Jyeshtha Amavasya 2026: ज्येष्ठ अमावस्या पर पितरों के लिए करें ये अचूक उपाय, मिलेगा आशीर्वाद

Jyeshtha Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात ज्येष्ठ मास की अमावस्या की हो, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई को पड़ रही है। इस दिन बेहद शुभ संयोग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या पितरों की आत्मा की तृप्ति, उनकी प्रसन्नता और जीवन से पितृ दोष से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो या जीवन में लगातार परेशानियां आ रही हों, तो इस दिन किए गए कुछ अचूक उपाय पूर्वजों का आशीर्वाद दिला सकते हैं। पंडित जन्मेश द्विवेदी से जानते हैं इन खास उपायों के बारे में।
तर्पण और अर्घ्य
- पितरों की प्यास बुझाने और उन्हें तृप्त करने के लिए तर्पण को सबसे उत्तम और अनिवार्य कार्य माना गया है। अमावस्या के दिन सुबह स्नान के बाद एक तांबे के पात्र में साफ जल लें।
- इस जल में काला तिल, सफेद फूल और कुशा मिलाएं।
- अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर करें, क्योंकि यह दिशा पितरों की मानी जाती है। इसके बाद अपने पूर्वजों का ध्यान करते हुए अंजली से जल अर्पित करें और "ॐ पितृभ्य: नम:" मंत्र का जाप करें।
पीपल के वृक्ष की सेवा और दीपदान
- शास्त्रों में वर्णित है कि पीपल के वृक्ष में त्रिदेवों के साथ-साथ पितरों का भी वास होता है।
- ज्येष्ठ अमावस्या की सुबह पीपल के पेड़ की जड़ में कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
- संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से पितृ अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर की अशांति तथा क्लेश दूर होते हैं।
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दक्षिण दिशा में विशेष दीपक
शाम के समय अपने घर की दक्षिण दिशा में, जो कि पितरों का स्थान है, सरसों के तेल का एक लंबी बाती वाला दीपक जलाएं।
यह दीपक पूर्वजों के मार्ग को आलोकित करता है और उनका आशीर्वाद घर पर बनाए रखता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- इस दिन घर में पूरी तरह सात्विक वातावरण रखें।
- तामसिक भोजन से दूर रहें और किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचें।
इस साल की ज्येष्ठ अमावस्या इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का महापर्व भी मनाया जा रहा है। ऐसे में पितरों के निमित्त किए गए ये सरल और अचूक उपाय आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अक्षय पुण्य लेकर आएंगे।
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