बारिश के मौसम में कई त्वचा समस्याों में से एक है फंगल इन्फेक्शन की समस्या। यह समस्या त्वचा को नुक्सान पहुंचाने के साथ त्वचा में खुजली और रैशेज़ का कारण भी बनती है। कई बार भीतरी कोई समस्या जैसे ब्लड का इमप्योर होना भी त्वचा में फंगल इन्फेक्शन का कारण बनता है। स्किन पर लाल चकत्ते, खुजली, जलन जैसी समस्याओं का एक बड़ा रूप लेती है फंगल इन्फेक्शन की समस्या। खासतौर पर मानसून सीजन को त्वचा की कई बीमारियों का सीजन कहा जा सकता है। यह समस्या न सिर्फ चेहरे की त्वचा बल्कि शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के कई घरलू उपाय मौजूद हैं लेकिन यह समस्या तब और बड़ा रूप ले सकती है जब ये त्वचा पर जिद्दी निशान छोड़ देती है जिससे आसानी से छुटकारा नहीं मिलता है। 

फंगल इन्फेक्शन के ठीक होने के बाद इसके निशान त्वचा पर बुरा असर डालते हैं। यही नहीं इनकी वजह से कई बार आप अपनी पसंदीदा ड्रेस भी नहीं पहन पाती हैं। लेकिन इन निशानों को बहुत जल्द कुछ आसान घरेलू उपायों के द्वारा ठीक किया जा सकता है और खूबसूरती में चार चांद लगाया जा सकता है। आइए जानें इन निशानों को ठीक करने के कुछ आसान घरेलू उपायों के बारे में। 

हल्दी और दही

curd and turmeric for skin 

हल्दी में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं और ये त्वचा के कई विकारों को दूर करने में मदद करती है। वहीं दही प्रोबायोटिक की तरह काम करता है जो त्वचा के इन्फेक्शन और उसके प्रभाविन को दूर करने में मदद करता है। अगर आपकी त्वचा में फंगल इन्फेक्शन के निशान हैं तो आप अपनी त्वचा पर 2 चम्मच दही में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाएं और 20 मिनट तक लगाए रखें। 20 मिनट बाद इसे पानी से धो लें। इस नुस्खे को हफ्ते में 3 दिन आजमाएं। 15 से 20 दिन में निशान हल्के होकर ठीक हो जाएंगे। इसके लिए आप कच्ची हल्दी का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। 

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नीम का पेस्ट या नीम की छाल 

neem for skin rashes

नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुण त्वचा संबंधी हर एक विकार से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं।  स्किन संबंधी इंफेक्शन को खत्म करने के लिए नीम की पत्तियों का पेस्ट या इसके पानी का इस्तेमाल किया जाता है। यदि त्वचा पर फंगल इन्फेक्शन के निशान हैं तो इसमें नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर अप्लाई करें। इसके अलावा त्वचा के दाग धब्बों को दूर करने के लिए नीम की छाल को थोड़े से पानी के साथ घिसकर पेस्ट तैयार करें और प्रभावित स्थान पर लगाएं। नीम त्वचा को ठंडक प्रदान करने के साथ त्वचा के दाग धब्बों को दूर करने में भी मदद करती है। इसके 15 दिनों तक नियमित इस्तेमाल से त्वचा से फंगल इन्फेक्शन के निशाँ ठीक होने लगते हैं। 

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एलोवेरा का इस्तेमाल 

aloe vera gel for skin

एलोवेरा और इससे निकलने वाले जेल में एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल गुए पाए जाते हैं जो स्किन संबंधी किसी भी समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं। यदि आपकी त्वचा में कहीं पर भी फंगल इन्फेक्शन के निशान मौजूद हैं तो उस स्थान पर एलोवेरा जेल से मसाज करें। आप प्रभावित स्थान पर रात भर के लिए एलोवेरा जेल लगाए रखें और सुबह त्वचा पानी से धो लें। लेकिन ध्यान रखें कि एलोवेरा जेल लगाकर कभी भी घूप  में न निकलें क्योंकि ये टैनिंग का कारण बन सकता है। इसके अलावा एलोवेरा हर स्किन पर सूट नहीं करता है इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करें या अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखकर विशेषज्ञ की सलाह लें। 

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चन्दन पाउडर का इस्तेमाल 

chandan for skin

चन्दन बहुत जल्द ही त्वचा के दाग धब्बे ठीक करने में मदद करता है। यदि आपकी त्वचा में कहीं पर भी फंगल इन्फेक्शन के निशान मौजूद हैं तो उस जगह पर चन्दन पाउडर (लाल चन्दन के फायदे) का लेप लगाएं। इसे 15 मिनट तक लगाए रखें और 15 मिनट बाद पानी से धो लें। चंदन पाउडर का त्वचा में इस्तेमाल बहुत जल्द ही किसी भी प्रकार के निशान को हल्का करके ठीक करता है। इसलिए इसका कम से कम 20 दिनों तक नियमित रूप से इस्तेमाल करें। 

यहां बताए गए सभी नुस्खे पूरी तरह से प्राकृतिक हैं और इनका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है लेकिन संवेदनशील त्वचा पर इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें या विशेषज्ञ की सलाह लेना न भूलें। 

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Image Credit: free pik and shutterstock