खूबसूरत वादियों के चक्कर में कहीं जान न चली जाए, चकराता जाने वाले पर्यटक भूलकर भी न करें ये गलती

चकराता जाना सेफ है या नहीं, कई लोग इस ऑफबीट हिल स्टेशन पर जाने से पहले यह सवाल जरूर पूछते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यहां की ऊंचाई और मिलने वाली सुविधाएं हैं। अगर आप किसी लोकेशन पर जा रही हैं और आपको अच्छे नजारे के साथ-साथ अच्छी सड़कें और सुविधाएं भी मिलती हैं, तो सफर का मजा और भी दोगुना हो जाता है। चकराता एक ऐसा टूरिस्ट प्लेस है, जहां आपको भीड़ कम देखने को मिलेगी। ऐसे में जहां टूरिस्ट कम जा रहा है, क्या वहां सुविधाएं मिल पाएंगी? यह सवाल अभी भी लोग कर रहे हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको चकराता से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारी देंगे, जिसे आपको अपने यात्रा के दौरान जरूर ध्यान रखना चाहिए। अगर आपने इन बातों का ध्यान नहीं रखा, तो यह सफर आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
चकराता से जुड़ी जरूरी जानकारी
- चकराता की सड़कों की बात करें, तो मानसून के अलावा चकराता में आप कभी भी चले जाएं, आपको सड़कों पर यात्रा करने में परेशानी नहीं होगी। हालांकि, ध्यान रखें कि यहां की सड़कें बहुत ज्यादा चौड़ी नहीं है। 2 गाड़ियां निकल सकती हैं, लेकिन मोड़ आने पर 2 गाड़ियों के एक साथ निकलने में थोड़ी दिक्कत महसूस होती है।
- अगर बस के साथ कार सड़क पर आ जाए, तो गाड़ी निकालना कई जगहों पर बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सड़कों पर स्पेस बहुत कम होता है।

- चकराता का सफर रात में करना बहुत ज्यादा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि सड़कों पर स्ट्रीट लाइट नहीं मिलेगी। ऐसे में पतली पहाड़ी सड़कों पर गाड़ी चलाने में परेशानी आती है। कोशिश करें कि आप दिन में ही यात्रा करें। आप सेफ यात्रा चाहती हैं, तो आपके लिए दिन में चकराता पहुंचना सेफ होगा।
- चकराता में होटल की बात करें, तो बहुत ज्यादा होटल या रिसॉर्ट नहीं है। कुछ रिसॉर्ट ऐसे हैं, जो ढलान वाली जगहों पर बने हुए हैं। ऐसे में चार पहिया गाड़ी को नीचे उतारने और चढ़ाने में परेशानी होती है।
- होटल बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए ये सोचकर आधी रात में गाड़ी न चलाएं कि आगे जाकर होटल ले लेंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि पूरे-पूरे रास्ते में आपको होटल दिखेंगे ही नहीं।

- चकराता से पहले कलसी गांव है, जहां आपको कुछ गिने-चुने होटल दिखेंगे। इसके बाद आपको टाइगर वॉटरफॉल, मोइला टॉप और रास्ते में पड़ने वाले कुछ छोटे गांव में होटल देखने को मिल जाएंगे।
- देहरादून के रास्ते से चकराता जाने वाले लोगों के लिए बेहतर होगी कि वह सुबह 6 बजे अपनी यात्रा की शुरुआत करें और लगभग 10 बजे तक चकराता पहुंच जाएं। इसके बाद आप मोइला टॉप और टाइगर वॉटर फॉल्स का नजारा भी देखने जा सकते हैं। ध्यान रखें के ये जगहें लगभग 4 से 5 बजे तक ही खुला रहता है।
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- अगर आप मोइला टॉप जा रहे हैं, तो लगभग 5 बजे आपको वहां से वापसी चकराता की और आ जाना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि मोइला टॉप में रात में लाइटें नहीं जलती। अंधेरा होने के बाद आपको वहां कुछ नजर नहीं आने वाला। ऐसे में रात में आपको कोई मदद नहीं मिल पाएगी। रात में आपको ऊपर रास्ता ढूंढने में भी दिक्कत हो सकती है, क्योंकि जंगल एरिया होने की वजह से वहां फोन का टॉर्च भी ज्यादा काम नहीं आ पाता।
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- चकराता पहुंचने के लिए सबसे जरूरी है, आपकी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल। ऐसा इसलिए, क्योंकि आपको वहां ज्यादा पेट्रोल पंप नहीं मिलने वाले। इसके साथ ही खाने-पीने के स्टॉल भी ज्यादा नहीं आने वाले।
- कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां फोटोग्राफी मना है। इसके साथ ही, चकराता में विदेशी नागरिकों का आना भी मना है। मसूरी के पास घूमने के लिए यह अच्छी जगह में से एक है, लेकिन सेफ्टी रखना जरूरी है।
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