Thu Sep 24, 2026 | Updated 10:15 PM IST

Ashtami Kab Hai 2026: कब है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी? यहां जानें सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Navratri Ashtami Date 2026: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है और इस दिन मां महागौरी की पूजा तथा कन्या पूजन किया जाता है, लेकिन इस साल यानी 2026 में अष्टमी 25 या 26 मार्च कब मनाई जाएगी, इसे लेकर लोगों में दुविधा की स्थिति बनी हुई है। आइए यहां जानें अष्टमी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।
Updated:- 2026-03-25, 12:11 IST
chaitra navratri 2026 ashtami

हिंदू धर्म में किसी भी नवरात्रि तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन मुख्य रूप से दो नवरात्रि तिथियां मनाई जाती हैं। पहली नवरात्रि चैत्र महीने में मनाई जाती है और दूसरी अश्विन में पड़ने वाली शारदीय नवरात्रि होती है। नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा विधि पूर्वक की जाती है जिससे माता दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है। इन दोनों ही नवरात्रि तिथियों में सबसे मुख्य मानी जाती है अष्टमी तिथि। इस दिन माता दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा विधि पूर्वक की जाती है और माता को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय आजमाए जाते हैं। यही नहीं कुछ लोग अष्टमी तिथि के दिन ही कन्या पूजन करते हैं और नवरात्रि के व्रत का पारण करते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 25 मार्च को है या 26 मार्च को, इसे लेकर अभी भी संशय की स्थिति है। लोगों के मन में तिथि को लेकर कई सवाल हैं। आइए यहां ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि कब है? पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और इस तिथि का महत्व क्या है?

चैत्र नवरात्रि अष्टमी कब है? (Ashtami Kab Hai 2026)

chaitra navratri ki asthtami

  • हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 26 मार्च, गुरुवार के दिन पड़ेगी।
  • चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि आरंभ- 25 मार्च, बुधवार, दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से।
  • चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि समापन 26 मार्च, गुरुवार, प्रातः 11 बजकर 48 मिनट तक।
  • ऐसे में उदया तिथि की मानें तो चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 26 मार्च को ही मनाना शुभ होगा।

इसे भी पढ़ें: Chaitra Navratri Date 2026: 19 मार्च से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि, यहां जानें प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक का पूरा कैलेंडर

चैत्र नवरात्रि अष्टमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त (Ashtami Puja Muhurat 2026)

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि मां महागौरी को समर्पित होती है, इसलिए यदि आप इस दिन माता गौरा का पूजन सही विधि और शुभ मुहूर्त में करेंगी तो उसके पूर्ण फल मिलेंगे। चूंकि अष्टमी तिथि 26 मार्च प्रातः 11 बजकर 48 मिनट तक ही है, इसलिए आप इससे पहले ही माता गौरी की पूजा करें और माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि अष्टमी तिथि के दिन माता गौरी को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाने से वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याएं समाप्त होती हैं और यदि किसी कन्या के विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो वो भी दूर होती हैं।

चैत्र नवरात्रि 2026 कन्या पूजन शुभ मुहूर्त

kanya pujan muhurat

नवरात्रि के आठवें दिन कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं। अगर आप भी इस दिन कन्या पूजन करती हैं तो सही मुहूर्त की जानकारी होनी चाहिए।

  • पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के दिन कन्या पूजन के लिए दो मुहूर्त सबसे उत्तम रहेंगे।
  • पहला मुहूर्त: 26 मार्च, प्रातः 6:18 बजे से प्रातः 7:50 बजे तक
  • दूसरा मुहूर्त: प्रातः 10:55 से दोपहर 3:31 बजे तक
  • यदि आप इन दोनों में से किसी भी मुहूर्त में कन्या पूजन करेंगी तो आपके लिए फलदायी हो सकता है।

चैत्र नवरात्रि अष्टमी तिथि का महत्व क्या है?

significance of chaitra navratri

चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है और इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी का पूजन किया जाता है। इससे जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह तिथि कन्या पूजन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें नौ कन्याओं को भोज कराया जाता है। इस दिन की साधना से साधक को विशेष सिद्धि और मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। ऐसा कहा जाता है कि यदि भक्त इस दिन माता महागौरी का पूजन करते हैं और उनकी पूजा विधि पूर्वक करते हैं तो जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

अगर आप भी चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन माता दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा करती हैं, तो जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com

FAQ
अष्टमी तिथि कब से कब तक रहेगी?
अष्टमी तिथि का आरंभ 25 मार्च 2026 को होगा और अगले दिन 26 मार्च तक रहेगी। 
अष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
अष्टमी पूजा के लिए सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। विशेष रूप से प्रातः 6 बजे से 11 बजे के बीच पूजा और कन्या पूजन करना अच्छा माना जाता है।
कन्या पूजन अष्टमी को करें या नवमी को?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन अष्टमी और नवमी दोनों दिन किया जा सकता है, लेकिन अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।