15 August: आजादी का महोत्सव देखना है तो 15 अगस्त को भारत-पाक के इन बॉर्डर्स पर पहुंचें

साल 1947 के बाद से हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह साल का वो दिन होता है जब हर भारतीय इंसान भारत में जन्म लेने और हिंदुस्तानी होने पर गौरव महसूस करता है। आजादी के इस महोत्व पर लोग किसी न किसी ऐतिहासिक जगह घूमने का प्लान ज़रूर बनाते हैं। ऐसे में अगर आप भी 15 अगस्त को किसी ऐतिहासिक जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं तो फिर आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए।
इस लेख में हम आपको भारत-पाकिस्तान की सीमा पर मौजूद उन बॉर्डर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां 15 अगस्त को हजारों भारतीय लोग आजादी का महोत्सव देखने के लिए पहुंचते हैं। इन बॉर्डर्स पर घूमने के लिए आप भी जा सकते हैं। आइए इन बॉर्डर्स के बारे में जानते हैं।
वाघा बॉर्डर (Wagah Border)

सबसे प्रसिद्ध बॉर्डर के बारे में जिक्र करें तो सबसे पहले वाघा बॉर्डर का ही नाम लिया जाता है। यह बॉर्डर इतना फेमस है कि यहां सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग घूमने के लिए पहुंचते हैं। भारत और पाकिस्तान को अलग करने वाला यह बॉर्डर 15 अगस्त को सैलानियों से भरा रहता है। 15 अगस्त को होने वाली परेड और प्रोग्राम को देखने के लिए दोनों तरफ से लोग पहुंचते हैं।
- कैसे पहुंचें-वाघा बॉर्डर जाने के लिए पंजाब के अमृतसर शहर से जा सकते हैं।
- अमृतसर से वाघा बॉर्डर की दूरी लगभग 29 किलोमीटर है।
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हुसैनीवाला बॉर्डर (Hussainiwala Border)

पंजाब में मौजूद हुसैनीवाला बॉर्डर भी 15 अगस्त को घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है। आपको बता दें कि हुसैनीवाला बॉर्डर भारत-पाक की सीमा के निकट सतलुज नदी के किनारे मौजूद है। नदी के किनारे पाकिस्तान का 'गंडा सिंह वाला' नमक गांव है। कहा जाता है कि इसी गांव में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का अंतिम संस्कार किया गया था। ऐसे में अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस के दिन घूमने का प्लान बन रहे हैं तो हुसैनीवाला बॉर्डर जा सकते हैं।
- कैसे पहुंचें- रेलवे स्टेशन, फिरोजपुर कैंट से लगभग 13 किमी की दूरी पर हुसैनीवाला बॉर्डर।
लोंगेवाला बॉर्डर (Longewala Border)

15 अगस्त को राजस्थान में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो फिर आपको भारत-पाकिस्तान की सीमा पर मौजूद लोंगेवाला बॉर्डर घूमने के लिए ज़रूर पहुंचना चाहिए। साल 1971 के युद्द की जीत की यादें ताजा करना चाहते हैं तो जैसलमेर में मौजूद यह बॉर्डर आपके लिए खास हो सकता है। यहां 15 अगस्त को रिट्रीट समारोह होता है जिसे आप भी देख सकते हैं। कहा जाता है कि इस बॉर्डर के पास तनोट माता मंदिर है, जहां पर्यटक और भक्त दर्शन और घूमने के लिए आते रहते हैं। (जैसलमेर में घूमने की जगह)
- कैसे पहुंचें- यहां आप जैसलमेर के सस्ते आसानी से पहुंच सकते हैं।
- जैसलमेर से लोंगेवाला बॉर्डर लगभग 123 किमी दूर है।
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मुनाबाव बॉर्डर (Munabao Border)

जब आप 15 अगस्त को सेलिब्रेट करने के लिए राजस्थान निकल ही रहे हैं तो फिर आपको लोंगेवाला बॉर्डर के अलावा मुनाबाव बॉर्डर पर भी घूमने के लिए ज़रूर पहुंचना चाहिए। आपको बता दें कि यह फेमस बॉर्डर राजस्थान के बाड़मेर में है। इस बॉर्डर के बारे में कहा जाता है कि भारत पाकिस्तान के मध्य चलने वाली रेल, थार एक्सप्रेस, मुनाबाव से ही चलती है। ऐसे में आप भी यहां आजादी का महोत्सव देखने पहुंच सकते हैं।
कैसे पहुंचें- यहां आप मुनाबाव रेलवे स्टेशन से आसानी से पहुंच सकते हैं।
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Image Credit:(@sutterstocks)
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