मेकअप खरीदना अपने आप में एक बहुत ही चैलेंजिंग काम है, लेकिन इससे भी ज्यादा चैलेंजिंग ये पता लगाना है कि आखिर आप जो मेकअप खरीद रही हैं वो असली है या नकली। दरअसल, अपनी स्किन टोन, टेक्शचर और बजट के हिसाब से हम कोई ब्रांड या कोई प्रोडक्ट चुन तो सकते हैं, लेकिन ये कैसे पता लगाया जाए कि जो मेकअप हम खरीद रहे हैं वो असली ही है। ये तो सभी जानते हैं कि नकली मेकअप प्रोडक्ट्स हमें बड़ी आसानी से सड़क किनारे भी मिल जाते हैं, लेकिन अगर आप किसी नई दुकान से कॉस्मेटिक्स खरीद रही हैं तो वो सही है या नहीं ये जानने का भी अपना अलग तरीका है।  

दरअसल, नकली कॉस्मेटिक्स न सिर्फ आपकी स्किन और बालों को बल्कि आपकी आंखों और होठों को भी नुकसान पहुंचाते हैं और कई केस में तो ये स्किन से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। हालांकि, इन प्रोडक्ट्स की कीमत काफी कम होती है, लेकिन इन्हें लेने से बचना चाहिए। तो अगर आप भी मेकअप प्रोडक्ट्स खरीदने की सोच रही हैं तो जानिए कि कैसे आप सही कॉस्मेटिक्स पहचान सकती हैं।  

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1. एक ही दुकान या ब्रांड से प्रोडक्ट्स खरीदें-  

कॉस्मेटिक्स खरीदने के लिए आप बार-बार दुकान न बदलें। ऑथोराइज्ड सेलर से ही कॉस्मेटिक्स लें। आप चाहें रिटेल में खरीद रही हों या फिर ऑनलाइन कभी भी रसीद लेना न भूलें। इसके अलावा, ऐसी दुकानों के फेक प्रोडक्ट्स पर यकीन न करें जो ज्यादा डिस्काउंट देने का दावा कर रहे हों। एक ब्रांड पर निर्भर रहना जरूरी है। ये सबसे अच्छा तरीका है इस बात का ध्यान रखने का कि आप किसी मार्केटिंग फ्रॉड का हिस्सा न बनें।   

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2. जिस ब्रांड को खरीदने जा रही हैं उसका लेबल ध्यान रखें- 

आप इसके बारे में ऑनलाइन भी थोड़ी रिसर्च कर लें। अगर आपको लगता है कि पैकेजिंग में थोड़ी गलती है तो दूसरे स्टोर पर भी चेक करें। अगर आप उस ब्रांड की रेग्युलर यूजर हैं तब तो आपको ध्यान होगा ही, लेकिन अगर नया प्रोडक्ट खरीद रही हैं तो हो सकता है कि आप कन्फ्यूज हो जाएं। इसके अलावा, कई बार कंपनी भी अपनी ब्रांडिंग, कलर-कोडिंग और लोगो आदि बदल देती है इसलिए आप उसका भी ध्यान रखें।  

ये चीज़ें आपको ध्यान से चेक करनी होगी। कई बार प्रोडक्ट के वजन से भी पता लगाया जा सकता है। नाम से लेकर, साइज, वजन, पैकिंग, शेड आदि में बदलाव आसानी से पकड़ा जा सकता है। बसे थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है। लिपस्टिक खरीदते समय ध्यान रखें लिपस्टिक का शेड देखने पर भी पता चल जाता है कि ये असली है या नकली। आप प्रोडक्ट की आधिकारिक ब्रांड वेबसाइट चेक करें।  

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3. पैकेजिंग पर ध्यान- 

अगर आप बड़े ब्रांड का प्रोडक्ट खरीदने जा रही हैं तो उसकी पैकेजिंग पर ध्यान रखें। बड़े ब्रांड्स अपनी पैकेजिंग पर बहुत ध्यान रखते हैं। जैसे प्लास्टिक या ग्लास क्वालिटी। कई बार प्रोडक्ट को छूकर पता लगाया जा सकता है कि वो असली है या नकली। आप ब्रांड और प्रोडक्ट का सीरियल नंबर उसकी वेबसाइट या एप पर डालकर भी चेक कर सकती हैं। जैसे लैक्मे के काजल में सिक्योरिटी होलोग्राम होता है और मेबिलीन के काजल में हॉट स्टैम्प स्टीकर।

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4. खुशबू और कंसिस्टेंसी- 

प्रोडक्ट की खुशबू और कंसिस्टेंसी से भी फर्क पड़ता है। जब आपको टेस्टर ट्राई करवाया जाए तो आप ये ध्यान दें कि उसकी कंसिस्टेंसी या खुशबू कैसी है। ब्रांडेड प्रो़डक्ट्स की खुशबू और कंसिस्टेंसी काफी स्मूथ होती है और फेक प्रोडक्ट्स में आपको कुछ अलग ही दिखेगा।  

5. ब्रश और स्पॉन्ज भी चेक करें- 

अगर किसी प्रोडक्ट की पैकेजिंग एक जैसी है भी तो भी अंदर कुछ न कुछ अलग जरूर होगा। आप सोच सकते हैं कि मेकअप ब्रश और स्पॉन्ज में बदलाव कैसे आए हैं, या इन्हें कैसे चेक किया जाए, लेकिन ये बहुत आसानी से बदले जा सकते हैं। इसलिए आप अंदर के प्रोडक्ट की क्वालिटी भी टेस्ट करें। शेप, साइज, कलर या पूरी क्वालिटी में असर हो सकता है। आप इसे ध्यान से चेक करें।   

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6. पहले टेस्ट करें फिर खरीदें- 

मेकअप प्रोडक्ट्स खरीदने से पहले ध्यान रखें कि आप पहले ट्राई जरूर कर लें। फाउंडेशन को हाथ में लगाकर देखें, आईशैडो या ब्लश के साथ भी ऐसा ही करें। अगर वो आसानी से ग्लाइड हो रहा है तो ठीक है, अगर नहीं हो रहा तो ये फेक हो सकता है। ऐसे ही मस्कारा लेते समय उसके ब्रश को ध्यान से देखें। 

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