बूढ़ा दिखना कोई नहीं चाहता है। खासतौर पर महिलाएं तो 50 की उम्र में भी 35 का दिखना पसंद करती हैं। इसलिए त्‍वचा को झुर्रियों, झाइयों और एजिंग स्‍पॉट्स से बचाने के लिए महिलाएं कई एंटी-एजिंग प्रॉडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल करती हैं। बाजार में भी हर दिन कोई नया एंटी-एजिंग ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट आजाता है। मगर क्‍या हर एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट अच्‍छा होता है? क्‍या हर एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट से झुर्रियां दूर हो सकती हैं?

इन सवालों को जवाब देते हुए स्किन एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर अमित बांगिया कहते हैं, ' कई बार महंगे से महंगा प्रोडक्‍ट भी यूजलेस होता है और कई बार सस्‍ता प्रोडक्‍ट बहुत ही असरदार साबित होता है। इसलिए प्रोडक्‍ट की पैकिंग और कीमत पर न जाएं। सबसे पहले तो आप यह जान लें कि आपकी स्किन टाइप क्‍या है। उसके बाद आप प्रोडक्‍ट के इंग्रीडियंट्स को देखें और फिर अपने लिए एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट का चुनाव करें।' 

डॉक्‍टर अमित यह भी बताते हैं कि एक अच्‍छे एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट का चुनाव करते वक्‍त किन बातों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। 

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सनस्‍क्रीन 

अमूमन लोगों को सनस्‍क्रीन का सही चुनाव और इस्‍तेमाल करना नहीं आता है। लोगों को जिस सनस्‍क्रीन का विज्ञापन अच्‍छा लगता है, वह उसे ही खरीद कर यूज करना शुरू कर देते हैं। मगर डॉक्‍टर अमित इस बात पर एतराज जताते हैं और कहते हैं, 'सनस्‍क्रीन एक बहुत ही एसेंशियल ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट है। इसका चुनाव विज्ञापन देख कर या मार्केट में क्‍या ट्रेंड कर रहा है यह देख कर नहीं करना चाहिए बल्कि अपनी उम्र और त्‍वचा के हिसाब से करना चाहिए।' डॉक्‍टर अमित के मुताबिक अगर आप एजिंग को ध्‍यान में रख कर सनस्‍क्रीन खरीद रही हैं तो कुछ बातों का ध्‍यान जरूर रखें- 

  • आपको 30 एसपीएफ से ऊपर एसपीएफ वाली सनस्‍क्रीन खरीदनी चाहिए। 
  • सनस्‍क्रीन का नॉन कॉमेडोजेनिक होना जरूरी है ताकि आपको एकने की समस्‍या न हो। 
  • इसके साथ ही सनस्‍क्रीन का वाटर रेजिस्टेंस होना भी जरूरी है ताकि पसीना आने पर वह निकल न जाए। 
  • आपको हर 2 से 3 घंटे में दोबारा सनस्‍क्रीन लगाना चाहिए।  

मॉइश्‍चराइजर 

बाजार में कई एंटी-एजिंग मॉइश्‍चराइज उपलब्‍ध हैं। मगर आपको हमेशा हयालूरोनिक एसिड वाले मॉइश्‍चराइज ही लेने चाहिए क्‍योंकि हयालूरोनिक एसिड से ही हमारी त्‍वचा भी बनी होती है। यह बेस्‍ट एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट होता है। अगर आप अपनी त्‍वचा को अच्‍छी तरह से मॉइश्‍चराइज करती हैं तो आप त्‍वचा को झुर्रियों से बचा सकती हैं, साथ ही त्‍वचा को मॉइश्‍चराइज करने से स्किन पोर्स का आकार भी छोटा होता है, इससे त्‍वचा में कसाव बना रहता है और मुंहासों की समस्‍या भी नहीं होती है।   

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स्किन टाइप के अनुसार लें एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट्स 

जब भी एंटी-एजिंग प्रोडक्‍ट्स आप ले रही हों तो पहले यह जान लें कि आपकी स्किन टाइप (स्किन टाइप कैसे पहचाने )क्‍या है। आपकी स्किन अगर सेंसिटिव है तो आपको और जांच-परख कर प्रोडक्‍ट्स का चुनाव करना चाहिए। इस विषय में डॉक्‍टर अमित कहते हैं- 

  • सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को सबसे पहले प्रोडक्‍ट में देख लेना चाहिए कि उसमें लिखा हो कि यह सेंसिटिव स्किन के लिए है। साथ ही सेंसिटिव स्किन वालों को एएचए, बीएचए वाले प्रोडक्‍ट्स नहीं यूज करने चाहिए क्‍योंकि इससे उन्‍हें त्‍वचा पर  इरिटेशन हो सकती है। 
  • ऑयली स्किन वालों को वॉटर बेस्‍ड प्रोडक्‍ट्स का यूज करना चाहिए। ऐसी त्‍वचा वाले लोग एएचए और बीएचए की अच्‍छी मात्रा वाले प्रोडक्‍ट्स यूज कर सकते हैं क्‍योंकि इससे त्‍वचा के ऑयल को कंट्रोल किया जा सकता है।ऑयली स्किन वालों को  विटामिन-ए और विटामिन-सी युक्‍त प्रोडक्‍ट्स इस्‍तेमाल करना चाहिए, इससे रिंकल्‍स की समस्‍या कम होती है। 
  • जिन लोगो की त्‍वचा ड्राई है, उन्‍हें ऑयल बेस्‍ड मॉइश्‍चराइजर और ग्रेपसीड ऑयल युक्‍त प्रोडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल करना चाहिए।  
 

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सही टाइम पर लगाएं सही प्रोडक्‍ट

विटामिन सी,एंटीऑक्‍सीडेंट्स और रेटनॉयल बेस्‍ड प्रोडक्‍ट्स को दिन में न लगाएं। क्‍योंकि सूर्य की किरणों में यह प्रोडक्‍ट्स त्‍वचा पर टिक नहीं पाते हैं। इन्‍हें रात में सोने से पहले ही लगाएं, नहीं तो त्‍वचा पर एलर्जी भी हो सकती है। दिन में केवल सनस्‍क्रीन और मॉइश्‍चराइजर का ही इस्‍तेमाल करें। 

बेस्‍ट होगा कि आप किसी त्‍वचा विशेषज्ञ की राय लें और अपनी त्‍वचा के टाइप को पहचान कर उसके हिसाब से प्रोडक्‍ट्स का चुनाव करें। यह आर्टिकल आपको अच्‍छा लगा हो तो इसे शेयर और लाइक जरूर करें। साथ ही इसी तरह के और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

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