Mon Oct 12, 2026 | Updated 12:49 PM IST

Mahabharat Katha: किस श्राप के कारण अर्जुन बन गए थे किन्नर?

यह तो हम सभी जानते हैं कि महाभारत काल में एक समय ऐसा भी आया था जब अर्जुन को किन्नर का रूप धारण करना पड़ा था। ऐसा माना जाता है कि अर्जुन के किन्नर बनने के पीछे एक श्राप की कहानी है।    
Updated:- 2023-05-31, 15:27 IST
image

Arjun Kyu Bana Tha Kinnar: महाभारत काल में एक समय ऐसा भी आया था जब अर्जुन को किन्नर का रूप धर कौरवों से छुपना पड़ा था। 

महाभारत के अनुसार, ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं हुआ था क्योंकि पांडव कौरवों से जुए में हार गए थे और उन्हें 13 वर्ष के अज्ञातवास के लिए छुपना था।

बल्कि एक कारण वो श्राप भी था जो अर्जुन को एक अप्सरा से मिला था। उसी भयंकर श्राप के कारन अर्जुन ने किन्नर वाला जीवन 1 वर्ष के लिए जिया था।

ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स ने हमें अर्जुन और उस अप्सरा से जुड़े श्राप के बारे में रोचक बातें बताईं जो आज हम आपके साथ साझा करेंगे। 

  • माता कुंती ने पति पांडू संग इंद्र देव के मंत्रों का जाप कर अर्जुन को पुत्र रूप में प्राप्त किया था। 
  • अर्जुन इंद्रदेव के देव पुत्र माने जाते हैं। एक बार अर्जुन (अर्जुन को उनके अपने बेटे ने क्यों मारा था) पिता इंद्रदेव से मिलने देव सभा पहुंचे।
  • उस समय उर्वशी नाम की अप्सरा देवों की सभा में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहीं थीं। 

यह भी पढ़ें: Mahabharat Katha: 18 दिन तक ही क्यों चला था महाभारत का युद्ध?

  • उर्वशी स्वर्गलोक की सबसे सुंदर अप्सरा मानी जाती हैं और उनका पद सबसे ऊंचा है। 
  • उर्वशी ने जब अर्जुन को देखा तो उन्हें देख वह मोहित हो गईं और उन्हें रिझाने लगीं। 

why arjun became transgender in hindi

  • उर्वशी ने अर्जुन को विवाह का प्रस्ताव रखा और अर्जुन को मनाने की कई कोशिशें की। 
  • हालांकि अर्जुन को उर्वशी में कोई रुचि नहीं थी। वह उर्वशी को माता मानते थे। 
  • अर्जुन ने उर्वशी की इच्छा नकार दी और उर्वशी ने क्रोध में आकर अर्जुन को श्राप दे दिया।
  • उर्वशी ने अर्जुन को किन्नर रूप में धरती पर रहने और नपुंसक होने का श्राप दिया था। 

why arjun became transgender

  • अर्जुन ने यह बात इंद्रदेव (कैसे मिला इंद्रदेव को वज्रास्त) को बताई तब इंद्रदेव ने उर्वशी को शांत किया।  
  • तब उर्वशी ने अर्जुन को वरदान देते हुए श्राप के नियमों में बदलाव किया।

यह भी पढ़ें: Mahabharat Katha: जब महाभारत युद्ध के खिलाफ कौरवों के इस योद्धा ने किया था आमरण अनशन

  • उर्वशी ने कहा कि अर्जुन अपनी जरूरत के हिसाब से इस श्राप का प्रयोग कर सकेंगे।
  • साथ ही, उर्वशी ने यह भी कहा कि इस श्राप की अवधि मात्र एक साल होगी।
  • इसके बाद अर्जुन ने इस श्राप का प्रयोग अज्ञातवास के दौरान किया था। 

 

तो इस कारण से अर्जुन को बनना पड़ा था किन्नर। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: freepik, pinterest

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।