घर में किसी की मृत्यु हो जाने पर क्यों नहीं छूते हैं बड़ों के पैर?

भारतीय संस्कृति में पैर छूने की परंपरा को बहुत महत्व दिया जाता है। इसे न केवल सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका माना जाता है, बल्कि यह आशीर्वाद प्राप्त करने का भी एक माध्यम है। जब हम किसी बड़े या सम्मानीय व्यक्ति के पैर छूते हैं, तो हम उनके प्रति अपना आदर और सम्मान प्रकट करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर घर में किसी की मृत्यु हो जाती है तो उस दौरान किसी भी व्यक्ति के पैर छूने की मनाही होती है। आइए इसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानते हैं। 
why we should not touch elders feet when someone dies at family
why we should not touch elders feet when someone dies at family

हिंदू धर्म में बड़ों और सम्मानीय व्यक्तियों के चरण स्पर्श करना एक प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपरा है। इसे सम्मान और आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रतीक माना जाता है। ह माना जाता है कि बड़ों के पैर छूने से उनका आशीर्वाद मिलता है, जो सुख और समृद्धि लाता है। र छूने की क्रिया व्यक्ति में विनम्रता और अहंकार को कम करती है। ऐसा माना जाता है कि जब हम बड़ों के पैर छूते हैं, तो उनकी सकारात्मक ऊर्जा हम में प्रवेश करती है। पैर छूना बेहद शुभ माना गया है, लेकिन अगर घर में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उस दौरान चरण स्पर्श करने की मनाही होती है। आखिर ऐसे पैर छूने के लिए क्यों मना करते हैं। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के दौरान घर के सदस्यों के पैर छूना क्यों होता है वर्जित?

CHARAN SPARSH

घर में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उस दौरान सूतक काल लग जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल एक अशुभ समय होता है। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि सूतक काल में किए गए कार्य नकारात्मक फल लेकर आते हैं। आपको बता दें, किसी व्यक्ति के मृत्यु पर उस मृतक के पैर जरूर छूने चाहिए। क्योंकि वह आत्मा परात्मा से मिलने जा रहा है और उसे सभी कार्य पृथ्वीलोक पर समाप्त हो चुके हैं। इस दौराम मृतक के पैर से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है, लेकिन परिवार के किसी सदस्य के उस दौरान चरण स्पर्श नहीं करने चाहिए। इसे शुभ नहीं माना जाता है। वहीं ऐसा कहा जाता है कि मृत्यु के बाद आत्माएं घर में ही रहती हैं। ऐसे में, बड़ों के पैर छूने से मृतक की आत्मा को शांति नहीं मिलती है और उनका अनादर होता है। वैसे के घर में परंपराएं अलग-अलग होती है, लेकिन अधिकतर परिवार में किसी की मृत्यु होने पर चरण स्पर्श करना वर्जित होता है।

श्मशान से लौटते वक्त भी किसी के पैर नहीं छूने चाहिए?

Feet Touch

हिंदू धर्म में, श्मशान घाट से लौटने वाले व्यक्ति को अशुद्ध माना जाता है। इसलिए, ऐसे व्यक्ति को किसी को भी अपना पैर नहीं छूने देना चाहिए, भले ही वह व्यक्ति कितना ही छोटा या निम्न पद पर क्यों न हो। शास्त्रों के अनुसार, श्मशान से लौटने वाले व्यक्ति के पैर छूने से दोनों ही व्यक्तियों को हानि हो सकती है। बता दें, जब तक व्यक्ति स्नान न कर ले, तब तक उसे किसी भी धार्मिक कार्य में भाग नहीं लेना चाहिए।

इसे जरूर पढ़ें - परिवार में किसी की मृत्यु होने पर क्यों होती है पूजा-पाठ की मनाही, जाने क्या कहता है शास्त्र

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Image Credit- HerZindagi

HerZindagi Video

HzLogo

HerZindagi ऐप के साथ पाएं हेल्थ, फिटनेस और ब्यूटी से जुड़ी हर जानकारी, सीधे आपके फोन पर! आज ही डाउनलोड करें और बनाएं अपनी जिंदगी को और बेहतर!

GET APP