Thu Sep 24, 2026 | Updated 10:16 PM IST

Maa Mahagauri Vrat Katha 2026: अष्टमी पर जरूर पढ़ें मां महागौरी की यह कथा, सुख-सौभाग्य का मिलेगा आशीर्वाद

आप भी अगर अष्टमी के दिन मां महागौरी का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हैं, तो ऐसे में आप इनकी व्रत कथा को जरूर पढ़ें। इसमें इनके जीवन का अच्छे से वर्णन किया गया है। 
Updated:- 2026-03-26, 06:10 IST
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चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन महाष्टमी आती है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा होती है। मां महागौरी शांत माता कहीं जाती हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई भी व्यक्ति इनकी व्रत कथा पढ़ लेता है, तो इससे उसके जीवन में ठहराव आ जाता है। साथ ही वो जो भी करता है उसका फल भी सकारात्मक प्राप्त होता है। इनकी कथा हमेशा तपस्या और अटूट विश्वास की प्रेरणा देती है। इसलिए आपको भी इनकी कथा अष्टमी के दिन जरूर पढ़नी चाहिए। आइए बताते हैं इनकी पौराणिक कथा।

मां महागौरी की पौराणिक व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने हजारों साल कठिन तपस्या की। इस तपस्या के समय उन्होंने अन्न, जल को त्याग दिया वो सिर्फ वायु और पत्तों का सेवन किया करती थी। इस तपस्या को करते-करते माता पार्वती का शरीर धूप,धूल, बारिश और ठंड के कारण काला पड़ने लगा था। उनके बाल जटाओं में बदलने लगे थे और मिट्टी से पूरी तरह ढकने लगी थी। उनकी इस श्रद्धा और अटूट विश्वास को देखते हुए भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए और उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया।

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कैसे माता पार्वती को कहा गया मां महागौरी?

जब भगवान शिव ने माता पार्वती को स्वीकार किया, तब उन्होंने गंगा के पवित्र जल से माता के शरीर को धोया। जैसे ही महादेव ने माता के काले शरीर पर गंगाजल डाला, उनका शरीर साफ हो गया। माता का वह रूप इतना प्रकाशमय था कि उससे चारों दिशाएं आलोकित हो उठीं। तभी से माता पार्वती के इस स्वरूप को महागौरी के नाम से जाना जाने लगा।

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मां महागौरी का स्वरूप और महत्व

  • मां महागौरी के चार हाथ हैं। ऊपर वाले दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है।
  • माता का यह रूप अत्यंत करुणामयी और ममतामयी है।
  • माता की आराधना करने से आपको संयम रखना आ जाता है।
  • मां महागौरी की कथा पढ़ने से आपके जीवन की परेशानियां दूर हो जाएंगी।

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मां महागौरी की यह कथा हमें सिखाती है कि यदि लक्ष्य नेक हो और संकल्प दृढ़, तो ईश्वर स्वयं हमारी सहायता करते हैं। इस अष्टमी मां महागौरी आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर कर आपको सुख-समृद्धि प्रदान करें। साथ ही मां की आरती और कथा जरूर पढ़ें।

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Image credit- Freepik/ Shutterstock

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