लड़की की शादी होते ही, उसकी identity का कोई मोल नहीं रह जाता। सबको एक ही बात की खुशी होती है कि चलों लड़की अपने घर पहुंच गई। मगर शादी के बाद कई लड़कियों की आजादी छिन जाती है। बाकी चीजों के साथ वे शादी के बाद फाइनेंशियल फ्रीडम भी खो देती हैं। नौकरी छोड़ देना, अपना कोई इंश्योरेंस न होना, घर के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर ध्यान न देना, ये सब आम बात है और ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि ये सारी चीजें शादी के बाद आपके पति मैनेज करने लगते हैं। यही वजह है कि जब जीवन में कोई मुश्किल आती है, या आपसी रिश्ते टूटते हैं, तो महिलाओं को बाद में चीजें मैनेज करने में परेशानी होती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं न सिर्फ फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग हों, बल्कि वित्तीय मामलों को लेकर पूरी तरह सजग रहें। शादी के बाद भी आपको कुछ चीजों पर नियंत्रण खुद करना जरूरी हैं। यहां हम आपको ऐसे कुछ स्टेप्स बता रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर आप फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग होंगी।

नौकरी बिल्कुल न छोड़ें

job is important

महिलाओं को शादी के बाद नौकरी छोड़ने की जल्दी रहती है। घर संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे संभालने के लिए आपको मेहनत करनी होती है। मगर जल्दबाजी में अपनी नौकरी छोड़ देना गलत फैसला हो सकता है। कई लड़कियां शादी के बाद नए शहर में शिफ्ट होती हैं, इसलिए नौकरी छोड़ देती हैं। इसकी बजाय खुद को समय दें और नई नौकरी की तलाश करें। आप चाहें तो फ्रीलांसिंग को भी करियर बना सकती हैं या अपने छोटे-मोटे बिजनेस के बारे में सोच सकती हैं। शुरुआती दौर में वित्तीय स्वतंत्रता और बी महत्वपूर्ण है। घर की छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आपको किसी पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। वहीं अगर कल ऐसी कोई स्थिति आती है, जिसमें आपको अकेले चीजें संभालनी पड़ती है, तो आप वो भी आसानी से मैनेज कर सकेंगी।

आपकी सबसे बड़ी ताकत है आपका स्त्रीधन

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हर महिला को यह समझना जरूरी है कि उसको स्त्रीधन बहुत संभालने रखना चाहिए, क्योंकि मुश्किल समय में यही आपके काम आता है। कोई भी चल और अचल संपत्ति जो आपको आपके परिवार से या आपके पति और उनके परिवार की ओर से मिली हो, कोई तोहफा या आभूषण, ये सब आपका है। जिस तरह विवाह के समय एक लड़की के परिवार द्वारा लड़के को उपहार में दिए गए आभूषण और अन्य कीमती सामान दहेज के हिस्से के रूप में उसकी संपत्ति बन जाती है, ठीक वैसे ही लड़के के परिवार से आपको मिला कीमती सामान स्त्रीधन कहलाता है। इसलिए इसे अपने पास सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आप फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट रहेंगी।

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आप भी हों घर की को-ओनर

co owner of house

अगर आप संयुक्त रूप से अपनी संपत्ति का निर्माण कर रही हैं, तो आपको उसका को-ओनर होना जरूर चाहिए। या अगर सिर्फ आपके पैसे के उपयोग से किसी संपत्ति का निर्माण हो रहा है, तो जरूरी है कि यह केवल आपके नाम पर हो। अगर ऐसा है कि आप घर के लिए लोन ले रहे हैं और उसमें आप भी भागीदार हैं, तो घर आपके नाम पर भी होना चाहिए। यहां तक कि अगर जॉइंट फंड्स का इस्तेमाल शादीशुदा महिला के नाम पर उसके पति द्वारा कोई प्रोपर्टी खरीदने के लिए किया जाता है, तो यह उस महिला की ही प्रोपर्टी बन जाती है। इसके लिए आपको लीगल राइट्स के बारे में भी पता होना चाहिए।

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जरूरी है वित्तीय ज्ञान

be financially involved

हमेशा मनी मैनेजमेंट के मामलों में भागीदार बनें और सक्रिय रहें। यह जानने की कोशिश करें कि आपके पति ने कहां और कितना निवेश किया है। क्या चीजें आपके नाम पर हैं। उनके साथ बैठकर वित्तीय मामलों की बारीकियों को सीखें। जैसा कि कई महिलाएं शादी के बाद वित्तीय मामलों की ओर ध्यान देना छोड़ देती हैं और भविष्य में कोई मुश्किल आने पर वह चीजें मैनेज नहीं कर पाती हैं। अगर आप इन छोटी बातों को ध्यान रखेंगी तो भविष्य में आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा। घर के बजट को संभालने से आप शुरुआत कर सकती हैं। छोटी-छोटी सेविंग्स और इंवेस्टमेंट करना शुरू कीजिए और खुद को फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग और इंडिपेंडेंट बनाइए।

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