यंग लेडीज जब फैशनेबल ड्रेसेस पहनती हैं तो उनकी खूब वाहवाही होती है, जमकर तारीफ की जाती है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे महिलाओं को उनकी ड्रेसिंग के लिए तरह-तरह की सलाह मिलने लगती है। पिछले दिनों मलाइका अरोड़ा खान को sensual और revealing ड्रेसेस पहनने के लिए काफी ट्रोल दिया गया। मलाइका मॉडल रह चुकी हैं और बॉलीवुड की कई फिल्मों में वह आइटम सॉन्ग भी कर चुकी हैं। मलाइका को उनके ग्लैमरस लुक्स और स्टाइल के लिए हमेशा सराहना मिली है। लेकिन पिछले दिनों अर्जुन कपूर के साथ उनकी रिलेशनशिप के मद्देनजर उनकी ड्रेसिंग को ट्रोल किया जाना किसी भी लिहाज से सही नहीं माना जा सकता। चाहें सेलेब्स हों या आम महिला, दूसरे लोगों की सोच से प्रभावित होकर ड्रेस पहनना सही अप्रोच नहीं है। महिलाओं को ड्रेस पहनने के मामले में किसी तरह के दबाव में नहीं आना चाहिए और वही पहनना चाहिए जो उन्हें सही लगता है, फिर चाहें वह यंग एज की ड्रेस हो या शालीन दिखने वाली ड्रेस
जिंदगी एक बार ही मिलती है
जिंदगी बार-बार नहीं मिलती। हर उम्र में महिलाएं लाइफ के एक अलग पड़ाव को एंजॉय करती हैं, फिर चाहें वह कॉलेज लाइफ हो, ऑफिस के साथ दोस्तों के साथ बिताई गई प्रोफेशनल लाइफ हो या फिर प्रेग्नेंसी और उसके बाद बच्चे के साथ बिताए गए अनमोल पल। हर वक्त का अपना अहसास होता है, जो जिंदगी में दोबारा नहीं आता और हमारी ड्रेसिंग भी हमारे एक्सपीरियंस की एक अहम कड़ी होती है और इसीलिए हर वक्त को खुलकर जीना चाहिए।
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ड्रेसेस के साथ एक्सपेरिमेंट करने में आता है मजा
चाहें फ्लोई ड्रेसेस हों या गाउन्स, शरारा हो या शॉर्ट स्कर्ट्स हर तरह के ड्रेस में लुक अलग तरह से निखरकर सामने आता है। ऐसे में लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से महिलाओं को खुद को एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है, साथ ही वे अपने लुक्स से बोर भी नहीं होतीं। अलग-अलग लुक्स में अपने करीबियों, दोस्तों और प्रोफेशन्स के बीच जाने से महिलाओं को जबरदस्त कॉन्फिडेंस का अहसास होता है।
भीतरी खूबसूरती को पहचानने का मौका
महिलाएं जब मेंटेन होकर रहती हैं तो लाइफ के तमाम स्ट्रगल्स का सामना करते हुए भी उन्हें खुद को लेकर एक खुशनुमा अहसास होता है। अपने काम से अपने व्यवहार से जो इंपैक्ट महिलाएं क्रिएट करती हैं, वह उनके वजूद पर असर डालता है। खूबसूरती के पैमानों पर खरी ना उतर पाने के बावजूद ऐसी महिलाएं हंसती-मुस्कुराती और जीवन से भरपूर नजर आती हैं और जहां-कहीं भी होती हैं, अपनी मौजूदगी का अहसास सशक्त तरीके से कराती हैं।
खुश रहना है जरूरी
हर महिला के लिए सहज और खुश रहना बेहद जरूरी है। फैशन और ड्रेसिंग के मामले में हर महिला की सोच अलग होती है। जरूरी नहीं कि पारंपरिक ड्रेसिंग हर महिला को अपील करे या मॉडर्न ड्रेसेस में हर महिला खुद को देखना चाहे। बहुत सी महिलाएं साड़ी और सूट जैसी ट्रडीशनल को खूबसूरत तरीके से कैरी करती हैं तो वहीं बहुत सी महिलाएं फ्यूशन ड्रेसेस को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं। आप जिस तरह की ड्रेस पहनना पसंद करती हैं, वैसी ही पहनें, क्योंकि तभी अपनी ड्रेसिंग को लेकर पूरी तरह से कंफर्टेबल हो सकती हैं।
बॉडी शेमिंग सही नहीं है
बहुत सी महिलाएं बॉडी शेमिंग की शिकार होती है। कोई ज्यादा मोटे होने तो कोई बहुत पतले होने, कोई लंबे होने तो कोई बहुत छोटे होने को लेकर कमेंट सुनती हैं। लेकिन इस तरह के कमेंट करना लोगों की आदत होती है और वे इस बात को लेकर बहुत फिक्रमंद नहीं होते कि वे अपने नेगेटिव कमेंट्स से किसी भी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसी के बॉडी शेमिंग करने पर उनसे प्रभावित होने का तुक नहीं बनता। ऐसे लोगों की पुरजोर आलोचना की जानी चाहिए और ड्रेसिंग के मामले में पूरी तरह से इंडिपेंडेंट सोच होनी चाहिए।
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