40 के बाद आपके घुटनों से आती है कट-कट की आवाज? बस करें ये 5 बदलाव और फर्क खुद देखें

अगर 40 की उम्र पार करने के बाद उठते-बैठते समय घुटनों में आवाज आती है या आपको सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल लगने लगा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह संकेत है कि आपके जोड़ों को सही देखभाल और पोषण की जरूरत है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ आसान और नेचुरल बदलाव बताएंगे, जिनसे आप अपने घुटनों को मजबूत बना सकती हैं और दर्द से राहत पा सकती हैं। इसके बारे में हमें डॉक्टर रमिता कौर बता रही हैं। वह न्यूट्रिशनिस्ट, डाइट और लाइफस्टाइल कंसल्टेंट हैं। डॉक्टर कौर के पास अपने क्लाइंट्स के लिए पर्सनलाइज्ड डाइट प्लान बनाने और लाइफस्टाइल कंसल्टेशन देने का 10 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। रमिता Nutriapt हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड पाखोवाल, पंजाब में प्रैक्टिस करती हैं।
सुबह का एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रिंक
घुटनों में दर्द, जकड़न या आवाज की समस्या को कम करने के लिए सुबह की शुरुआत सही तरीके से करना जरूरी है। आप रोज सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में ताजा अदरक, हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पिएं। यह नेचुरल ड्रिंक शरीर में मौजूद सूजन को कम करता है। इसके बाद 4-5 भीगे हुए बादाम खाएं, जो शरीर को हेल्दी फैट्स और न्यूट्रिशन देते हैं। यह कॉम्बिनेशन न सिर्फ जोड़ों के दर्द को अंदर से ठीक करता है, बल्कि इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है और शरीर को दिनभर एनर्जी देता है।

काले तिल का कमाल
आयुर्वेद में काले तिल को हड्डियों और जोड़ों के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसमें कैल्शियम,मैग्नीशियम, जिंक और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। रोज एक छोटा चम्मच काले तिल लेने से जोड़ों का लुब्रिकेशन बेहतर होता है, जिससे घुटनों की आवाज कम हो सकती है।
आप इसे सीधे खा सकती हैं या गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बनाकर भी ले सकती हैं। नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं और जोड़ों की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। हालांकि, गर्मियों में इसकी मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
अरंडी के तेल की थेरेपी
घुटनों के दर्द, सूजन और आवाज को कम करने के लिए अरंडी के तेल की मालिश पुराना और असरदार घरेलू उपाय है। इसके लिए आप अरंडी के तेल में एक चुटकी जायफल पाउडर मिलाकर हल्का गुनगुना करें। अब इस तेल से घुटनों पर हल्के हाथों से 10-15 मिनट तक मालिश करें। इसके बाद कपड़े से ढककर रातभर ऐसे ही छोड़ दें। यह थेरेपी गहराई तक जाकर जोड़ों को आराम देती है, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और सूजन व दर्द को कम करती है।

रिवर्स वॉकिंग (उल्टा चलना)
रोज किसी सुरक्षित जगह पर 5-10 मिनट पीछे की ओर चलें। ऐसा करने से घुटनों की मसल्स मजबूत होती हैं, बैलेंस बेहतर होता है और जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है।
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कोलेजन रिच फूड्स शामिल करें
घुटनों से कट-कट जैसी आवाज को कम करने के लिए आपको डाइट में कोलेजन से भरपूर फूड्स को शामिल करना चाहिए। इस लिस्ट में अंडे, मछली, बादाम, कद्दू के बीज, अलसी, सूरजमुखी के बीज जैसे फूड्स शामिल होते हैं। ये कार्टिलेज और जोड़ों को पोषण देते हैं।

इन छोटे-छोटे बदलाव से आपको बड़ा फर्क दिख सकता है, लेकिन कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। हर किसी का शरीर अलग तरह का होता है।
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- घुटनों में उठते-बैठते समय आवाज क्यों आती है?
- यह जोड़ों में लुब्रिकेशन की कमी, कार्टिलेज के घिसने या मसल्स की कमजोरी का संकेत हो सकता है।
- काले तिल घुटनों के लिए कैसे फायदेमंद हैं?
- काले तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और जोड़ों का लुब्रिकेशन बेहतर करते हैं।
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