Sun Oct 11, 2026 | Updated 12:22 PM IST

Sankashti Chaturthi Date 2026: कब है मार्च महीने की संकष्टी चतुर्थी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Sankashti Chaturthi Kab Hai: मार्च 2026 में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी' के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
Updated:- 2026-03-05, 12:45 IST
march sankashti chaturthi 2026 kab hai

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी आराधना की जाती है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। मार्च 2026 में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी' के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। यह दिन विशेष रूप से बाधाओं को दूर करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि मार्च संकष्टी चतुर्थी कब पड़ रही है, क्या है इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व? 

मार्च संकष्टी चतुर्थी कब है? (Sankashti Chaturthi Kab Hai 2026)

चैत्र माह की चतुर्थी तिथि का आरंभ 6 मार्च 2026, शुक्रवार के दिन शाम 5 बजकर 53 मिनट से हो रहा है। वहीं, इसका समापन 7 मार्च 2026, शनिवार के दिन शाम 7 बजकर 17 मिनट पर होगा।

march sankashti chaturthi 2026 date

यूं तो उदया तिथि के अनुसार, भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 7 मार्च को मनाई जानी चाहिए, लेकिन तिथि क्षय के कारण इस बार गणेश जी की पूजा 6 मार्च की शाम को यानी संध्याकाल में होगी।

यह भी पढ़ें- गणेश जी ने अपनी ही मां देवी पार्वती को कौन सा वरदान दिया था?

मार्च संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Sankashti Chaturthi Puja Muhurat 2026)

मार्च में पड़ने वाली भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रोदय रात 9 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में गणेश जी की पूजा के लिए 3 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिनमें अमृत काल, गोधुली मुहूर्त और निशिता मुहूर्त शामिल हैं।

जहां एक ओर घोदुली बेला शाम 06:22 से शाम 06:47 तक है तो वहीं, अमृत काल रात 08:35 से रात 10:15 तक है। इसके अलावा, निशिता मुहूर्त रात 12:07 से रात 12:57 तक है। 

यह भी पढ़ें- Ganesh Ji Ki Puja: घर के मंदिर में कलावे के रूप में क्यों रखे जाते हैं गणेश जी?

मार्च संकष्टी चतुर्थी 2026 महत्व 

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। 'भालचंद्र' का अर्थ है जिसके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हो। इस रूप में गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।

march sankashti chaturthi 2026 shubh muhurat

चंद्रमा मन का कारक है और गणेश जी बुद्धि के। इनकी संयुक्त कृपा से साधक का मन एकाग्र होता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से उपवास रखते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं, भगवान गणेश उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।