Nandi At Home: घर में है शिवलिंग तो नंदी को भी जरूर करें स्थापित, जानें नियम

Nandi At Home: आप में से बहुत से लोग शिव भक्त होंगे और घर में शिवलिंग की स्थापना भी की होगी। हम आपको हमेशा शिवलिंग की स्थापना से जुड़े नियम, शिवलिंग की पूजा से जुड़े नियम, शिवलिंग की उत्पत्ति की कथा आदि न जाने कितनी ही और ऐसी बातें शिवलिंग के बारे में बताते रहते हैं लेकिन आज हम आपको शिव जी के परम भक्त नंदी की स्थापना से जुड़े नियम बताने जा रहे हैं।
हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि जिस भी घर में शिवलिंग की स्थापना होती है उस घर में नंदी की स्थापना भी जरूर होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि नंदी शिव जी के प्रिय भक्त भी हैं और उनकी सवारी भी। शिव जी तक पहुंचने का जरिया नंदी जी ही हैं। तभी तो सभी शिवालयों के बाहर नंदी जी विराजमान हैं और उनके दर्शन किये बिना शिव जी के दर्शन अपूर्ण माने जाते हैं।
तो चलिए हमारे एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जानते हैं कि आखिर घर में शिवलिंग के साथ नंदी जी को कैसे स्थापित किया जाता है।
- नंदी की प्रतिमा सोमवार को ही खरीदें।
- अगर सोमवार के दिन संभव न हो तो बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार को भी नंदी की प्रतिमा खरीद सकते हैं।
- इसके बाद नंदी जी की प्रतिमा को कच्चे दूध और घी से स्नान कराएं। इससे प्रतिमा से सारे दोष दूर हो जाएंगे और मूर्ति पवित्र हो जाएगी।
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- फिर नंदी जी की प्रतिमा को जलाभिषेक कराएं और 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- इसके साथ ही नंदी जी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
- कुमकुम और अबीर आदि से नंदी जी की पूजा करें।
- इसके बाद उस दिन का लाभ का चौघड़िया देखकर जहां शिवलिंग (गमले में क्यों नहीं रखना चाहिए शिवलिंग) स्थापित है ठीक उसके समक्ष नंदी जी को भी स्थापित कर दें।
- याद रहे कि शिवलिंग के साथ कभी नंदी जी नहीं होते हैं बल्कि उनका स्थान शिवलिंग के सामने होता है।
- वहीं, नंदी जी का मुख शिवलिंग की ओर होता है।
- इसके अलावा, अगर आप चाहें तो अलग से एक चांदी के नंदी जी भी ला सकते हैं।
- नंदी जी की चंडी की प्रतिमा को तिजोरी या धन स्थान पर रखने का विधान है।
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- माना जाता है कि धन रखने वाली जगह पर नंदी जी की प्रतिमा होने से घर में मां लक्ष्मी (मां लक्ष्मी की पूजा के नियम) का वास बना रहता है।
- विशेष बात यह कि एक बार नंदी जी स्थापित हो जाएं तो उसके बाद उन्हें बार-बार हटाना अशुभ माना जाता है।
- इसलिए नंदी जी की मूर्ति को पहले ही ऐसे स्थान पर रखें जहां से उन्हें बार-बार हटाने की जरूरत न पड़े।
तो ये थे नंदी जी की प्रेम को स्थापित करने के नियम। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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