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Adhika Purnima Vrat Date 2026: कब है अधिक पूर्णिमा व्रत? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

अधिक पूर्णिमा का दिन बेहद खास होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप भी सही तिथि, शुभ मुहूर्त को जानकर इस व्रत को करें, ताकि इसका सकारात्मक फल आपको प्राप्त हो।
Updated:- 2026-05-26, 17:15 IST
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हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक मास की शुरूआत पहले ही हो चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन भगवान की पूजा-अर्चना के लिए यह महीना बेहद खास होता है। इसी महीने में अधिक पूर्णिमा पड़ रही है। इस दिन कई सारे लोग व्रत रखते हैं और पूजा पाठ करते हैं। आप भी पूर्णिमा का व्रत रखती हैं, तो ऐसे में जरूरी है कि आप सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में जानें? ताकि आपकी पूजा भी अच्छे से पूरी हो सके। पंडित जन्मेश द्विवेदी ने इसकी पूरी जानकारी शेयर की है।

अधिक मास पूर्णिमा कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक मास की पूर्णिमा 30 मई को सुबह 11 बजकर 57 मिनट से शुरू हो रही है। 31 मई को दोपहर 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक अधिक पूर्णिमा का व्रत 30 मई को रखा जाएगा। वहीं स्नान दान आप 31 मई को भी कर सकती हैं, ताकि आपके सभी कार्य अच्छे से पूरे हो सकें और जीवन में सकारात्मकता बनी रहे।

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अधिक पूर्णिमा की शुभ तिथि

अधिक पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त जानकर आप भी इस दिन स्नान दान और अन्य कार्यों को कर सकती हैं। रवि योग 5 बजकर 24 मिनट से शुरू हो रहा है, जो 1 बजकर 20 मिनट तक रहने वाला है। 31 मई को स्नान दान आप अभिजीत मुहूर्त में कर सकती हैं। यह मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से शुरू हो रहा है और 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसी मुहूर्त में आप सभी कार्यों को कर सकती हैं।

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अधिक पूर्णिमा का महत्व

अधिक मास की पूर्णिमा तिथि को बेहद खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यही वो दिन है जब भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और चंद्र देव की कृपा हमें प्राप्त होती है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है, जिससे वातावरण में भी सकारात्कम ऊर्जा बढ़ती है। इस दिन लोग स्नान दान और पूर्णिमा का व्रत रखना सबसे ज्यादा शुभ मानते हैं, ताकि उनके ऊपर भी भगवान विष्णु और चंद्र भगवान की कृपा बनी रहे। आप इस दिन सत्यनारायण की कथा कर सकती हैं, जो काफी फलदायी होती है।

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