प्रेंग्नेंसी के दौरान बालों के टेक्सचर और ग्रोथ में बदलाव आने लगते हैं। प्रेंग्नेंसी में हॉर्मोन्स का प्रभाव हर महिला पर अलग होता है। कुछ महिलाओं में एंड्रोजन और एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण प्रेंग्नेंसी के दौरान बाल हेल्दी रहते हैं। इस अवस्था में  बालों के बढ़ने के कुछ कारण होते हैं। और वो कारण क्या हैं ये बता रही हैं अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल की डॉक्टर शीतल। 

1. आम तोर पर 90-95% बाल बढ़ने की स्थिति में होते हैं और 5-10% बाल आराम की स्थिति में होते हैं। हमारे 90% बाल एक महीने में आधा इंच बढ़ते हैँ। रेस्टिंग पीरियड के बाद जो इस फेज में बाल होते हैं जो झड़कर नए बाल आने शुरू हो जाते हैं। एक दिन में एक महिला के लगभग 100 बाल झड़ते हैं।

2. प्रेंग्नेंसी के शुरू के तीन महीनो में महिलाओं के बाल बहुत ज़्यादा बढ़ने लगते हैं क्योकि उनके शरीर में एण्ड्रोजन की मात्रा भी बढ़ने लगती है। इस समय बाल घने और भारी महसूस होने लगते हैं क्योकि इस दौरान बालों का झड़ना बन्द हो जाता है। प्रेंग्नेंसी में बढ़ते हॉर्मोन्स की वजह से बाल अधिक समय तक रेस्टिंग फेज में रहते हैं जिसके कारण बाल पहले से घने और मज़बूत नज़र आने लगते हैं।

इसे भी पढ़ें: चाहकर भी प्रेग्‍नेंट नहीं हो पा रही हैं आप तो आपकी कुछ आदतें हैं इनफर्टिलिटी के लिए जिम्‍मेदार

3.प्रेंग्नेंसी में विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से भी बाल बहुत जल्दी-जल्दी बढ़ने लगते हैं। प्रोजेस्टेरोन एक ऐसा हॉर्मोन है जो प्रेंग्नेंसी में बालों में फॉलिकल्स को जीवित रखता है। यह हॉर्मोन बालों के ग्रोथ के फेज को लंबा कर देता है जिससे यह बहुत घने हो जाते हैं। प्रेंग्नेंसी के पुरे समय बाल इसी तरह बढ़ते रहते हैं। बच्चे के पैदा होने के 6 महीने बाद यह पहले की तरह नार्मल  होने लगते हैं। बाल ना ही केवल घने लगते हैं बल्कि पहले से अधिक चमकदार भी महसूस होते हैं।

4.प्रेंग्नेंसी के दौरान महिलाओं को ज़्यादा खाना खाने की इच्छा होती है। सोने से कोर्टिसोल हॉर्मोन कम होता है। जिससे स्ट्रेस भी नही होता। इससे बाल भी जल्दी जल्दी बढ़ने लगते हैं।

pregnancy hair growth inside

5.प्रेंग्नेंसी के दौरान हाथों, पैरों और अन्य हिस्सों पर अनचाहे बालों की ग्रोथ भी होने लगती है। एण्ड्रोजन की अधिक मात्रा की वजह से शरीर के बहुत से हिस्सों पर अनचाहे बालों की ग्रोथ होने लगती है। बहुत महिलाओं को चेहरे, पेट और अन्य जगहों पर बाल आने लगते हैं।

6. आपको हेयर रिमूवल उत्पाद जैसे ब्लीच, क्रीम और डेपिलेटर्स  का इस्तेमाल नही करना चाहिये। प्रेंग्नेंसी के दौरान लेज़र और इलेक्ट्रोलाइसिस भी नही करवानी चाहिये। बहुत सी महिलाओं में बच्चा होने के बाद यह अनचाहे बाल अपने आप झड़ जाते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: केवल 1 महीने में ठीक होगी हेयर फॉल की समस्या, यूज़ करें मेथी के दानों का हेयर पैक

7. प्रेंग्नेंसी में बालों के टेक्सचर में बदलाव आता है। हो सकता है आपके वेवी बाल सीधे होने लगे, या आपके बाल बहुत ऑयली या रूखे पड़ने लगें। कुछ महिलाओं के बालों का रंग भी बदलने लगता है।

pregnancy hair growth inside

8. प्रेंग्नेंसी के दौरान बहुत सी महिलाओं के बाद जड़ने लगते हैं। यह आयरन, प्रोटीन या आयोडीन की कमी से भी हो सकता है। इससे बाल रूखे, कमज़ोर और हल्के होने लगते है।

9. पोस्टपार्टम या ब्रेस्टफीडिंग के बाद बहुत सी महिलाओं के बाल झड़ने लगते हैं। यह इसलिए होता है क्योकि बच्चा होने के बाद हॉर्मोन्स और रेस्टिंग साइकिल पहले की तरह नार्मल होने लगती है, और इसके कारण और बाल झडंने लगते हैं। बच्चा होने के 6 महीने बाद शरीर के बाल भी झड़ जाते हैं।

10. यह भी ध्यान रखें की सभी महिलाओं के बालों में यह टेक्सचर में बदलाव नही आते। यह अक्सर उन महिलाओं में होते हैं जिनके बाल लंबे होते हैं।