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Pitru Paksha 2022: इस जगह पिंड दान कर लिया तो फिर कहीं और जाने की ज़रूरत नहीं

अगर आप भी पिंड दान के लिए किसी पवित्र जगह जाने का प्लान बना रहे हैं तो इस स्थान पर पहुंचें। यहां मिलता है मोक्ष।
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Published -13 Sep 2022, 14:43 ISTUpdated -13 Sep 2022, 16:13 IST
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brahma kapal pind daan in badrinath significance

हिन्दू धर्म में पूर्वजों के आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पिंड दान को एक मुख्य कार्य माना जाता है। इस साल श्राद्ध पक्ष यानी पिंड दान 10 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलने वाला है।

इस विशेष मौके पर हजारों लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचते रहते हैं। जैसे-हरिद्वार, ऋषिकेश, प्रयागराज और बोध गया आदि जगहों पर हर दिन हजारों लोग पिंड दान के लिए पहुंचते हैं।

लेकिन भारत में एक ऐसी भी जगह है जिसके बारे में कहा जाता कि अगर कोई यहां पिंड दान करता है तो उसे एक गुणा नहीं बल्कि दस गुणा लाभ मिलता है और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आइए इस जगह के बारे में जानते हैं।

ब्रम्हा कपाल (Bramha Kapal)

Significance Of Brahma Kapal Pind Daan In Badrinath

जी हां, हम जिस स्थान के बारे में जिक्र कर रहे हैं उस स्थान का नाम 'ब्रम्हा कपाल' है। बद्रीनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर मौजूद अलकनंदा नदी के किनारे ब्रम्हा कपाल स्थित है जहां पिंड दान के लिए हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं। इस स्थान को लेकर मान्यता है कि पिंड दान करने से पूर्वजों की आत्मा सीधे स्वर्ग को पधारती है।

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ब्रम्हा कपाल की क्या है मान्यता?

Brahma Kapal Pind Daan In Badrinath in hindi

ब्रम्हा कपाल की मान्यता के पीछे बेहद ही रोचक कहानियां हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने जब भगवान ब्रह्मा का पांचवा सिर काटा तो वो इसी स्थान पर आकर गिरा था।

इस घटना के बाद भगवान शिव पर जब ब्रह्मा दोष का पाप लगा तो वो भगवान विष्णु जी के पास गए और इसका निदान पूछा। इसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें ब्रम्हा कपाल में जाकर श्राद्ध करने को बोला। कहा जाता है कि जब भगवान शिव ने यहां पिंड दान किया तब जाकर वो ब्रम्हा दोष से मुक्त हुए।

एक अन्य मान्यता यह है कि जब पांडव स्वर्ग पधार रहे थे तो वो इसी स्थान पर अपने पितरों का तर्पण किया था।

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ब्रम्हा कपाल कैसे पहुंचें?

how to reach Brahma Kapal Pind Daan In Badrinath

  • ब्रम्हा कपाल में आप भारत के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुंच सकते हैं। आप रोड़, हवाई या ट्रेन के माध्यम से भी पहुंच सकते हैं। 
  • यहां जाने के लिए सबसे पहले आपको बद्रीनाथ पहुंचना होगा। 
  • बद्रीनाथ का निकटतम हवाई अड्डा अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है। यहां से आप लोकल टैक्सी या बस लेकर बद्रीनाथ जा सकते हैं। हवाई अड्डा से बद्रीनाथ की दूरी लगभग 305 किमी है।  
  • अगर आप ट्रेन से बद्रीनाथ जा रहे हैं तो ऋषिकेश रेलवे स्टेशन सबसे पास में है। यहां से आप टैक्सी या बस लेकर बद्रीनाथ जा सकते हैं। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से बद्रीनाथ की दूरी लगभग 291 किमी है।
  • अगर आप बस से बद्रीनाथ जाना चाहते हैं तो दिल्ली, चंडीगढ़, ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून आदि शहरों से बस के द्वारा भी जा सकते हैं।

ब्रम्हा कपाल में ठहरने की जगहें 

Brahma Kapal Story In Hindi

ब्रम्हा कपाल यानी बद्रीनाथ के आसपास ठहरने के लिए एक से बेहतरीन होटल और गेस्ट हाउस है। बद्रीनाथ मंदिर से लगभग 1 किमी दूर होटल नारायण पैलेस, होटल द्वारिकेश नर-नारायण गेस्ट हाउस और श्री ओम कुटीर आदि होटल में ठहर सकते हैं। यहां होटल कभी सस्ते भी होते हैं।

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Image Credit:(@asthivisarjan,chardhamtour)

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