जानिए वृंदावन के प्रेम मंदिर से जुड़ी कुछ अनजानी बातें

वृंदावन और मथुरा दुनिया भर में कृष्णभक्तों के लिए बेहद ही विशेष स्थान है। यह वे स्थान हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण स्वयं अवतरित हुए और उन्हें ज्ञान के मार्ग पर ले गए। वृंदावन नाम वृंदा अर्थात् “पवित्र तुलसी“ से प्रेरित है। यह देवताओं को प्रिय एक पवित्र और पवित्र पौधा है। वृंदावन में कई मंदिर स्थित हैं, जो श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व के कई गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं और देवी राधा के साथ उनके दिव्य जुड़ाव को दर्शाते हैं। इन्हीं में से एक मंदिर है प्रेम मंदिर। यह वृंदावन में सबसे अधिक देखे जाने मंदिरों में से एक है।
वृन्दावन का प्रेम मंदिर पूरी तरह से राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम के बारे में है। यह खूबसूरत मंदिर अपनी आश्चर्यजनक वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के कारण दुनिया भर से भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। अगर आप वृंदावन गए हैं तो आपको प्रेम मंदिर में दर्शन अवश्य करने चाहिए। इतना ही नहीं, यहां पर जाने से पहले आपके इस मंदिर से जुड़ी कुछ बातों के बारे में भी अवश्य जान लेना चाहिए, जिसके बारे में आज हम आपको इस लेख में बता रहे हैं-
एक दशक में बना मंदिर

प्रेम मंदिर वृंदावन में स्थित सबसे खूबसूरत मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण 2001 में शुरू हुआ और इसे पूरा होने में लगभग एक दशक का समय लगा। इस मंदिर का आधिकारिक उद्घाटन 17 फरवरी 2012 को किया गया था। इस पूरी परियोजना में होने वाला खर्च कृपालु महाराज और उनके संगठन ने वहन किया था।
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बेहतरीन है आर्किटेक्चर

प्रेम मंदिर पूरी दुनिया में सिर्फ राधा-कृष्ण के प्रेम के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह अपनी बेहतरीन वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है। मंदिर की वास्तुकला प्राचीन भारतीय वास्तुकला से प्रेरित है। इसे नागर शैली में डिजाइन किया गया है। यह मंदिर पूरी तरह से सफेद संगमरमर से बना है। संगमरमर राजस्थान के मकराना से प्राप्त किया गया था, जो वही क्षेत्र है जिसने ताज महल के लिए संगमरमर की आपूर्ति की थी। मंदिर को भगवान कृष्ण और राधा के जीवन के दृश्यों को दर्शाती सुंदर नक्काशीदार मूर्तियों से सजाया गया है। जब आप यहां पर हैं तो आप राधा और कृष्ण के जीवन के हर पहलू को अपनी आंखों से निहार सकते हैं।
होता है एलईडी लाइट शो
जब प्रेम मंदिर की सबसे खास विशेषताओं की बात हो तो उसमें रात में होने वाले एलईडी लाइट शो है जो सूर्यास्त के बाद होता है। मंदिर के अग्रभाग को रंगीन एलईडी लाइटों से रोशन किया गया है। रात में एलईडी लाइट शो के दौरान मंदिर की सुंदर नक्काशी मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य पैदा करती है।
पर्यावरण का रखा गया है ध्यान

इस मंदिर को लेकर सबसे खूबसूरत बात यह भी है कि इसके कॉम्पलेक्स को डिजाइन करते हुए पर्यावरण का खास ध्यान रखा गया है। यहां पर वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से लेकर पानी को बचाने के तरीकों पर ध्यान दिया गया है। इस लिहाज से यह मंदिर स्वयं में बेहद ही अलग है।
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Image Credit- wikipedia
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