वो जमाना गया, जब पासपोर्ट बनवाने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था, तमाम दस्तावेजों को इकट्ठा करना पड़ता था, लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ता था। अगर आप अपना हनीमून प्लान कर रही हैं या फिर पार्टनर के साथ वैकेशन प्लान कर रही हैं तो आपके लिए पासपोर्ट बनवाना हो गया है काफी आसान। भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए जो नए नियम बने हैं, उनमें प्रक्रिया को काफी आसान बनाया गया है, इससे आप इत्मीनान से अपने ट्रैवल प्लान पर फोकस कर सकती हैं। तो आइए जानते हैं कि भारतीय पासपोर्ट बनवाने से जुड़े कौन से नए नियम बने हैं-

वीजा के लिए कहीं से भी दे सकती हैं एप्लिकेशन

passport making got easier inside

नए नियम के हिसाब से आप भारत के किसी भी कोने से पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकती हैं। यहां इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां रहती हैं। उदाहरण के लिए अगर आप अगर आप मुंबई की रहने वाली हैं और कुछ समय के लिए दिल्ली रह रही हैं तो आप मुंबई के पासपोर्ट सेवा केंद्र में पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकती हैं। इसका आवेदन आप ऐप के जरिए भी दे सकती हैं। अप्लाई करने के साथ आप पासपोर्ट के लिए आईओएस और एंड्रॉएड प्लेटफॉर्म्स पर अपॉइंटमेंट भी शिड्यूल कर सकती हैं।  

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डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के लिए कई तरीके

पहले प्रावधान था कि 26 जनवरी 1989 और उसके बाद पैदा होने वालों को प्रूफ के तौर पर अपना बर्थ सर्टिफिकेट देना पड़ता था। अब अप्लाई करने वाली महिलाएं इनमें से कोई भी डॉक्यूमेंट दे सकती हैं-

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • इलेक्शन फोटो आइडेंटिटी कार्ड

सरकारी अफसरों के सर्विस रिकॉर्ड की कॉपी या पे पेंशन ऑर्डर (रिटायर्ड सरकारी अफसरों के लिए), किसी पब्लिक लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन/कंपनी की तरफ से जारी किया गया पॉलिसी बॉन्ड, जिस पर डेट ऑफ बर्थ का जिक्र हो

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बच्चों के लिए भी पासपोर्ट बनवाने में हुई सुविधा

  • सिंगल पेरेंट के लिए आसानी
  • नए ऑनलाइन पासपोर्ट एप्लिकेशन फॉर्म में सिर्फ एक पेरेंट/लीगल गार्जन के नाम की जरूरत होती है। इससे सिंगल मदर भी अपने बच्चे के लिए अपने नाम से पासपोर्ट के लिए अप्लाई कर सकती है। 
  • बिना पेरेंट्स वाले बच्चों के पासपोर्ट बनवाने की भी सुविधा
  • अनाथ बच्चे, जिनकी डेट ऑफ बर्थ का कोई प्रूफ (बर्थ सर्टिफिकेट) नहीं है, उनके लिए भी नए नियमों के तहत पासपोर्ट बनवाना सुविधाजनक हो गया है। ऐसे बच्चे अनाथालय के लेटर हैड से अपनी डेट ऑफ बर्थ का प्रमाण दे सकते हैं। 

कम हुई एनेक्सी की संख्या

पहले 15 एनेक्सी भरना अनिवार्य हुआ करता था और इन्हें किसी अफसर से साइन कराना काफी बड़ा काम हुआ करता था। लेकिन अब कुल एनेक्सी की संख्या 15 से घटाकर 9 कर दी गई है। 

कपल्स और डाइवोर्सी महिलाओं के लिए सुविधा

मैरिज सर्टिफिकेट पर मुहर लगवाने के लिए पहले महिलाओं को लंबी कतारों में लगना पड़ता था और काफी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। अगर आप शादीशुदा हैं तो आपको मैरिज सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है। तलाकशुदा महिलाओं के लिए भी डाइवोर्स सर्टिफिकेट या पूर्व पति का नाम देने की जरूरत नहीं है। 

एनओसी का झंझट खत्म

एक समय में सरकारी अफसरों से आईडेंटिटी सर्टिफिकेट (एनेक्सी बी)/ एनओसी (एनेक्चर M) लेना जरूरी था, लेकिन अब सरकारी अफसर के लिए अरजेंट बेसिस पर पासपोर्ट बनवाने की सुविधा दी गई है। इसके तहत एनेक्शचर N के साथ एक सेल्फ डिक्लेरेशन दिया जा सकता है, जिसमें आप बता सकती हैं कि आपने अपने इंप्लॉयर को इन्फॉर्म कर दिया है।