इस बात में कोई दोराय नहीं है कि एक ब्यूटीफुल स्किन पाने के लिए आपको उसकी अतिरिक्त केयर करनी होती है। अमूमन महिलाएं अपनी स्किन की केयर करने और उसे पैम्पर करने के लिए कई तरह के स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन आपने कभी इस बात पर विचार किया है कि आप जिन स्किन केयर प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल अपनी स्किन पर कर रही हैं, क्या वह सच में आपकी स्किन का ख्याल रख रहे हैं या नहीं। दरअसल, मार्केट में मिलने वाले स्किन केयर प्रॉडक्ट्स में कई ऐसे प्रॉडक्ट होते हैं, जो लगातार इस्तेमाल करने से आपकी स्किन पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।
पैराबेन भी एक ऐसा ही केमिकल है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर स्किन केयर प्रॉडक्ट में किया जाता है। आपने स्किन केयर प्रॉडक्ट को खरीदते समय लेबल पर इस केमिकल पर ध्यान ना दिया हो, जबकि वास्तव में यह आपकी स्किन के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। इसका लगातार इस्तेमाल आपकी स्किन में इरिटेशन से लेकर आपकी रिप्रॉडक्टिव सिस्टम पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको पैराबेन्स से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप भी यकीनन पैराबेन्स फ्री प्रॉडक्ट का ही इस्तेमाल करना पसंद करेंगी-
क्या हैं पैराबेन्स?
पैराबेन्स से होने वाले नुकसानों के बारे में जानने से पहले आपको इसके बारे में जान लेना चाहिए। यह एक ऐसा प्रिजर्वेटिव है, जो आपके स्किन केयर प्रॉडक्ट की शेल्फ लाइफ में इजाफा करता है। पैराबेन्स सिंथेटिक होते हैं और इसलिए स्किन के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं माने जाते। यहां तक कि इनका लगातार इस्तेमाल स्किन ही नहीं, सेहत के लिए भी नुकसानदायक होता है।
एलर्जी की हो सकती है समस्या
पैराबेन्स का इस्तेमाल त्वचा में जलन और एलर्जी प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है। विशेष रूप से अगर आपकी स्किन सेंसेटिव या डैमेज्ड है, तो पैराबेन्स आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। कई अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि पैराबेन्स विशेष रूप से सोरायसिस या एक्जिमा आदि में इन्फ्लमेशन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए ऐसी महिलाओं को विशेष रूप से पैराबेन फ्री प्रॉडक्ट को चुनना चाहिए।
इसे भी पढ़ें :Skin Care Tips: दमकती त्वचा पाने के लिए स्किन केयर से जुड़ी इन 4 गलतियों से बचें
रिप्रॉडक्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्याएं
आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन पैराबेन्स आपके रिप्रॉडक्टिव सिस्टम पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। रिसर्च में पाया गया कि पैराबेन्स से प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर से, अगर आप प्रेग्नेंसी पीरियड में ऐसे प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, जिनमें अत्यधिक पैराबेन्स होते हैं, तो इससे महिला माताओं और उनके बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं, इससे उन्हें रिप्रॉडक्टिव कॉम्पलीकेशन के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु के विकास से संबंधित समस्याएं भी आ सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : स्किन केयर प्रॉडक्ट को अप्लाई करने से पहले टाइम पर भी दें ध्यान
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा
साल 2004 में, ब्रिटिश वैज्ञानिक फिलिप डारब्रे ने एक रिसर्च पेपर पब्लिश किया था, जिसमें स्तन कैंसर के टिश्यूज के नमूनों में पैराबेन्स के निशान पाए गए। डारब्रे ने अपने शोध में यह भी बताया था कि न केवल त्वचा के माध्यम से पैराबेन्स आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, बल्कि वे मौजूदा कैंसर कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देते हैं। जिससे आपकी स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है। हालांकि, यहां आपको यह भी समझना होगा कि केवल पैराबेन्स ही ब्रेस्ट कैंसर का कारण नहीं बनते हैं, बल्कि अन्य कई कारणों से भी महिला को स्तर कैंसर हो सकता है। हालांकि, पैराबेन्स फ्री प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करके ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Recommended Video
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
HerZindagi Video
HerZindagi ऐप के साथ पाएं हेल्थ, फिटनेस और ब्यूटी से जुड़ी हर जानकारी, सीधे आपके फोन पर! आज ही डाउनलोड करें और बनाएं अपनी जिंदगी को और बेहतर!
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों