसुन
  • मिर्च

इन चीजों को एक साथ पीसने के बाद लाल चींटी की चटनी तैयार हो जाती है। इसका स्वाद काफी तीखा होता है। ऐसे में जि‍न लोगों को स्‍पाइसी चीजें पसंद होती हैं, उन्‍हें इसका स्‍वाद बहुत पसंद आता है।

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लाल चींटी की टनी के बारे में शॉर्ट में जानें

लाल चींटी की चटनी के बारे में आसान और सीधे शब्‍दों में जानते हैं-

  • नाम: काई चटनी या लाल चींटी की चटनी
  • खास पहचान: ओडिशा के मयूरभंज जिले ये काफी फेमस है
  • GI Tag: 2 जनवरी 2024 को मिला था
  • कहां खाई जाती है: ओडिशा के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी
  • मुख्य चीज: लाल चींटियां और उनके अंडे
  • मसाले: नमक, अदरक, लहसुन और मिर्च
  • स्वाद: काफी तीखा

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Image Credit- Freepik/adobe stock

FAQ
काई चींटियां कहां पाई जाती हैं?
ये चींटियां मुख्य रूप से जंगल के पेड़ों (जैसे आम और साल) की पत्तियों में घोंसला बनाती हैं।
लाल चींटी की चटनी में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, विटामिन B-12 और आयरन पाया जाता है।
स्थानीय लोग लाल चींटी को किस बीमारी के इलाज में खाते हैं?
आदिवासी लोग इसका इस्तेमाल सर्दी, खांसी, फ्लू और जोड़ों के दर्द को दूर करने में करते हैं।
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