बारिश के मौसम में कोल्‍ड होना या बैकटीरियल इनफैक्‍शन होना कोई बड़ी बात नहीं है। मगर, ऐसा होने पर सबसे पहले गला खराब हो जाता है। दरअसल, इनफैक्‍शन होने पर गले में मौजूद म्‍यूकस में स्‍वेलिंग आ जाती है। इससे गले में दर्द होता है और कफ बनने लगता है। ऐसे में बात करना तो दूर खाने-पीने तक में बहुत दिक्‍कतें आने लगती हैं। वैसे तो गले की खराश को दूर करने के लिए बाजार में बहुत सारी दवाएं मौजूद हैं, मगर घर पर ही कुछ देसी ड्रिंक्‍स बना कर भी गले की खराश से बचा जा सकता है। 

Five homemade drinks for sore throat problem in monsoon season

हल्‍दी वाला दूध 

डॉक्‍टर बसंत लाड द्वारा लिखी किताब, ‘द कंप्‍लीट बुक ऑफ आयुर्वेदिक होम रेमेडीज’ के मुताबिक, दूध को उबाल कर उसमें एक छोटा चम्‍मच हल्‍दी डालकर पीने से गले की खराश में काफी आराम मिलता है। यह ड्रिंक और भी फायदेमंद हो जाती है जब इसमें एक चम्‍मच घी भी मिला दिया जाता है। घी गले में जमे कफ को मेल्‍ट करता है और खराश को दूर करता है। 

Five homemade drinks for sore throat problem in monsoon season

अदरक-दालचीनी-लिकोरिस टी 

डॉक्‍टर बसंत की किताब में एक और देसी ड्रिंक का जिक्र है, जो गले की खराश को दूर करती है। यह ड्रिंक अदरक, दालचीनी और लिकोरिस टी तैयार होती है। इसके लिए अदरक का बड़ा टुकड़ा लें। इसके बाद 2 छोटा चम्‍मच दालचीनी लें और 3 छोटा चम्‍मच लिकोरिस टी लें। अब इसे थोड़ा उबालें और फिर इस मिश्रण को पी जाएं। इस देसी ड्रिंक को 3 दिन तक सुबह, शाम और रात में पीने से गले की खराश छूमंतर हो जाती है। 

अदरक और शहद की चाय 

अदरक सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है यह बात तो सभी जानते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जो गले के दर्द में राहत देते हैं। इस चाय को बनाने के लिए आपको दूध उबालना होता है और उसमें चाय पत्‍ती डालकर खौलाना होता है उसके बाद इसमें कसी हुई अदरक डाली जाती है और फिर से चाय को खौलाया जाता है। चाय पकने के बाद इसमें शहद डाल कर गरम-गरम पिया जाता है। 

Five homemade drinks for sore throat problem in monsoon season

पिपरमिंट टी 

इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी कंपाउंड्स होते हैं। इस वजह से यह गले की खराश में राहत पहुंचाती है। इस चाय को बने के लिए पि‍परमिंट की पत्तियों को पानी में उबाला जाता है। 3 से 5 मिनट तक इसे पानी उबालने के बाद पत्तियों को पानी से बाहर निकाल लिया जाता है। यदि आप इस तरह की चाय लगातार एक हफ्ते तक पीती हैं तो आपके गले की खराश दूर हो जाएगी। 

दालचीनी का पानी

दालचीनी में औषधीय गुण होते हैं। साथ ही इसमें हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती हैं। अगर आपको गले की खराश की वजह से नींद नहीं आ रही है, तो आप रात में दालचीनी का पानी पी कर सो सकती हैं। यह आपके गले के दर्द में तो राहत देगी ही साथ ही खिच-खिच को भी दूर कर देगी, क्‍योंकि यह एंटी बैक्‍टीरियल होती है। इसे बनाने के लिए रात भर दाल चीनी को पानी में भिगो कर रख दें और दूसरे दिन रात में सोने से पहले पानी को छान का पी लें। ऐसा लगातार दो दिन करने पर ही आपको गले की खराश में राहत मिल जाएगी।