हेयर कलर करवाना आज के समय में एक ट्रेंड बनता जा रहा है। चाहे पुरूष हो या महिला, हर कोई एक यूनिक लुक पाने के लिए तरह-तरह के कलर्स से अपने हेयर को डिफरेंट लुक देना चाहता है। हालांकि, कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जो हेयर कलर करवाना तो चाहती हैं, लेकिन वह इस बात से डरती हैं कि इससे उनके बाल डैमेज हो जाएंगे। इतना ही नहीं, हेयर कलर को लेकर तरह-तरह के मिथ्स उनके मन में पहले से ही होती है। यकीनन केमिकल ट्रीटमेंट कुछ प्रभाव तो आपके बालों पर छोड़ते हैं, लेकिन उनसे बाल रूखे, बेजान या डैमेज्ड होंगे या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उनकी केयर किस तरह से करती हैं। कई बार हम हेयर कलर करवाने के बाद बालों के साथ लापरवाही बरतते हैं और फिर यह मान लेते हैं कि हेयर कलर के कारण बाल डैमेज्ड हो रहे हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको हेयर कलर से जुड़ी कुछ भ्रांतियों के बारे में बता रहे हैं-

मिथ 1- एक बार कलर करवाने के बाद बार-बार करना होगा हेयर कलरhair colour myth

सच्चाई- कुछ महिलाएं यह मानती हैं कि अगर उन्होंने एक बार हेयर कलर करवा लिया तो उन्हें बार-बार बालों को कलर करवाना पड़ेगा। जी नहीं, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। यह पूरी तरह से आपकी च्वॉइस पर निर्भर करता है कि आप बालों को दोबारा कलर करवाना चाहती हैं या नहीं। एक बार कलर करवाने का अर्थ यह कतई नहीं है कि उसके बाद आप कभी भी अपने नेचुरल हेयर कलर को फ्लॉन्ट नहीं कर पाएंगी।

मिथ 2- हेयर कलर से बाल हो जाते हैं थिन

colour

सच्चाई- नहीं, यह भी पूरी तरह से एक मिथ ही है। बालों के पतले होने के पीछे का मुख्य कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी व आपका खराब लाइफस्टाइल होता है। इसका आपके हेयर कलर से कुछ भी लेना-देना नहीं है।

मिथ 3-हेयर कलर से बाल होते हैं डैमेज्ड

dry hair

सच्चाई- यह हेयर कलरिंग को लेकर एक पॉपुलर मिथ है, जिस पर शायद आप भी भरोसा करती हों। हेयर कलर आपके बालों को डैमेज्ड तभी करता है, जब उसकी क्वालिटी अच्छा ना हो। मसलन, सिलिकॉन बेस्ड कलर को बालों के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन अगर आपके हेयर कलर सिलिकॉन लेस है तो इससे आपके हेयर की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। इसलिए हेयर कलर करवाते समय उसकी क्वालिटी पर विशेष रूप से फोकस करें।

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मिथ 4- बालों को कलर करने से बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं।

white hair

सच्चाई- इस मिथ के कारण भी कई महिलाएं बालों को कलर करवाने से बचती हैं। लेकिन हम आपको बता दें कि सफ़ेद बाल पूरी तरह से जेनेटिक होते हैं, और कलर करने से ना ही बाल सफेद होते हैं और ना ही उनके सफेद होने का प्रोसेस स्पीडअप होता है। जब मेलेनिन कलर पिगमेंट का उत्पादन बंद कर देता है तो बाल सफेद होने लगते हैं, और यह तब होता है जब आपके बाल भूरे होने लगते हैं।

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मिथ 5- कलर्ड हेयर की केयर करना काफी मुश्किल है।

colour hair

सच्चाई- आज के समय में किसी के पास इतना वक्त नहीं होता कि वह अपने बालों के लिए अलग से समय निकाल सके। चूंकि महिलाओं को यह लगता है कि कलर्ड हेयर अधिक केयर मांगते हैं तो इसलिए वह हेयर कलर करवाने से बचती हैं। हालांकि, यह सच नहीं है। बालों के कलर करवाने के बाद बस आपको अपने हेयर प्रॉडक्ट्स को स्विच करना पड़ता है। आप शैम्पू से लेकर कंडीशनर व सीरम ऐसे चुनें, जो कलर्ड हेयर के लिए ही हो। यह कुछ ऐसा ही है, जैसे आप अपने हेयर टाइप के अनुसार हेयर प्रॉडक्ट का चयन करती हैं। हालांकि, अगर आपको अपने लिए सही प्रॉडक्ट को लेकर कोई आशंका है तो आप अपने हेयर स्टाइलिस्ट से इस बारे में पूछ सकती हैं। लेकिन कलर्ड हेयर की देखभाल के लिए आपको अलग से समय निकालने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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