आमतौर पर यह माना जाता है कि महिलाएं किसी भी बात को लेकर पुरूषों की अपेक्षा अधिक सोचती हैं। यह बात कितनी सच है, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन यह तो काफी हद तक सही है कि सोच-समझकर कोई कदम आगे बढ़ाने या फिर फैसला लेने से बाद में पछताना नहीं पड़ता। हालांकि किसी विषय के बारे में सोचने और जरूरत से ज्यादा सोचते रहने में फर्क होता है। 

जब आप एक ही बात को लेकर हर वक्त विचार करती रहती हैं तो वह विचार ना सिर्फ उन्हें मानसिक रूप से डिस्टर्ब करता है, बल्कि इससे उनकी प्राडक्टिविटी की भी कम होने लगती है। इतना ही नहीं, ओवर थिंकिंग के कारण कभी-कभी आप एक छोटी सी बात को काफी बड़ा बना लेती है और यह आपको परेशान करता है। हो सकता है कि आप भी ओवरथिंकिंग की शिकार हों और आपको इस बारे में पता ही ना हो। आपकी इस आदत ने आपका सुख-चैन छीन लिया हो। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको उन संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो यह बताते हैं कि आप एक ओवर थिंकर हैं-

जरूरत से ज्यादा चिंता करना

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जो महिलाएं ओवर थिंकर होती हैं, वह अक्सर जरूरत से ज्यादा ही चिंता करती हैं। आलम यह है कि वह अक्सर उन चीजों के बारे में भी चिंता करती है, जिन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं होता है। कभी वह पास्ट में की गई चीजों को लेकर तो कभी सुखद भविष्य की चाहत में अपना वर्तमान ही खराब कर लेती हैं।

सोने में कठिनाई

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यह एक आम संकेत है, जो हर ओवर थिंकर में पाया जाता है। ऐसे लोगों को अक्सर सोने में परेशानी होती है, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि उनका दिमाग बंद नहीं होगा। वह बिस्तर पर जाने के बाद भी किसी एक ही विषय या बात को लेकर घंटों तक सोचती रहती हैं। वह अपने अनुसार उस स्थिति के परिणाम व अर्थ तय कर लेती हैं। (ये 11 अच्छी आदतें अपने बच्चों को जरूर सिखाएं)

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एक ही सवाल करता है परेशान

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जो महिलाएं ओवर थिंकर होती हैं, उनके दिमाग में अक्सर एक ही सवाल घूमता रहता है। और वह है - क्या अगर....? वह पहले हुई चीजों से लेकर भविष्य में होने वाली घटनाओं को लेकर यही सोचती हैं। मसलन, क्या अगर मैंने उससे यह कहा होता तो वह शायद वैसा नहीं करता। या फिर क्या अगर मैं ऐसा करूं तो उसका परिणाम यह होगा। क्या अगर मेरे मन के मुताबिक काम नहीं हुआ तो मैं क्या करूंगी? इस तरह के तरह-तरह सवाल उन्हें व उनके दिमाग को कभी भी शांत नहीं बैठने देते। (ऑफिस से घर आते समय करें ये 5 चीजें)

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समय यूं ही बर्बाद करना

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यह भी एक ओवरथिंकर व्यक्ति की पहचान है। वह अपना अत्यधिक समय दूसरों की बातें सोचने में खर्च कर देती हैं, जिससे उनकी प्रॉडक्टिविटी कम होने लगती है। वह अपने अधिकतर समय में उन चीजों का मतलब समझने में लगाती हैं, जो लोग कहते हैं या घटित होती हैं। कभी-कभ तो वह एक सामान्य सी बात या घटना को भी अपनी सोच के कारण एक अलग नजरिए से देखती हैं और परेशान होती हैं। (टेंशन करना छोड़ दें तो जिंदगी हो जाएगी बेहतर)

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दुनिया से अनजान होना

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एक ओवर थिंकर व्यक्ति कभी-कभी शारीरिक रूप से तो किसी स्थान पर मौजूद होता है, लेकिन मानसिक रूप से नहीं। वह अपनी ही अलग सोच की दुनिया में होता है और इसलिए उन्हें अक्सर इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि उनके आस-पास क्या हो रहा है क्योंकि वे अतीत में घटित हो चुकी या फिर भविष्य में होने वाली चीजों को लेकर चिंता कर रहे होते हैं।

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