दिलवालों की दिल्ली हमेशा ही टूरिस्ट की पहली पसंद रही है। यह एक ऐसा राज्य है, जो एक समृद्ध इतिहास के साथ-साथ पारंपरिक और आधुनिकता का आदर्श मिश्रण प्रस्तुत करता है। यहां पर आने वाले किसी भी पर्यटक को कभी भी निराशा का सामना नहीं करना पड़ता। इस शहर में देखने के लिए कई आकर्षक जगहें मौजूद है। अगर आप शॉपिंग से लेकर फूडीज के लिए चांदनीचौक से लेकर कनाट प्लेस जैसी कई बेहतरीन जगहें हैं, जिन्हें वह एक्सप्लोर कर सकते हैं।

हालांकि, दिल्ली में ऐसी भी कई जगहें हैं, जिनके बारे में लोगों को कम ही पता है या फिर इन जगहों को अक्सर पर्यटकों द्वारा ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती है, लेकिन यह आपको एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको दिल्ली में छिपे हुए इन्हीं रत्नों को के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको एक बार जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। यकीन मानिए, इन्हें देखने में बाद आपको किसी तरह की निराशा नहीं होगी-

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agrasen ki baoli

अग्रसेन की बावली

कनॉट प्लेस की ऊंची इमारतों और हलचल के बीच स्थित अग्रसेन की बावली के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। यह ऐतिहासिक रूप से भी बेहद खास है। इसकी आकर्षक वास्तुकला 14 वीं शताब्दी की है। इस बावली का निर्माण पानी को संरक्षित करने और यात्रियों के लिए एक विश्राम स्थल के रूप में किया गया था। अगर आप दिल्ली की भागदौड़ भरी जिन्दगी के बीच कुछ पल शांति के साथ बिताना चाहती हैं, तो यहां पर आ सकती हैं।

mirza ghalib haveli

मिर्जा गालिब की हवेली

आपको चाहे कविताएं सुनना पसंद हो या ना हो, लेकिन आपने मुगल साम्राज्य के महान कवि मिर्जा गालिब और उर्दू और फारसी में उनकी साहित्यिक रचनाओं के बारे में जरूर सुना होगा। हालांकि, पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में मौजूद उनकी हवेली के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। चांदनी चौक में 150 साल पुरानी इस हवेली को एक म्यूजियम में बदल दिया गया है, जो गालिब के काव्य दिनों और अपने समय के पुराने विश्व के आकर्षण को दर्शाता है। कविता के प्रेमियों, इतिहास के शौकीनों और गालिब के प्रशंसकों के लिए इस स्मारक हवेली में घूमना किसी खजाने को पा लेने जैसा है।

संजय वन

यह हरियाली और घने जंगल का एक विशाल क्षेत्र है, यह दिल्ली के सबसे बड़े फॉरेस्ट पैच में से एक है। संजय वन शहर के लोकप्रिय उद्यानों की भीड़ से दूर, प्रकृति प्रेमियों और पक्षी देखने वालों के लिए एक आदर्श जगह है। आप यहां पर कई तरह की इस पक्षियों की प्रजातियों को देख सकते हैं। 10 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले संजय वन में कई सूफी संतों की कब्रें हैं और यहां पर शाम के बाद लोग जाने से बचते हैं। शाम के बाद इस जंगल में भयानक सन्नाटा होता है, जो आपको अंदर तक हिला सकता है।

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kumharo ki colony

कुम्हार कॉलोनी

उत्तम नगर की संकरी गलियों में बसी यह दिल्ली की सबसे बड़ी कुम्हार बस्ती है जिसे कुम्हार ग्राम भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में कुम्हारों के 700 से अधिक परिवारों का घर है, जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिट्टी के बर्तन बनाने की कला को आगे बढ़ाया है। सुनने में आपको शायद अजीब लगे, लेकिन यहां पर कई कुम्हार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं और उनके मिट्टी के सामान और मिट्टी के बर्तन न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय बाजारों में भी बेचे जाते हैं। अगर आप उत्तम नगर में हैं तो एक बार इस कुम्हार कॉलोनी में अवश्य जाएं और कई तरह की मिट्टी की वस्तुओं को तराशते हुए देखें। यहां पर आप सस्ते दामों पर मिट्टी के बर्तनों, मूर्तियों, चीनी मिट्टी के बरतन और सभी प्रकार के सुंदर मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी कर सकती हैं। (दिल्ली के ऐतिहासिक दरवाजों के बारे में जानें )

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