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Jagannath Rath Yatra: जगन्नाथ रथ यात्रा 2022 के कुछ टॉप हाइलाइट्स के बारे में जानिए

अगर आप भी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए जाने वाले हैं तो फिर आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए।
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Published -30 Jun 2022, 14:13 ISTUpdated -30 Jun 2022, 17:35 IST
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जगन्नाथ रथ यात्रा हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस रथ यात्रा में भारत के लगभग हर राज्य के लोग शामिल होते हैं। इस साल 1 जुलाई से यह पावन रथ यात्रा प्रारंभ हो रही है। ऐसा कहा जाता है कि इस यात्रा में सबसे आगे बलभद्र का रथ, मध्य में सुभद्रा जी का रथ और सबसे अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ चलता है जिसे नंदी घोष कहा जाता है।

ऐसे में अगर आप भी इस रथ यात्रा में शामिल होने वाले हैं तो फिर आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए, क्योंकि इस लेख में हम आपको कुछ टॉप हाइलाइट्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

कब से कब तक है रथ यात्रा?

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इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा 1 जुलाई को शुरू हो रही है और 12 जुलाई तक चलने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2021 में जगन्नाथ रथ यात्रा 12 जुलाई और साल 2020 में 23 जून को शुरू हुई थी। ऐसे में अगर आप इस साल यात्रा में शामिल होने वाले हैं तो कब से तक यात्रा चलने वाली है इसकी जानकारी ज़रूर रखें।

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रथ यात्रा की हाइलाइट्स

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जी हां, इस साल 5 जुलाई को हेरा पंचमी है। 8 जुलाई को संध्या दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ के दर्शन से पुण्य मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर में 9 दिन तक अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी के साथ निवास करते हैं और फिर घर की वापसी होती है। आपको बता दें कि गुंडिचा उनकी मौसी हैं। 

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10 जुलाई के हाइलाइट्स

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ऐसी मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर लौटने के बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ शाही रूप लेते हैं। इसके बाद 11 जुलाई को दिव्य रथों पर एक विशष प्रकार का पेय अर्पित किया जाता है। इसके बाद 12 जुलाई को एक भव्य अनुष्ठान किया जाता है जिसमें लगभग सभी भक्त शामिल होते हैं। (ओडिशा की खूबसूरत जगहें)

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क्या सच में नीम की लकड़ी से मूर्तियां बनती हैं?

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ऐसा कहा जाता है कि जगन्नाथ यात्रा में मूर्तियां बेहद खास होती हैं, क्योंकि भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ बलराम जी और बहन सुभद्रा की मूर्तियां भी नीम की लकड़ी से बनाई जाती हैं और यात्रा निकाली जाती है। सभी रथों का आकार भी अलग-अलग होता है। ये भी कहा जाता है कि जगन्नाथ का रथ लाल और पीले रंग का इस्तेमाल किया जाता है।

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Image Credit:(@sutterstocks, jagran)

 

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