(Darsha Amavasya 2024 Upay) हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दर्श अमावस्या आती है। इसे श्राद्ध अमावस्या और पितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पितृ को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। अगर कोई जातक पितृ दोष से छुटकारा पाना चाहता है, तो दर्श अमावस्या का दिन उत्तम फलदायी साबित हो सकता है। अब ऐसे में इस दिन पितृ को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
पितृ आत्मा की शांति के लिए उपाय
पितरों की आत्मा की शांति के लिए दर्श अमावस्या के दिन 11 गायों का चारा खिलाएं। गाय को पवित्र माना जाता है और यह पितरों का वाहन भी है। इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना पितरों की आत्मा की शांति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन कौएं को भी भोजन कराने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पीपल के पेड़ की करें पूजा
पीपल का पेड़ पितरों का निवास स्थान माना जाता है। इसलिए, पितरों की आत्मा की शांति के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करना भी एक उत्तम उपाय है। साथ ही संध्या के समय पीपल के पेड़ के पास सरसो के तेल का दीपक जलाने से लाभ हो सकता है।
धन प्राप्ति के लिए करें उपाय
दर्श अमावस्या के दिन कौड़ी के उपाय से लाभ हो सकता है। इस दिन लाल रंग की 11 कौड़ियां लें और उसे गंगाजल से धो लें। उसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा में सभी कौड़ियों को अर्पित कर दें। पूजा के बाद अगले दिन उन कौड़ियों को तिजोरी में रख दें। इससे धन लाभ हो सकता है।
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ग्रह दोष से छुटकारा पाने के लिए उपाय
दर्श अमावस्या के दिन ग्रह दोषों से छुटकारा पाने के लिए एक काले कपड़े में नींबू, तांबा, पीतल, लोहे का एक सिक्का और 7 लौंग लेकर एक पोटली बना लें। फिर इस पोटली को अपने घर के मुख्य दरवाजे पर लटका दें। कुछ दिनों बाद इस पोटली को उतार लें और काले कपड़े में रखी सभी सामग्री को बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे लाभ हो सकता है और ग्रह दोष से भी मुक्ति मिल सकती है।
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पितृ सूक्त का करें पाठ
ऋग्वेद में पितृ सूक्त एक मंत्र है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृ सूक्त का पाठ करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इसलिए दर्श अमावस्या के दिन पितृ सूक्त का पाठ करें। इसके अलावा आप यह पाठ ब्राह्मण द्वारा भी करवा सकते हैं।
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Image Credit- HerZindagi
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