Shani Amavasya 2026: कुंभ राशि पर चल रहा है साढ़ेसाती का आखिरी चरण, शनि अमावस्या के दिन जरूर करें ये 3 उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय के देवता के रूप में देखा जाता है और ऐसा माना जाता है कि वो किसी भी व्यक्ति को उसके कर्मों का फल देने वाले होते हैं। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं और जो अच्छे कर्म करता है उसे शुभ परिणाम मिलते हैं और बुरे कर्म वाले का बुरा नतीजा होता है। साल 2026 में कुछ राशियों की शनि की साढ़ेसाती चल रही है, जिसमें कुंभ राशि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। कुंभ राशि के लिए यह समय कई मामलों में राहत देने वाला है, लेकिन अभी भी इस राशि के लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है क्योंकि शनिदेव साढ़ेसाती के आखिरी चरण में भी पूर्ण फल देते हैं। ऐसे में इस राशि के जीवन में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं। अगर आपकी राशि भी कुंभ है और आप शनि साढ़ेसती के आखिरी चरण में हैं तो शनि अमावस्या के दिन किए गए कुछ उपाय आपके लिए कारगर हो सकते हैं। इस साल शनि अमावस्या 16 मई को मनाई जाएगी। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें कुंभ राशि के लोगों के लिए ऐसे उपायों के बारे में जो शनि अमावस्या के दिन आजमाने चाहिए।
कुंभ राशि पर शनि साढ़ेसाती का आखिरी चरण

ज्योतिष के अनुसार जब शनि किसी राशि के ऊपर से गोचर करते हैं, तब साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू होता है। कुंभ राशि वालों के लिए यह समय मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव, करियर में रुकावट और रिश्तों में दूरी जैसी परिस्थितियां लेकर आ सकता है। हालांकि अब साढ़ेसाती का अंतिम चरण पहले की तुलना में थोड़ी राहत देने वाला हो सकता है, लेकिन इस दौरान आपको शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय आजमाने चाहिए।
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काली वस्तुओं का दान करें
शनि देव को दान-पुण्य अत्यंत प्रिय माना गया है। यदि आप शनि अमावस्या के दिन काला तिल, काला कपड़ा, काली उड़द दाल, लोहे की वस्तु या चप्पल का दान करेंगी तो यह अत्यंत शुभ और फलदायी हो सकता है। इस दिन यदि आप स्नान आदि से मुक्त होने के बाद दान-पुण्य करेंगी तो इसके पूर्ण फल आपको मिलेंगे और शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।
सुंदरकांड का पाठ करें

कुंभ राशि के लोगों को शनि अमावस्या के दिन सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यह पाठ व्यक्ति को किसी भी तरह की बाधाओं से दूर करता है और जीवन में समृद्धि प्रदान करने वाला होता है। हनुमान जी की उपासना और सुंदरकांड का पाठ करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती के प्रभाव को कम किया जा सकता है। यदि आप इस दिन घर में सुंदरकांड का पाठ करेंगी तो ज्यादा शुभ होगा। इस दिन आपको हनुमान चालीसा का पाठ कम से कम 11 बार करना चाहिए।
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शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं
यदि शनि अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद आप किसी शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएंगी और शनि चालीसा का पाठ करेंगी, तो शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। शनिदेव की पूजा के बाद शनि की शिला की 7 बार परिक्रमा अवश्य करें। इस आसान उपाय से कुंभ राशि के जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं और शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
यदि आप शनि अमावस्या के दिन यहां बताए उपाय करेंगी तो शनिदेव प्रसन्न होंगे और शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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